यूजीसी नियमों और शंकराचार्य मामले को लेकर बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट ने दिया इस्तीफा

0
79

बरेली, 26 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट एवं 2019 बैच के पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने सोमवार को तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने बरेली में मीडिया के सामने आकर अपने त्यागपत्र की जानकारी दी।

अलंकार अग्निहोत्री ने अपने इस्तीफे के पीछे दो प्रमुख कारण बताए हैं। पहला उन्होंने उन्होंने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों का विरोध किया है और दूसरा, प्रयागराज में ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के साथ कथित तौर पर बदसलूकी, उनकी चोटी खींचे जाने का आरोप लगाया है।

उन्हाेंने कहा कि प्रयागराज में प्रशासन के लाेगाें ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद व उनके शिष्य बटुक ब्राह्मणों की चाेटी पकड़ कर मारा-पीटा गया। ब्राह्मण समाज की सांस्कृतिक सम्मान चाेटी है और उसे अपमानित करना अपराध है।

अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश में ब्राह्राण समाज के सांसदों और विधायकों को त्यागपत्र दे देना चाहिए। अगर ऐसा नहीं करते हैं ताे उन्हें समाज कभी माफ नहीं करेगा। वे साेचते हैं कि विराेध न करके चुनाव जीत जाएंगे, कभी नहीं जीत पाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे प्रदेश में ब्राह्मण समाज के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।

अग्निहोत्री ने कहा कि जब सरकारें समाज और देश को बांटने वाली नीतियों को आगे बढाएं तो उनका विरोध करना जरूरी है। उन्होंने यूजीसी के नए नियमों को “काला कानून” बताते हुए कहा कि यह कॉलेजों के शैक्षणिक माहौल को जहरीला बना रहे हैं और इसलिए यूजीसी को चाहिए इसे तत्काल वापस ले। उन्होंने अपना त्यागपत्र ईमेल से बरेली के जिलाधिकारी को भेज दिया है। उन्हाेेंने अपने त्यागपत्र दिए जाने के कारणाें की जानकारी दी और अपनी नाराजगी लिखे पाेस्टर के साथ फाेटाे भी खिंचाई। फिलहाल इस संबंध में जिला प्रशासन की ओर से अभी किसी प्रकार की टिप्पणी नहीं की गई है।

#यूजीसीनियमों_ शंकराचार्य _मामले

#उत्तरप्रदेश #बरेली_सिटी_ मजिस्ट्रेट_इस्तीफा

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here