तीन मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में 302.89 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क: ईडी

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कोलकाता, 13 फरवरी (हि. स.)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को बताया कि उसने तीन अलग-अलग मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में कुल 302.89 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की हैं।

ईडी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सबसे बड़ी कार्रवाई अंडमान एवं निकोबार स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (एएनएससीबीएल) में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले में की गई है। इस मामले में 200.02 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की गई हैं।

आधिकारिक बयान में कहा गया है कि कुर्क की गई संपत्तियों में अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में स्थित होटल, रिसॉर्ट और भूमि के भूखंड शामिल हैं।

ईडी के अनुसार, इस कार्रवाई के साथ अब तक चिन्हित अपराध की आय का एक बड़ा हिस्सा सुरक्षित कर लिया गया है।

दूसरी सबसे बड़ी कार्रवाई 100.44 करोड़ रुपये की है, जो ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के लीजहोल्ड क्षेत्रों में कथित अवैध कोयला खनन और तस्करी से संबंधित है। ईसीएल, कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) की सहायक कंपनी है।ईडी ने अपने बयान में कहा कि आठ जनवरी 2026 को कोलकाता और दिल्ली में 10 स्थानों पर छापेमारी की गई थी। तलाशी के दौरान जब्त साक्ष्यों के आधार पर अपराध की आय को संबंधित संपत्तियों से जोड़ा गया। इस मामले में अब तक कुल कुर्की 322.71 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है।

तीसरे मामले में ईडी के कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालय ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत पीकेएस लिमिटेड और उसके निदेशकों, जिनमें स्वप्न कुमार साहा शामिल हैं, के खिलाफ अभियोजन शिकायत के आधार पर 2.43 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क की है। इससे पहले इस मामले में 27.88 करोड़ रुपये मूल्य की चल संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं और बैंक खातों को फ्रीज किया गया है।

इन तीनों मामलों में पश्चिम बंगाल का कोयला तस्करी मामला सबसे चर्चित बना हुआ है। पिछले महीने कोलकाता के साल्टलेक स्थित इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) के कार्यालय और मध्य कोलकाता के लाउडन स्ट्रीट स्थित आई-पैक के सह-संस्थापक प्रशांत जैन के आवास पर ईडी की समानांतर तलाशी कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया था।

तलाशी के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वरिष्ठ नौकरशाहों और पुलिस अधिकारियों के साथ दोनों स्थानों पर पहुंची थीं और बाद में कुछ दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक सामग्री अपने साथ ले गई थीं। यह मामला वर्तमान में उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है। पिछले महीने ईडी निदेशक राहुल नवीन ने भी कोलकाता का दौरा कर राज्य में चल रही कई चर्चित वित्तीय अनियमितताओं, जिनमें कोयला तस्करी जांच भी शामिल है, की समीक्षा की थी।

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