कोलकाता वेयरहाउस अग्निकांड : मृतकों की संख्या बढ़कर हुई 16

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लापता लोगों की तलाश जारी

कोलकाता, 28 जनवरी (हि.स.)। दक्षिण कोलकाता के बाहरी इलाके आनंदपुर में स्थित दो गोदामों में लगी भीषण आग में मृतकों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। पुलिस ने बुधवार को इसकी पुष्टि की है। हादसे के बाद अब भी कई लोग लापता बताए जा रहे हैं और उनकी तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है।

इस मामले में पुलिस ने डेकोरेटर गोदाम के मालिक गंगाधर दास को लापरवाही से मौत के आरोप में गिरफ्तार किया है। डेकोरेटर का यह गोदाम एक मोमो कंपनी के गोदाम से सटा हुआ था, जो आग में पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया। मोमो कंपनी के मालिकों के खिलाफ भी इसी तरह के आरोप दर्ज किए गए हैं, हालांकि अब तक उस कंपनी से किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

पुलिस के अनुसार, यह आग सोमवार तड़के करीब तीन बजे लगी थी, जो मंगलवार दोपहर तक बेकाबू बनी रही। आग बुझने के बाद जले हुए गोदामों के भीतर से मानव अंगों के अवशेष मिले। घटना के समय मौके पर कितने लोग मौजूद थे, इसका सटीक आंकड़ा अब तक सामने नहीं आ पाया है। शव अत्यधिक झुलस जाने के कारण उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है।

इस बीच बारुईपुर जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अब तक 16 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन मृतकों की पहचान और उनके निवास स्थान की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है। आधिकारिक तौर पर 20 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। पुलिस ने कहा है कि अदालत से अनुमति मिलने के बाद डीएनए जांच के जरिए मृतकों की पहचान कराई जाएगी।

पुलिस ने बताया कि आग किस गोदाम से शुरू हुई और कैसे दूसरे गोदाम तक फैली, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। आग लगने के कारणों की जांच जारी है। दमकल विभाग की शिकायत के आधार पर नरेंद्रपुर थाना में लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए भी इसी धारा में एक अलग मामला दर्ज किया है। इन्हीं मामलों के आधार पर गंगाधर दास को मंगलवार रात गरिया इलाके से गिरफ्तार किया गया। बुधवार को मेडिकल जांच के बाद उसे बारुईपुर उप-मंडलीय अदालत में पेश किया गया, जहां से आदालत ने उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

हालांकि, गंगाधर दास ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। उसने पुलिस को बताया कि आग मोमो फैक्ट्री की लापरवाही के कारण लगी और इस हादसे में उसका वर्षों पुराना कारोबार पूरी तरह तबाह हो गया।

घटना के बाद यह सवाल भी उठने लगे हैं कि दोनों गोदामों में आग से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं। मंगलवार को दमकल विभाग के महानिदेशक रणवीर कुमार ने घटनास्थल का दौरा किया और बताया कि इन गोदामों को दमकल विभाग की ओर से कोई फायर सेफ्टी क्लीयरेंस नहीं दी गई थी। इससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि बिना वैध अनुमति के ये गोदाम इतने लंबे समय तक कैसे संचालित होते रहे।

रणवीर कुमार ने माना कि दमकल विभाग की ओर से भी कहीं न कहीं चूक हो सकती है और पूरे मामले की जांच की जाएगी।

इस बीच, कोलकाता नगर निगम (केएमसी) की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद कोलकाता के मेयर और राज्य के शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा कि किसी का रोज़गार अचानक बंद कर देना भी सही नहीं है, वरना उस पर भी सवाल उठते हैं।

कुछ हलकों में यह दावा भी किया गया है कि ये गोदाम भरे हुए जलाशयों (वेटलैंड) पर बनाए गए थे। हालांकि, फिरहाद हकीम ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि गोदाम वेटलैंड पर बने थे या नहीं, और उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी नए वेटलैंड को भरा नहीं जा रहा है।

इस बीच, फिरहाद हकीम ने आनंदपुर वेयरहाउस अग्निकांड में मृतकों और लापता लोगों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक प्रभावित परिवार को 10 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। शवों या उनके अवशेषों की पहचान के बाद परिजनों को यह राशि चेक के माध्यम से सौंपी जाएगी।

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