मेट्रो रेल मार्ग में पतंगबाजी साबित हाे सकती जानलेवा

0
16

लखनऊ मेट्रो की अपील : मेट्रो कॉरिडोर के पास न उड़ाएं पतंग

लखनऊ, 13 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड के जनसंपर्क विभाग की ओर से मंगलवार काे जारी पत्र में कहा गया है कि वे मेट्रो कॉरिडोर के आसपास पतंग उड़ाने से परहेज करें। पूर्व में पतंगबाजी से मेट्रो परिचालन प्रभावित हुआ है, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा था।

यात्री सुरक्षा और मेट्रो सेवाओं के निर्बाध संचालन को ध्यान में रखते हुए लखनऊ मेट्रो ने मकर संक्रांति पर्व पर होने वाली पतंगबाजी को लेकर शुभकामनाएं देते हुए आमजन से मंगलवार को एक अपील की है।

उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड के जनसंपर्क विभाग की ओर से मंगलवार काे जारी पत्र में कहा गया है कि वे मेट्रो कॉरिडोर के आसपास पतंग उड़ाने से परहेज करें। पूर्व में पतंगबाजी से मेट्रो परिचालन प्रभावित हुआ है, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा था।

उल्लेखनीय है कि चीनी मांझा अथवा धातुयुक्त धागा विद्युत का सुचालक होता है। इसके उपयोग से शॉर्ट सर्किट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिससे जान-माल की हानि की आशंका के साथ-साथ मेट्रो की ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन (ओएचई) प्रणाली को भी गंभीर क्षति पहुंच सकती है।

धातुयुक्त धागा ओएचई में फंसने पर ट्रिपिंग की स्थिति बनती है, जिसके परिणामस्वरूप मेट्रो सेवाएं बाधित हो सकती हैं। ऐसी घटनाओं में पतंग उड़ाने वाले व्यक्तियों के घायल होने के मामले भी सामने आए हैं। प्रचलित नियमों के अंतर्गत मेट्रो संपत्ति को क्षति पहुंचाने पर मेट्रो रेलवे अधिनियम, 2002 की धारा 78 के तहत बिना वारंट के 10 वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है।

इसी को ध्यान में रखते हुए लखनऊ मेट्रो नागरिकों से अपील करता है कि वे चीनी मांझा अथवा तांबे के तार का प्रयोग न करें और मेट्रो कॉरिडोर के निकट पतंग उड़ाने से बचते हुए सुरक्षित एवं निर्बाध मेट्रो संचालन में सहयोग प्रदान करें।

जयपुर, 13 जनवरी (हि.स.)। मेट्रो के मानसरोवर से बड़ी चौपड़ मार्ग में रेल संचालन 25000 वोल्ट बिजली के तारों द्वारा किया जाता है, जिनमें लगातार 24 घंटे करंट चालू रहता है। यह बिजली के तार मेट्रो रूट पर सड़क से करीब 30 मीटर ऊंचाई तक है। यदि पतंग का मांझा इन बिजली के तारों में उलझ जाये तो कंरट इस मांझे से सीधे ही पतंग उडाने वाले तक पहुंच कर खतरनाक व जानलेवा साबित हो सकता है।

पतंगों एवं मांझे के कारण मेट्रो ट्रेन संचालन में बाधा उत्पन्न हो सकती है, गत वर्ष मकर संक्राति की अवधि में ऐसा हो चुका है।

जयपुर मेट्रो के अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक वैभव गालरिया ने मकर संक्राति की बधाई देते हुए सभी नागरिकों से मेट्रो रेल मार्ग के आसपास पतंगबाजी ना करने एवं हर्षोंल्लास के साथ सुरक्षित मकर संक्राति के उत्सव को मनाने की अपील की

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here