
नई दिल्ली, 12 फ़रवरी (हि.स.)। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को प्रस्तावित भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते की रुपरेखा में भारत के अनुकूल हुए कुछ परिवर्तनों के बारे में कहा कि यह दोनों देशों के बीच बनी ‘साझा समझ’ के अनुरुप है। यह बदलाव दोनों देशों की ओर से जारी संयुक्त वक्तव्य को ही दर्शाते हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आज साप्ताहिक पत्रकार वार्ता में कहा कि पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार पर एक अंतरिम समझौते के ढांचे पर भारत-अमेरिका संयुक्त वक्तव्य 7 फरवरी को जारी किया गया था। यह संयुक्त वक्तव्य ही मुख्य ढांचा है और मामले में हमारी आपसी समझ का आधार है। अब दोनों पक्ष इस ढांचे को लागू करने और अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने, “अमेरिकी ‘फैक्ट शीट’ में किए गए संशोधन संयुक्त वक्तव्य में निहित साझा समझ को दर्शाते हैं।”
उल्लेखनीय है कि अमेरिका के राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस ने अपने पहले जारी ‘तथ्य पत्र’ में बदलाव करते हुए भारत को दालों के निर्यात का बिन्दु हटा दिया है। साथ ही भारत के 500 अरब डॉलर के माल आयात के संदर्भ में ‘प्रतिबद्धता’ शब्द को हटा कर उसके स्थान पर ‘इरादा’ कर दिया है।
भारत में दाल खरीद का मुद्दा संवेदनशील है और बड़ी मात्रा में अमेरिकी माल की खरीदारी पर प्रतिबद्धता को लेकर विपक्ष केन्द्र सरकार की आलोचना कर रहा था।
