कुलियों पर हुए सर्वे की रिपोर्ट सार्वजनिक करे रेल मंत्रालय:राष्ट्रीय कुली मोर्चा

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👉12 फरवरी को राष्ट्रीय मजदूर विरोध का समर्थन

👉सांसदों से मिलकर रेल मंत्री को पत्र भेजने का निर्णय

लखनऊ। राष्ट्रीय कुली मोर्चा की पहल पर रेल मंत्रालय द्वारा कुलियों की आजीविका, सामाजिक सुरक्षा, रोजगार और रेलवे में हो रहे ढांचागत परिवर्तनों से जुड़े प्रश्नों पर कराई गई राष्ट्रीय जांच रिपोर्ट और इस पर हुई कार्रवाई को संसद के पटल पर रखने तथा सार्वजनिक करने की मांग को लेकर राष्ट्रीय कुली मोर्चा देशव्यापी अभियान चलाएगा। इसके तहत स्थानीय सांसदों से मिलकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र भेजने का आग्रह किया जाएगा।

यह निर्णय आज राष्ट्रीय कुली मोर्चा की आयोजित वर्चुअल राष्ट्रीय बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। बैठक में यह भी तय हुआ कि 12 फरवरी को देशभर में आयोजित राष्ट्रीय मजदूर विरोध कार्यक्रम को राष्ट्रीय कुली मोर्चा समर्थन देगा।

बैठक की जानकारी देते हुए राष्ट्रीय कुली मोर्चा के नेशनल कोऑर्डिनेटर राम सुरेश यादव ने बताया कि मोर्चा के लगातार प्रयासों के बाद 19 जून 2025 में रेल मंत्रालय, भारत सरकार ने कुलियों को रेलवे की नौकरी में समायोजित करने, शिक्षा-स्वास्थ्य सुविधाओं, विश्राम गृह, रेल पास, तथा निजीकरण के प्रयोग—जैसे माई कुली ऐप, ट्रॉली प्रथा, बैटरी कार आदि—के कारण कुलियों की जीवन-स्थितियों में हो रहे बदलावों पर पूरे देश में जांच कराई थी।

उन्होंने कहा कि उक्त जांच रिपोर्ट न तो अब तक संसद के पटल पर रखी गई है और न ही राष्ट्रीय कुली मोर्चा के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई गई है। साथ ही इस रिपोर्ट पर रेल मंत्रालय द्वारा की गई या की जा रही कार्यवाही की भी कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

अरविंद यादव ने बताया कि विगत शीतकालीन सत्र में लोकसभा में कुलियों की स्थिति से जुड़े प्रश्न माननीय सांसदों द्वारा उठाए गए थे, जिस पर रेल मंत्री ने यह उत्तर दिया कि रेलवे द्वारा कुलियों को शिक्षा, स्वास्थ्य, यूनिफॉर्म और विश्राम गृह जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जबकि जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है। जो सुविधाएं घोषित की गई हैं, वे अधिकांश स्थानों पर लागू नहीं हैं।

राम सुरेश यादव ने कहा कि रेलवे के तेज़ी से हो रहे निजीकरण और ढांचागत बदलावों के कारण कुलियों की आजीविका पर गंभीर संकट पैदा हो गया है। ऐसे में सरकार की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह भारतीय नागरिक होने के नाते कुलियों की आजीविका और जीवन-सुरक्षा की गारंटी करे। बावजूद इसके रेल मंत्री द्वारा कुलियों को रेलवे की नियमित नौकरी में समायोजित करने से साफ़ इंकार किया जा रहा है।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि बजट सत्र से पूर्व जनवरी माह में देशभर में अभियान चलाकर स्थानीय सांसदों, विधायकों, जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक दलों के प्रमुखों तथा गणमान्य नागरिकों से मुलाकात कर रेल मंत्री को पत्र भेजने का आग्रह किया जाएगा।

बैठक का संचालन राष्ट्रीय सह-कोऑर्डिनेटर चंदेश्वर मुखिया ने किया। बैठक में शेख रहमतुल्ला, जफर अहमद, चंद्रू चालवाडी, राहुल कुमार, राज कपूर, पंकज यादव, अरुण कुमार महतो, राजकुमार, कन्हैया ग्वाल, शांतनु मुखर्जी, नवी हुसैन, कमलेश यादव, मुबारक, संजय पासवान, भारत भूषण, अनिल सांवले, जगमोहन, शिवराम, अरविंद यादव सहित देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़े प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे।

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