जौनपुर, 08 फरवरी (हि.स.) यूपी के जौनपुर जफराबाद थाना अंतर्गत प्रकाश ग्लोबल स्कूल, जगदीशपुर में रविवार को आयोजित केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (C-TET) की...
जौनपुर, 08 फरवरी (हि.स.) यूपी के जौनपुर जफराबाद थाना अंतर्गत प्रकाश ग्लोबल स्कूल, जगदीशपुर में रविवार को आयोजित केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (C-TET) की प्रथम पाली में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया। परीक्षा के दौरान बायोमेट्रिक सत्यापन में मिसमैच पाए जाने पर दूसरे के स्थान पर परीक्षा दे रही एक महिला को पकड़ा गया। कॉलेज प्रशासन की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।
इस मामले में थानाध्यक्ष जफराबाद ने बताया कि वन्दना कुमारी पुत्री, राजमणि, निवासी ग्राम काशीपुर, पोस्ट मोलनापुर (अमरगढ़), जिला प्रतापगढ़ (उ.प्र.) कु. नीलम यादव पुत्री संतलाल, निवासी ग्राम घनश्यामपुर, जिला जौनपुर के स्थान पर परीक्षा दे रही थी। बायोमेट्रिक मिलान के दौरान पहचान में अंतर सामने आने पर परीक्षा केंद्र प्रशासन ने तत्काल उसे रोका और पुलिस को सूचना दी।सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक पूछताछ के बाद दोनों महिलाओं के विरुद्ध थाना जफराबाद में मुकदमा पंजीकृत किया गया। आरोपियों पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए कार्रवाई की गई है।इस मामले में जानकारी लेने पर क्षेत्राधिकारी सदर देवेश कुमार सिंह ने बताया कि मामले में गिरफ्तार अभियुक्ता वन्दना कुमारी को विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। वहीं, प्रकरण से जुड़ी अन्य आवश्यक जांच की जा रही है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि परीक्षा में फर्जीवाड़े का यह मामला संगठित रूप से किया गया या इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं।प्रशासन ने स्पष्ट किया कि लोक परीक्षाओं की निष्पक्षता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
कानपुर, 08 फरवरी (हि.स.)। आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में स्वयं के स्वास्थ्य और देखभाल के लिए समय निकालना जरूरी हो गया है। सही मार्गदर्शन और सुरक्षित सेवाएं लोगों को बेहतर जीवनशैली अपनाने में मदद करती हैं। यह बातें रविवार को कानपुर पहुंची बॉलीवुड अभिनेत्री दिव्या दत्ता ने कहीं।
शहर के इंद्रा नगर में रविवार को सौंदर्य और वेलनेस सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक नया केंद्र जुड़ गया। बॉलीवुड अभिनेत्री दिव्या दत्ता ने यहां एस्थेटिककेयर मेडिस्पा का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में शहर के चिकित्सक, शिक्षाविद और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मेडिस्पा की संस्थापक एवं संचालिका डॉ. गौरी मिश्रा ने बताया कि केंद्र का उद्देश्य महिलाओं को आधुनिक तकनीक और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप स्किन व बॉडी केयर सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि यह केंद्र केवल सौंदर्य उपचार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मानसिक शांति और आत्मविश्वास बढ़ाने पर भी ध्यान देगा।
मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद अभिनेत्री दिव्या दत्ता ने केंद्र की सुविधाओं का अवलोकन किया और पहल की सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान सेंटर में उपलब्ध विभिन्न स्किन और बॉडी केयर सेवाओं की जानकारी दी गई। आयोजकों के अनुसार यहां ऑर्गेनिक और आधुनिक तकनीक आधारित थेरेपी पर विशेष जोर दिया गया है।
शुभारंभ कार्यक्रम में प्रोफेसर डॉ. अभिनव मिश्रा, प्रोफेसर डॉ. मंजू मिश्रा, बृजेश मिश्रा, डॉ. रिचा सलूजा, अनु वार्ष्णेय, भावना गुप्ता सहित शहर के कई लोग मौजूद रहे।
लखीमपुर खीरी, 08 फ़रवरी (हि.स.)। घने कोहरे के चलते हुए सड़क हादसे में ई-रिक्शा पलट गया, जिसमें चालक समेत तीन बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा धौरहरा कोतवाली क्षेत्र में बसंतापुर के पास हुआ।
