जनगणना-2027 को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश

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जाति गणना दूसरे चरण में होगी: गृह मंत्रालय

नई दिल्ली, 27 जनवरी (हि.स.)। गृह मंत्रालय ने जनगणना-2027 को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि इस संबंध में पूरी और स्पष्ट जानकारी पहले ही 12 दिसंबर 2025 को प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जारी की जा चुकी है। मंत्रालय ने कहा कि इसके बावजूद कुछ लोग जानबूझकर, विशेषकर जाति गणना को लेकर, गलतफहमी फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।

गृह मंत्रालय ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि यह पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है कि जनगणना-2027 दो चरणों में कराई जाएगी और जाति गणना दूसरे चरण में की जाएगी। मंत्रालय ने दोहराया कि जनगणना-2027 की प्रक्रिया भारत में अब तक कराई गई पिछली जनगणनाओं की तरह ही होगी।

मंत्रालय के अनुसार, जनगणना का पहला चरण घरों की सूची बनाना और आवास जनगणना होगा, जबकि दूसरा चरण जनसंख्या गणना का रहेगा। पहले चरण में घरों की सूची और आवास से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी, जबकि दूसरे चरण में जनसंख्या से जुड़े विस्तृत आंकड़े जुटाए जाएंगे, जिनमें जाति से संबंधित जानकारी भी शामिल होगी।

इससे पहले 12 दिसंबर 2025 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 11,718.24 करोड़ रुपये की लागत से भारत की जनगणना-2027 कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह देश की 16वीं जनगणना और स्वतंत्रता के बाद की आठवीं जनगणना होगी।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जनगणना-2027 दो चरणों में आयोजित की जाएगी। पहला चरण अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच होगा, जबकि दूसरा चरण फरवरी 2027 में संपन्न कराया जाएगा। हालांकि, बर्फ से प्रभावित गैर-समकालिक क्षेत्रों—जैसे केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख, जम्मू-कश्मीर तथा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों—में जनसंख्या गणना सितंबर 2026 में की जाएगी।

गृह मंत्रालय ने बताया कि इस राष्ट्रीय महत्व के विशाल कार्य में लगभग 30 लाख फील्ड कर्मचारी लगाए जाएंगे। पहली बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी, जिसमें डेटा संग्रह के लिए मोबाइल एप्लिकेशन और निगरानी के लिए सेंट्रल पोर्टल का उपयोग किया जाएगा, जिससे डेटा की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।

मंत्रालय के अनुसार, जनगणना आंकड़ों का प्रसार अधिक यूजर-फ्रेंडली तरीके से किया जाएगा ताकि नीति निर्माण के लिए आवश्यक सूचनाएं एक क्लिक पर उपलब्ध हो सकें। इसके साथ ही ‘जनगणना एक सेवा के रूप में’ (सीएएएस) के तहत मंत्रालयों को मशीन से पढ़े जा सकने वाले और उपयोगी प्रारूप में डेटा उपलब्ध कराया जाएगा।

मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि राजनीतिक मामलों की कैबिनेट समिति ने 30 अप्रैल 2025 को अपनी बैठक में जनगणना-2027 के दूसरे चरण में जाति गणना को शामिल करने का निर्णय लिया था। देश की सामाजिक और जनसांख्यिकीय विविधता को ध्यान में रखते हुए जाति से संबंधित डेटा इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से एकत्र किया जाएगा।

गृह मंत्रालय ने कहा कि जनगणना-2027 न केवल देश की संपूर्ण जनसंख्या को कवर करेगी, बल्कि इससे रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिलेगा। अनुमान है कि इस अभियान के दौरान लगभग 1.02 करोड़ मानव-दिवसों का रोजगार सृजित होगा। मंत्रालय ने दोहराया कि जनगणना-2027 को लेकर सभी सूचनाएं प्रमाणिक, समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से साझा की जा रही हैं और किसी भी प्रकार के भ्रम या गलत सूचना से बचने की आवश्यकता है।

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