द. कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक-योल को 5 साल की जेल

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सियोल, 16 जनवरी (हि.स.)। दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक-योल को देश में मार्शल लॉ लागू करने की असफल कोशिश से जुड़े मामलों में अदालत ने पांच साल की जेल की सजा सुनाई है। यह फैसला सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने सुनाया, जिसने उन्हें सत्ता के दुरुपयोग और न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डालने सहित कई गंभीर आरोपों में दोषी ठहराया।

65 वर्षीय यून सुक-योल पर आरोप था कि उन्होंने दिसंबर 2024 में सैन्य शासन लागू करने का प्रयास किया, जिससे देश में गंभीर राजनीतिक संकट पैदा हो गया। इस घटनाक्रम के बाद उन्हें पद से हटाया गया और अंततः उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमे शुरू हुए।

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यून सुक-योल ने आधिकारिक कर्तव्यों में बाधा पहुंचाई, पद का दुरुपयोग किया, सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर की और सबूत नष्ट करने के आदेश दिए। न्यायालय ने यह भी माना कि महाभियोग के बाद उन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए राष्ट्रपति आवास परिसर में खुद को कई सप्ताह तक बंद रखा और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों का इस्तेमाल निजी हितों के लिए किया।

अदालत के अनुसार, यून ने मार्शल लॉ की घोषणा से पहले कानूनन आवश्यक पूर्ण मंत्रिमंडल की बैठक नहीं बुलाई और बाद में जांच से जुड़े डिजिटल साक्ष्य मिटाने के निर्देश दिए। तीन न्यायाधीशों की पीठ ने अपने निर्णय में कहा कि पूर्व राष्ट्रपति ने अपने प्रभाव का दुरुपयोग कर वैध गिरफ्तारी वारंटों के क्रियान्वयन को रोकने का प्रयास किया।

यह सजा मार्शल लॉ से जुड़े चार मामलों में पहला न्यायिक फैसला है। हालांकि, सबसे गंभीर आरोप—देशद्रोह या विद्रोह भड़काने से संबंधित—पर फैसला फरवरी में सुनाया जाना है। अभियोजन पक्ष ने संकेत दिया है कि इस मामले में वे मृत्युदंड की मांग करेंगे।

फैसले के बाद अदालत परिसर के बाहर यून सुक-योल के वकील यू जंग-ह्वा ने कहा कि वे इस निर्णय के खिलाफ अपील करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि अदालत का फैसला राजनीतिक दबाव से प्रभावित है। वहीं, यून सुक-योल ने शुरू से ही अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है।

गौरतलब है कि जनवरी 2025 में यून सुक-योल को गिरफ्तार करने के लिए दूसरी बार बड़े पैमाने पर कार्रवाई करनी पड़ी थी, जिसमें तीन हजार से अधिक पुलिसकर्मी शामिल थे। यह दक्षिण कोरिया के इतिहास में पहली बार था जब किसी मौजूदा राष्ट्रपति को गिरफ्तार किया गया।

दिसंबर 2024 में मार्शल लॉ लागू करने की कोशिश के दौरान सड़कों पर सैन्य बल तैनात किए गए थे, जिसके विरोध में बड़ी संख्या में आम नागरिक संसद भवन के बाहर जुट गए थे। संसद ने कुछ ही घंटों में मार्शल लॉ प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिसके बाद आदेश वापस लेना पड़ा। हालांकि, इस घटना ने देश को लंबे राजनीतिक संकट में झोंक दिया।

अप्रैल 2025 में संवैधानिक न्यायालय ने यह कहते हुए यून सुक-योल को राष्ट्रपति पद से हटा दिया था कि उन्होंने अपने संवैधानिक कर्तव्यों का उल्लंघन किया है।#Former-S-Korean-prez-sentenced

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