वाराणसी: हजरत अली की विलादत पर निकला मौला अली जुलूस

धर्म

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वाराणसी, 3 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में मौल-ए-कायनात हजरत अली की विलादत का जश्न शनिवार को पूरी अकीदत के साथ मनाया गया। हजरत अली समिति के तत्वावधान में मैदागिन स्थित टाउनहाल से कड़ी सुरक्षा के बीच मौला अली जुलूस निकाला गया। जुलूस में पूरे उत्साह के साथ हाथ में तिरंगा और धार्मिक परचम लहराते हुए लोग चलते रहे। जुलूस का जगह-जगह स्वागत किया गया।

जुलूस बुलानाला, चौक, दालमंडी, नई सड़क शेख सलीम फाटक, काली महाल, पितरकुंडा लल्लापुरा होते हुए दरगाहे फातमान पहुंचा। यहां मौला अली के रौजे पर जुलूस में शामिल लोगों ने जियारत की।

इस संबंध में मौलाना शाहिद अब्बास ने बताया कि आज मौला-ए-कायनात हजरत अली की विलादत की तारीख है। इसी खुशी में लोग एकत्रित हुए हैं। उन्होंने कहा कि हर साल इसी अवसर पर जुलूस निकाला जाता है, जो टाउन हॉल से शुरू होकर काली महाल, पितरकुंडा होते हुए दरगाहे फातमान तक जाता है। हजरत अली की विलादत (अली डे) का उद्देश्य दुनिया को यह संदेश देना है कि हजरत अली जैसी शख्सियत इस धरती पर आईं, जिन्होंने हक और इंसानियत का पैगाम पूरी दुनिया को दिया।

उन्होंने कहा कि हजरत अली ने कभी अपने-पराए, शिया-सुन्नी का भेद नहीं किया, बल्कि केवल इंसानियत को सामने रखकर समाज को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि अगर मजहब से ऊपर उठकर इंसानियत जिंदा है, तो समाज और अवाम भी जिंदा है। यही पैगाम मौला अली के जुलूस के जरिए लोगों तक पहुंचाया जाता है। उन्होंने बताया कि अली डे पर उनकी याद में घरों में फातिहा कराई गई और महफिलें सजाईं। मौला की शान में कलाम व तकरीर पेश किए गए।

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