राजनाथ सिंह ने  सैनिकों के साथ बातचीत करके बढ़ाया हौसला

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– साइबर, अंतरिक्ष, ड्रोन से लेकर टीवी, अखबार और मोबाइल भी युद्ध भूमि का हिस्सा बने

नई दिल्ली, 15 जनवरी (हि.स.)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को सेना दिवस पर जयपुर में परेड के बाद जयपुर मिलिट्री स्टेशन पर सैनिकों के साथ बातचीत की। उन्होंने कहा कि अब युद्ध केवल आमने-सामने की गोलाबारी तक सीमित नहीं रहा। आधुनिक युद्ध कई प्रकार का हो चुका है। साइबर, अंतरिक्ष, ड्रोन से लेकर टीवी, अखबार और मोबाइल भी अब युद्ध भूमि का हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे समय में सिर्फ ताकतवर होना ही काफी नहीं है, समझदार और सतर्क होना भी उतना ही जरूरी है। इसलिये आज के सैनिक को सिर्फ शारीरिक रूप से ही फिट नहीं, बल्कि मानसिक और तकनीकी रूप से भी सक्षम होना चाहिए।

रक्षा मंत्री ने सैनिकों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि अभी कुछ ही महीने पहले ऑपरेशन ‘सिंदूर’ इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। जिस तरह से आपने युद्धभूमि की बदलती हुई परिस्थितियों के अनुसार खुद को उन्नत किया, वह अपने आप में अद्वितीय है। पूरे देश को आपके ऊपर गर्व है। आपकी वीरता के ही चलते दुश्मन कोई हिमाकत नहीं कर सका। यह सिर्फ एक सैन्य अभियान नहीं था। यह उस भरोसे का प्रमाण था, जो देश को अपनी सेनाओं पर है। हालात मुश्किल थे, दबाव भी था, लेकिन इन सबके बीच आपने संयम, एकजुटता और धैर्य दिखाया, वह अपने-आप में अभूतपूर्व था।

राजनाथ सिंह ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि मैं जब आप सबकी आंखों में देखता हूं, तो मुझे वह तेज दिखता है, वह भरोसा दिखता है, जो हमारी सेनाओं की असली पहचान है। चाहे हिमालय की बर्फीली ऊंचाइयां हों, थार का तपता रेगिस्तान हो, घने जंगल हों या फिर समुद्र का अथाह विस्तार हो, आप हर हाल में, हर मौसम में, हर परिस्थिति में देश की सीमाओं की रखवाली करते हैं। देश चैन की नींद इसीलिए सो पाता है, क्योंकि आप हमारी सीमाओं पर जाग रहे होते हैं। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में जिस बहादुरी और मुस्तैदी के साथ आपने पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई की, उसकी कल्पना भी कभी उन आतंकियों ने नहीं की होगी।

उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर हमारे स्वदेशी हथियारों की सफलता की दृष्टि में भी एक मील का पत्थर बन कर उभरा है। हमारे सैनिकों ने स्वदेशी हथियारों के माध्यम से अपना शौर्य दिखाया है। इसकी सफलता ने इस बात को एक बार फिर से रेखांकित किया है कि आने वाले वक्त में हमारे लिए आत्मनिर्भर होना कोई बड़ाई नहीं है, बल्कि अनिवार्यता है। हम अब तक आत्मनिर्भरता की राह में काफी आगे बढ़े हैं, पर इससे बहुत आगे का भी रास्ता हमें तय करना है। वैसे हमारी सेनाओं ने खुद ही आगे बढ़कर आत्मनिर्भरता के इस यज्ञ में अपनी आहुति दी है, लेकिन इन प्रयासों में और भी तेजी लाने की आवश्यकता है। हम सभी को एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत चाहिए। यह समय की जरूरत है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का भी यही प्रयास है कि आपके हाथ में गुणवत्ता वाला साजो सामान हो, जो भारत की जरूरतों के मुताबिक स्वदेश में ही बना हो। मुझे पूरा विश्वास है कि हमारी सेना भी आने वाले समय में निश्चित रूप से दुनिया की सर्वश्रेष्ठ सेना होगी। भारत का रक्षा क्षेत्र अब पूरी तरह से आत्मनिर्भर होने की राह में तेजी से आगे बढ़ रहा है। पिछले दस वर्षों में हमने जो मेहनत की है, उसका परिणाम आज हमें सामने दिखाई दे रहा है। 2014 में हमारा घरेलू रक्षा उत्पादन मात्र 46 हजार करोड़ रुपये था, लेकिन आज वही बढ़कर 1.5 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक हो चुका है!#rajnarh singh #indian army

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