
लखनऊ, 10 फ़रवरी (हि.स.)। प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने विधानपरिषद में पूछे गए प्रश्नों एवं जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए कहा कि योगी सरकार दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विभाग की सभी योजनाएं ऑनलाइन, पारदर्शी और दलाल-मुक्त प्रणाली के तहत संचालित की जा रही हैं।
मंत्री कश्यप ने सदन को अवगत कराया कि दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग से संचालित विशेष विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में वर्ष 2011 में चयनित जेटीसी ग्रेड शिक्षकों में से एलटी ग्रेड शिक्षक के नौ रिक्त पदों पर पदोन्नति के लिए अध्याचन 16 जुलाई 2025 को तथा एलटी ग्रेड से प्रवक्ता के 28 पदों के सापेक्ष अध्याचन 12 दिसंबर 2022 को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को प्रेषित किए जा चुके हैं, जिन पर वर्तमान में कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।
उन्होंने बताया कि कुष्ठावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत सिद्धार्थनगर में वित्तीय वर्ष 2025-26 में 153 लाभार्थियों को पेंशन प्रदान की गई है, जबकि कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना के अंतर्गत 321 पात्र दिव्यांगजनों को लाभान्वित किया गया है। 31 दिसंबर 2025 तक कोई भी पात्र लाभार्थी लंबित नहीं है।
मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने सदन को यह भी याद दिलाया कि वर्ष 2017 से पूर्व दिव्यांग पेंशन मात्र 300 रुपये प्रतिमाह थी, जिसे योगी सरकार ने बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रतिमाह किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूडीआईडी कार्ड धारक सभी दिव्यांगजन स्वतः पेंशन के पात्र नहीं होते, बल्कि निर्धारित आय एवं अन्य शर्तों को पूरा करने वाले आवेदकों को ही पेंशन दी जाती है। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि यदि किसी पात्र दिव्यांगजन को पेंशन नहीं मिली है या किसी स्तर पर भ्रष्टाचार की शिकायत मिलती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जो दिव्यांगजन स्वयं कार्यालय तक नहीं आ सकते, उनके घर जाकर आवेदन की प्रक्रिया पूरी कराई जाए। मंत्री कश्यप ने कहा कि योगी सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी पात्र दिव्यांगजन योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
