बड़े पैमाने पर फ्लाइट्स कैंसिल होने पर रिफंड और मुआवजे के मामले में हाई काेर्ट ने इंडिगो से मांगा हलफनामा

0
12

नई दिल्ली, 22 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिसंबर, 2025 में बड़े पैमाने पर फ्लाइट्स के रद्द होने के मामले पर सुनवाई करते हुए इंडिगो को यात्रियों को रिफंड और मुआवजे देने के मामले पर हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय की अध्यक्षता वाली बेंच ने ये आदेश दिया।

सुनवाई के दौरान गुरुवार काे इंडिगो के वकील ने उच्च न्यायालय को बताया कि रिफंड और मुआवजे के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इसके लिए एक अलग से वेबसाइट शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि जो उड़ानें बुरी तरह प्रभावित हुईं उनके यात्रियों को 10 हजार का वाउचर और ऑफर किया जा रहा है। उस वाउचर की वैधता 12 महीने की होगी।

सुनवाई के दौरान नागरिक उड्डयन महानिदेशालय की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) चेतन शर्मा ने कहा कि महानिदेशालय ने इस घटना के बाद ठोस कदम उठाया है। महानिदेशालय ने इंडिगो के वरिष्ठ उपाध्यक्ष को हटाने को कहा गया। इसके अलावा महानिदेशालय ने इंडिगो पर 22 करोड़ का जुर्माना भी लगाया है।

उच्च न्यायालय ने 10 दिसंबर, 2025 को इंडिगो से जुड़े संकट मामले में संज्ञान लिया था। चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय की अध्यक्षता वाली बेंच ने इंडिगो पर सवाल उठाते हुए कहा था कि फ्लाइट ड्यूटी लिमिटेशन का पालन सुनिश्चित करने के लिए इंडिगो द्वारा उठाए जाने वाले उपायों में से एक पर्याप्त संख्या में पायलटों की नियुक्ति होनी चाहिए थी। लेकिन ऐसा लगता है कि इंडिगो ने समय रहते आवश्यक संख्या में पायलटों की नियुक्ति नहीं किया, जिससे फ्लाइट ड्यूटी लिमिटेशन का अनुपालन सुनिश्चित हो सके।

उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार से पूछा था कि क्या आप इतने असहाय हैं कि एयरलाइंस के खिलाफ कार्रवाई करने से हिचक रहे हैं। उच्च न्यायालय ने कहा था कि ऐसे हालात बनने ही क्यों दिए गए, जिसमें लाखों यात्री एयरपोर्ट पर बिना सहायता के फंसे रहे। याचिका अखिल राणा और उत्कर्ष शर्मा ने दायर किया है।

#हाईकाेर्ट #इंडिगो #हलफनामा

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here