जानकारी के अनुसार धौरहरा कोतवाली क्षेत्र से खमरिया थाना क्षेत्र के रेहुआ जा रहा ई-रिक्शा घने कोहरे के कारण बसंतापुर के पास डिवाइडर से टकराकर पलट गया। ई-रिक्शा में सवार सभी लोग एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं, जो धौरहरा में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होकर देर रात घर लौट रहे थे। घटना बीती रात करीब एक बजे की है।
हादसे में इस्राइल (20 वर्ष) निवासी रसूलपुर ई-रिक्शा चालक, खुशबू (15 वर्ष), अबु तालिब (8 वर्ष) और अजरा (1 वर्ष) की मौत हो गई। मृतक अजरा, वारिश की नातिन थी। वहीं अकील (16), सादिया (23), साकिया (16), निदा (4) और किस्मतुन (38) गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाया और मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कोतवाल धौरहरा रविंद्र सोनकर ने रविवार काे बताया कि घने कोहरे के कारण ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गया। हादसे में चार लाेगाें की माैत हुई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मिलान, 08 फरवरी (हि.स.)। इटली के मिलान में शीतकालीन ओलंपिक खेलों के दौरान हुए विरोध-प्रदर्शनों के बीच हिंसा और रेल नेटवर्क में तोड़फोड़ की घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) दोनों ने इन घटनाओं की कड़ी आलोचना की है।
प्रधानमंत्री मेलोनी ने हिंसक प्रदर्शनकारियों को “इटली और इटालियनों का दुश्मन” बताया। उन्होंने कहा कि एक ओर हजारों लोग खेलों को सफल बनाने में जुटे हैं, वहीं कुछ लोग देश की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ओलंपिक के खिलाफ प्रदर्शन के नाम पर हिंसा और रेलवे केबल काटकर ट्रेनों को रोकना अस्वीकार्य है।
इटली के परिवहन मंत्रालय ने बोलोन्या के पास रेलवे लाइन में तोड़फोड़ की घटना की जांच आतंकवाद के शक के तहत शुरू करने की जानकारी दी है। दोषियों पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की बात भी कही गई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मिलान में लगभग 10 हजार लोगों ने आवास महंगाई और पर्यावरणीय चिंताओं को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था, लेकिन करीब 100 प्रदर्शनकारी मुख्य समूह से अलग होकर उग्र हो गए। उन्होंने पुलिस पर पटाखे, धुआं बम और बोतलें फेंकीं।
IOC के प्रवक्ता मार्क एडम्स ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन हिंसा की कोई जगह ओलंपिक जैसे वैश्विक आयोजन में नहीं है। उन्होंने कहा कि खेल दुनिया को एकता और शांति का संदेश देने का मंच हैं।
शनिवार को रेल नेटवर्क पर तीन अलग-अलग घटनाओं के कारण हाई-स्पीड, इंटरसिटी और क्षेत्रीय ट्रेनों में ढाई घंटे तक की देरी हुई। अभी तक किसी समूह ने इन घटनाओं की जिम्मेदारी नहीं ली है। यह घटनाएं पेरिस ओलंपिक 2024 के उद्घाटन के दिन फ्रांस के रेल नेटवर्क में हुई तोड़फोड़ की याद भी दिलाती हैं।
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में सुरक्षा और कड़ी की जा सकती है ताकि खेलों का आयोजन सुचारु रूप से जारी रहे।
– केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने भोपाल स्थित अपने निवास पर भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया
भोपाल, 08 फरवरी (हि.स.)। केन्द्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच हुई हालिया ट्रेड डील को ऐतिहासिक और अभूतपूर्व बताया है। यह समझौता भारतीय अर्थव्यवस्था को नई गति और नई ऊंचाइयां देने वाला साबित होगा।
केन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान रविवार को भोपाल स्थित निवास पर पत्रकार-वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ट्रेड डील केवल एक व्यापारिक समझौता नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रतीक भी है। यह डील भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ उसे नई दिशा प्रदान करेगी। यह समझौता पूरी दुनिया के लिए भी एक स्पष्ट संदेश है। यह डील दुनिया को संदेश देती है कि भारत की नीति कमिटमेंट की है, कॉम्प्रोमाइज की नहीं।
