राहत कैंप से लौट रही बिजली टीम पर प्रधान ने छोड़ा जर्मन शेफर्ड, पांच कर्मचारी घायल

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बांदा, 12 फ़रवरी (हि.स.)। सरकारी काम में बाधा डालने और दबंगई का एक सनसनीखेज मामला उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में सामने आया है। यहां विद्युत बिल राहत योजना के तहत कैंप लगाकर लौट रही टीम पर ग्राम प्रधान ने अपने समर्थकों के साथ जानलेवा हमला कर दिया। हद तो तब हो गई जब आरोपिताें ने बिजली कर्मियों पर अपना जर्मन शेफर्ड कुत्ता भी छोड़ दिया। मौके पर पुलिस के पहुंचने के बाद ही कर्मचारियों की जान बच सकी।

अवर अभियंता कमासिन के नेतृत्व में विद्युत विभाग की टीम ग्राम बंथरी के मजरा जमरेही नाथ में 11 फरवरी 2026 काे कैंप लगाया था। कैंप लगाकर ओटीएस पंजीकरण और राजस्व वसूली का कार्य कर रही थी। कार्य शांतिपूर्ण ढंग से निपटाकर जब टीम वापस लौट रही थी, तभी बाबूपुरवा मोड़ के पास ग्राम प्रधान बंथरी सोमनाथ शुक्ला ने चार पहिया वाहन से आकर टीम का रास्ता रोक लिया।

​आरोप है कि प्रधान और उसके समर्थकों ने टीम को घेरकर लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया। दहशत फैलाने के लिए आरोपिताें ने अपना पालतू जर्मन शेफर्ड कुत्ता भी कर्मचारियों पर छोड़ दिया। इस हिंसक हमले में 5 कर्मचारी बुरी तरह घायल हुए हैं। इनमें ​कल्लू (संविदा कर्मी),​ रामचरण, ​दिनेश,​मिठाई लाल और ​बच्छराज शामिल है।

इस संबंध में गुरुवार को बांदा के देहात काेतवाली के थानाध्यक्ष भास्कर मिश्रा ने बताया कि संविदा कर्मी कल्लू तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इनमें सोमनाथ शुक्ला (ग्राम प्रधान),​ राम प्रकाश यादव,​ दयाराम यादव व एक अज्ञात व्यक्ति शामिल है। ​थाना प्रभारी का कहना है कि आरोपिताें की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। वहीं, विद्युत विभाग ने दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की है ताकि कर्मचारी भविष्य में निडर होकर अपना काम कर सकें।

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