नई दिल्ली, 10 फरवरी (हि.स.)। उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार से कहा है कि वो ये पता लगाएं कि देश के विभिन्न हिस्से में बच्चों की गुमशुदगी के पीछे जो नेटवर्क है, वो देशभर में फैला है या राज्य स्तरीय समूह ही शामिल हैं। जस्टिस बीवी नागरत्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने केंद्र सरकार से पूछा कि क्या बच्चों की गुमशुदगी में कोई पैटर्न है या नहीं। इसके लिए केंद्र राज्यों से आंकड़े जुटाए।
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश एएसजी ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि कुछ राज्यों ने गुमशुदा बच्चों का आंकड़ा उपलब्ध कराया है, लेकिन करीब एक दर्जन राज्यों ने कोई आंकड़ा नहीं दिया है। भाटी ने कहा कि केंद्र सरकार किसी भी निष्कर्ष पर तभी पहुंच सकती है, जब उसके पास सभी आंकड़े मौजूद हों। उच्चतम न्यायालय ने भाटी को सलाह दी कि वे उन बच्चों का इंटरव्यू करें जिन्हें छुड़ाया गया है ताकि ये पता लग सके कि उनकी गुमशुदगी के पीछे कौन हैं।
उच्चतम न्यायालय ने उन राज्यों को फटकार लगाई जिन्होंने कोई आंकड़ा नहीं दिया था। कोर्ट ने कहा कि उन राज्यों पर कार्रवाई की जा सकती है जो आंकड़े नहीं दे रहे हैं। इस पर वरिष्ठ वकील अपर्णा भट्ट ने कहा कि केंद्र सरकार ने पहलकदमी की है और इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए जाने चाहिए कि सभी राज्य सरकारें आंकड़े उपलब्ध कराएं।