उन्होंने कहा कि हम आत्मविश्वास के साथ देश के हित में निर्णय लेते हैं। भारत अंतरराष्ट्रीय मंच पर संतुलित और सकारात्मक रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है। हम सौदेबाजी की राजनीति नहीं करते, बल्कि संतुलित रणनीति अपनाकर सकारात्मक संवाद में विश्वास रखते हैं। यही वजह है कि आज भारत वैश्विक स्तर पर एक भरोसेमंद और मजबूत साझेदार के रूप में उभर रहा है।
प्लोमेसी, डेवलपमेंट और डिग्निटीकेन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह ट्रेड डील डिप्लोमेसी, डेवलपमेंट और डिग्निटी का एक उत्तम उदाहरण है। डिप्लोमेसी का अर्थ है राष्ट्र प्रथम, और इस समझौते में भारत के राष्ट्रीय हित सर्वोपरि रखे गए हैं। डेवलपमेंट यानी विकसित भारत की दिशा में बढ़ते कदम यह डील उसके लिए भी एक मजबूत आधार प्रदान करती है। डिग्निटी का मतलब है किसान की गरिमा और मुझे गर्व है कि इस समझौते में किसान की गरिमा का पूरा ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि, भारतीय कृषि और किसानों को लेकर देश के मन में जो भी चिंताएं थीं, उनका इस ट्रेड डील में समाधान किया गया है। यह समझौता हमारे किसानों को पूरी तरह से सुरक्षित रखता है। यह डील केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि नए अवसरों का द्वार भी खोलती है। यह ट्रेड डील हमारे कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार में नए अवसर प्रदान करेगी और किसानों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी। यही आत्मनिर्भर और विकसित भारत की मजबूत नींव है।
मेरिका में भारतीय कृषि उत्पादों पर शून्य शुल्कचौहान ने कहा कि भारतीय किसानों के कई कृषि उत्पादों को अमेरिका में शून्य शुल्क पर निर्यात किया जाएगा। लेकिन अमेरिकी किसानों के कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में यह छूट नहीं मिली है। भारत के कृषि और डेयरी के हित पूरी तरह से सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने कृषि क्षेत्र के कई उत्पादों पर टैरिफ में बड़ी कटौती की है। कई कृषि उत्पादों पर जो टैरिफ पहले 50 प्रतिशत तक था, उसे अमेरिका ने घटाकर शून्य कर दिया है। इसमें मसाले, चाय, कॉफी, नारियल, नारियल तेल, सुपारी, काजू, वनस्पति वैक्स, एवोकाडो, केला, अमरूद, आम, कीवी, पपीता, अनानास, मशरूम और कुछ अनाज भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि, वर्ष 2024-25 में भारत का कृषि निर्यात 4.45 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। मसाला निर्यात में 88 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अब इस ट्रेड डील के बाद हमारे मसालों को अमेरिका में भी नया और बड़ा बाजार मिलेगा। उन्होंने कहा कि भारत पहले से ही मसालों के वैश्विक बाजार में मजबूत स्थिति रखता है। दुनिया भर के करीब 200 स्थानों पर भारत मसाले और मसालों के उत्पाद निर्यात करता है। इस समझौते से मसालों और अन्य कृषि उत्पादों के निर्यात को और गति मिलेगी। भारतीय बाजार की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं हुआ है। अगर विदेशी कृषि उत्पाद भारतीय कृषि बाजार में आते हैं, तो उन्हें टैरिफ देना होगा। हमारे किसानों को पूरी छूट और पूरा संरक्षण प्राप्त है। यही इस ट्रेड डील की सबसे बड़ी ताकत है।
