दुर्घटना में स्थाई दिव्यांग नाबालिग को मुआवजे का अधिकार : हाईकोर्ट

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प्रयागराज, 14 जनवरी (हि.स.)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक आदेश में कहा है कि दुर्घटना में स्थाई तौर पर दिव्यांग हुए नाबालिग को कुशल श्रमिक की तरह मुआवजा पाने का अधिकार है।

यह आदेश न्यायमूर्ति संदीप जैन ने प्रयागराज के संगम लाल और न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी की अपीलों पर सुनवाई करते हुए दिया है। कोर्ट ने मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण इलाहाबाद से निर्धारित मुआवजा बढ़ाने की अपील पर कहा कि भले ही यह मान लिया जाए कि दुर्घटना के समय दावा करने वाला केवल 16 वर्ष का था और किसी भी प्रकार की आय अर्जित नहीं कर रहा था, फिर भी उसे कुशल श्रमिक के आधार पर मुआवजा पाने का अधिकार है।

अधिकरण ने अपीलार्थी को 5,03,310 रुपये मुआवजा सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ देने का आदेश दिया था, जिसे दुर्घटनाग्रस्त ट्रक की बीमा कम्पनी को अदा करना था। बीमा कम्पनी ने इस आदेश को चुनौती देते हुए कहा कि पीड़ित को केवल 60 प्रतिशत स्थायी दिव्यांगता हुई है, जिसे गलत तरीके से 80 प्रतिशत मान लिया गया। वहीं पीड़ित ने मुआवजा बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि उसकी 100 प्रतिशत कार्यात्मक दिव्यांगता हुई है लेकिन ट्रिब्युनल ने केवल 80 प्रतिशत माना।

पीड़ित ने बताया कि दुर्घटना में उसका दायां पैर घुटने से कट गया और बाएं पैर की दो उंगलियां भी काटनी पड़ीं, जिससे वह किसी भी प्रकार का शारीरिक श्रम करने में असमर्थ हो गया। वह खलासी (हेल्पर) के रूप में ट्रक पर काम करता था इसलिए उसकी आजीविका पूरी तरह समाप्त हो गई।

कोर्ट ने कहा कि सीएमओ प्रतापगढ़ के 60 प्रतिशत दिव्यांगता और मुंबई के नायर अस्पताल से जारी 80 प्रतिशत दिव्यांगता के प्रमाणपत्र को किसी ने चुनौती नहीं दी है। यह भी माना गया कि पीड़ित शारीरिक श्रम आधारित काम करता था और उसकी कार्यात्मक दिव्यांगता 100 प्रतिशत है। कोर्ट ने काजल बनाम जगदीश चंद, मास्टर आयुष बनाम रिलायंस जनरल इंश्योरेंस, बेबी साक्षी ग्रेओला और हितेश नागजीभाई पटेल मामलों का हवाला देते हुए कहा कि जब किसी व्यक्ति को 100 प्रतिशत कार्यात्मक दिव्यांगता हो जाती है, तो उसकी आय का आकलन कुशल श्रमिक की न्यूनतम मजदूरी के आधार पर किया जाना चाहिए, न कि अनुमानित रूप में। इसी के साथ कोर्ट ने मुआवजा बढ़ाकर 16,59,510 रुपये सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित दावा दाखिल करने की तिथि से भुगतान करने का आदेश दिया। यह राशि भी ट्रक की बीमा कम्पनी चुकाएगी।

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