आदेश से प्रभावित व्यक्ति ही दाखिल कर सकता है याचिका : हाईकोर्ट

0
1

–गैर पीड़ित व्यक्ति के पट्टा निरस्तीकरण की मांग में दाखिल याचिका खारिज

प्रयागराज, 14 फ़रवरी (हि.स.)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने जमीन का पट्टा निरस्त किए जाने की मांग में दाखिल याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी है कि कोई व्यक्ति जो किसी आदेश से पीड़ित अथवा प्रभावित नहीं है, तो वह चुनौती नहीं दे सकता,जब तक असाधारण परिस्थिति नहीं हो।

न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की एकलपीठ ने सुघर सिंह की याचिका पर यह आदेश दिया है। कन्नौज के सुघर सिंह ने याचिका दायर कर सरकारी दस्तावेज में बंजर भूमि के रूप में दर्ज जमीन प्रतिवादी इंद्रपाल तथा ममता देवी को कृषि भूमि बताते हुए किए गए पट्टा संबंधी आदेश रद्द करने की मांग की थी।

ग्राम उम्मेदपुरवा, मौजा अनौगी, परगना तहसील एवं जिला कन्नौज निवासी याची ने उत्तर प्रदेश जमींदारी उन्मूलन और भूमि सुधार अधिनियम 1950 के तहत विभिन्न धाराओं के तहत पट्टा आवंटन को चुनौती दी थी।

याची के अनुसार प्रतिवादियों इंद्रपाल तथा ममता देवी के पास पर्याप्त भूमि है। उसका कहना था कि चार जनवरी 2014 को प्रतिवादियों के पक्ष में किए गए पट्टे के दौरान संबंधी जमीन खाली नहीं थी, इस पर उसका कब्जा था। उसका प्लाट इसके करीब है। उसने घर बनाया है, ट्यूबवेल लगवाया है। साथ ही पेड़ भी उगाए हैं। याची ने इस तर्क के साथ अपर जिलाधिकारी (वित्त राजस्व) कन्नौज अदालत में धारा 198 (4) के तहत मुकदमा दायर किया कि आवंटन के समय प्लॉट खाली नहीं था, इसलिए इसे आवंटित नहीं किया जाना चाहिए। यह मुकदमा आठ अक्टूबर 2024 को खारिज कर दिया गया।

इस आदेश को अपर आयुक्त कानपुर (प्रथम) की कोर्ट में चुनौती दी गई, यहां भी छह अक्टूबर 2025 को इसे खारिज कर दिया गया। दोनों ही आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। पीठ ने पाया कि याची प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित नहीं है। कोर्ट ने कहा, जसभाई मोतीभाई देसाई बनाम रोशन कुमार केस (1976) में सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि अज्ञात व्यक्ति को तब तक अदालत में आने की अनुमति नहीं दी जा सकती है, जब तक कि कोई असाधारण परिस्थिति न हो। याची ‘पीड़ित व्यक्ति’ की परिभाषा में नहीं आता है, इसलिए उसकी याचिका खारिज किए जाने लायक है। मामले में अपर न्यायिक आयुक्त-प्रथम कानपुर, अपर जिला मजिस्ट्रेट, वित्त एवं राजस्व, कन्नौज मौजा अनौगी परगना की भूमि प्रबंधन समिति भी प्रतिवादी बनाए गए थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here