भी संवेदनशील वस्तुएं समझौते से बाहरकेन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील में कृषि और कृषि उत्पादों के मामले में भारतीय किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है और ऐसा कोई भी उत्पाद समझौते में शामिल नहीं है, जिससे किसानों को नुकसान हो। सभी संवेदनशील वस्तुओं को समझौते के बाहर रखा गया है। सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी, मोटे अनाज, पोल्ट्री, डेयरी, केला, स्ट्रॉबेरी, चेरी, खट्टे फल, हरी मटर, काबुली चना, मूंग, तिलहन, इथेनॉल और तंबाकू जैसे उत्पादों पर किसी भी तरह की टैरिफ छूट नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी चिंता देश के प्रमुख अनाजों को लेकर थी। सबसे ज्यादा चिंता इसी बात की थी कि, हमारे प्रमुख अनाज सुरक्षित रहने चाहिए और मैं गर्व से कह सकता हूं कि, वो सभी पूरी तरह सुरक्षित रखे गए हैं। प्रमुख अनाज, प्रमुख फल और डेयरी उत्पादों के लिए अमेरिका के लिए कोई द्वार नहीं खोला गया है।
उन्होंने कहा कि कई अमेरिकी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में प्रवेश नहीं कर पाएंगे। छिलका रहित अनाज, आटा, गेहूं, मक्का, चावल, बाजरा, आलू, प्याज, मटर, बीन्स, खीरा, मशरूम, दलहनी उत्पाद, फ्रोजन सब्जियां, संतरे, अंगूर, नींबू, स्ट्रॉबेरी और मिक्स्ड डिब्बाबंद सब्जियां भारत नहीं आएंगी। डेयरी उत्पादों को लेकर भी उन्होंने कहा कि, दुग्ध उत्पादों में लिक्विड मिल्क, पाउडर, क्रीम, योगर्ट, बटर मिल्क, मक्खन, घी, बटर ऑयल, पनीर और चीज़, इनमें से किसी को भी भारत में एंट्री नहीं मिलेगी। कृषि और डेयरी के अलावा भारत, अमेरिका से काली मिर्च, लौंग, सूखी हरी मिर्च, दालचीनी, धनिया, जीरा, हींग, अदरक, हल्दी, अजवाइन, मेथी, केसिया, सरसों, राई, भूसी और अन्य पाउडर मसाले नहीं मंगवाएगा। मतलब साफ है हमारे मसाले और हमारे किसान पूरी तरह सुरक्षित हैं।
सान, महिलाओं और युवाओं को आगे बढ़ने का अवसरकेन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इस समझौते से भारतीय किसान, महिलाएं और खासकर युवा वर्ग को आगे बढ़ने के नए अवसर मिलेंगे। हमारे कई सेक्टर जैसे टेक्सटाइल में अब प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में हमारा टैरिफ काफी कम होकर करीब 18 प्रतिशत रह गया है। इससे टेक्सटाइल निर्यात को नई गति और नई दिशा मिलेगी। टेक्सटाइल निर्यात का सीधा लाभ किसानों को भी मिलेगा। टेक्सटाइल का मतलब है किसानों को फायदा, खासकर कपास उत्पादक किसानों को। इसके साथ ही जेम्स एंड ज्वेलरी, ऑटो कंपोनेंट, इंजीनियरिंग गुड्स और एमएसएमई सेक्टर के लिए भी ढेर सारे नए व्यापारिक अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि, हमारे सेल्फ हेल्प ग्रुप की बहनों का जीवन भी इस समझौते से समृद्ध होगा, क्योंकि कई उत्पादों के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। यह डील उनके परिश्रम और हुनर को वैश्विक पहचान दिलाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अब तक नौ एफटीए हो चुके हैं। अमेरिका के अलावा यूएई के 27 देशों, ओमान, न्यूजीलैंड और यूके के साथ एफटीए किया जा चुका है और अन्य देशों से बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि इन सभी समझौतों का व्यापक लाभ देश को मिलेगा। इन डील्स का फायदा भारतीय अर्थव्यवस्था को, किसानों को, मजदूरों को, गरीबों को, निर्यातकों और निर्माताओं को होने वाला है। इसी के माध्यम से हम 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करेंगे। आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में यह समझौता और ऐसे सभी समझौते मील के पत्थर साबित होंगे। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री मोदी को हृदय से धन्यवाद देता हूं।
-नवोत्थान और वैश्विक भारत की प्रतिष्ठापना का है केन्द्रीय बजट : मनोहर लाल
रायपुर, 08 फ़रवरी (हि.स.)। केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल रविवार काे एक दिवसीय छत्तीसगढ़ दाैरे पर हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए संवेदनशील है।
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल आज राजधानी रायपुर में पत्रकार वार्ता के माध्यम से बजट संवाद कार्यक्रम काे सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने केन्द्र सरकार के बजट को नवोत्थान और वैश्विक भारत की प्रतिष्ठापना वाहक बताया और कहा कि इस बार के बजट में सिर्फ आँकड़े ही नहीं हैं, बल्कि विकसित भारत-2047 का विजन भी सामने रखा गया है।
