राज्यों में कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त करने की प्रवृति पर सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी

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नई दिल्ली, 05 फ़रवरी (हि.स.)। उच्चतम न्यायालय ने कई राज्यों में कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त करने की प्रवृति पर असंतोष जताते हुए यूपीएससी को अधिकार दिया कि वो राज्यों को समय पर प्रस्ताव भेजने के लिए कहे। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि कई राज्य सरकारें प्रकाश सिंह मामले में तय दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए समय पर यूपीएससी को नाम नहीं भेजतीं और उसकी जगह कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त कर देती हैं।

दरअसल, तेलंगाना उच्च न्यायालय ने आदेश दिया था जिसमें यूपीएससी को राज्य सरकार की ओर से भेजे गए नामों पर कार्रवाई करने को कहा गया था। यूपीएससी ने आपत्ति जताते हुए कहा था कि राज्य सरकार ने डीजीपी चयन में काफी देरी की।

यूपीएससी ने कहा कि तेलंगाना के अंतिम नियमित डीजीपी अनुराग शर्मा 2017 में सेवानिवृत हुए थे और उसके बाद राज्य ने लंबे समय तक कोई सिफारिश नहीं भेजी। राज्य सरकार ने अप्रैल, 2025 में सिफारिश भेजी। इस पर यूपीएससी ने 2017 से चली आ रही देरी का हवाला देते हुए उस पर कोई कार्रवाई नहीं की और पहले उच्चतम न्यायालय से स्पष्टीकरण लेने की बात कही। यूपीएससी का कहना है कि तेलंगाना के अलावा दूसरे कई राज्य हैं जो ऐसी देरी की रणनीति अपना रहे हैं।

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