केंद्रीय मंत्री मनोहर ने बजट प्रावधानों की सराहना की और इसे केवल एक वार्षिक वित्तीय विवरण न मानकर देश के अगले 25 वर्षों के विकास का मार्गदर्शक ‘विजन डॉक्यूमेंट’ बताया। उन्होंने एक महत्वपूर्ण तथ्य साझा करते हुए बताया कि इस वर्ष का बजट पहली बार ‘कर्तव्य भवन’ (वित्त मंत्रालय का नया परिसर) में तैयार किया गया। उन्होंने केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के संबोधन का उल्लेख करते हुए बताया कि यह बजट तीन विशेष कर्तव्यों को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जो देश को आर्थिक और सामाजिक रूप से सुदृढ़ बनाएंगे। इस बजट में 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट को भी स्वीकार किया गया है, जिसकी योजनाएँ आगामी 5 वर्षों के लिए महत्वपूर्ण दिशा तय करेंगी।
केन्द्रीय मंत्री ने विश्वास जताया कि बजट में निर्धारित लक्ष्यों के माध्यम से देश बिजली, बुनियादी ढांचे और शहरी विकास जैसे क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति करेगा। यह बजट समावेशी विकास की ओर बढ़ता हुआ एक सशक्त कदम है।
इस दौरान केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू, प्रदेश के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, भाजपा प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी, सांसद व मुख्य प्रवक्ता संतोष पाण्डेय, सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी, शिवनारायण पाण्डेय व प्रमोद शर्मा भी उपस्थित रहे।
नई दिल्ली, 08 फ़रवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को मलेशिया में प्रमुख उद्योग जगत के प्रमुखों के साथ बैठक कर भारत–मलेशिया के बीच व्यापार और निवेश सहयोग को और मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया। प्रधानमंत्री ने मलेशिया की चार अग्रणी कंपनियों के शीर्ष प्रतिनिधियों से संवाद किया।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार प्रधानमंत्री ने पेट्रोनेस के अध्यक्ष एवं समूह मुख्य कार्यकारी अधिकारी तन श्री तेंगकु मुहम्मद तौफिक, बरजाया कॉरपोरेशन बरहाद के संस्थापक तन श्री दातो’ सेरी विन्सेंट तन ची यून, खजाना नेशनल बरहाद के प्रबंध निदेशक दातो’ अमीरुल फैसल वान जाहिर तथा फिसन इलेक्ट्रॉनिक्स के संस्थापक दातो पुआ खेन सेंगे से मुलाकात की।
प्रधानमंत्री ने भारत और मलेशिया के बीच बढ़ते बी2बी संपर्कों और भारतीय विकास गाथा में मलेशियाई कंपनियों की गहरी रुचि की सराहना की। उन्होंने भारत में हाल के वर्षों में किए गए सुधारों और पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन कदमों से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिला है और एक स्थिर, प्रभावी व पूर्वानुमेय कारोबारी तथा नीतिगत वातावरण तैयार हुआ है।
प्रधानमंत्री ने मलेशियाई उद्योग जगत को भारत में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया, विशेषकर अवसंरचना, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में। इस संदर्भ में उन्होंने 07 फरवरी 2026 को कुआलालंपुर में आयोजित 10वें भारत–मलेशिया सीईओ फोरम की बैठक की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि इसके विचार-विमर्श से दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंध और गहरे होंगे।
बैठक के दौरान उद्योग जगत के नेताओं ने विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में भारत सरकार द्वारा किए गए सुधारों की सराहना की और भारत की विकास यात्रा पर मजबूत विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने भारत में अपने निवेश पोर्टफोलियो के विस्तार और भारतीय कंपनियों के साथ संयुक्त उपक्रमों की संभावनाओं को लेकर गहरी रुचि भी जताई।
– गुवाहाटी स्टेशन पर नई यात्री सुविधाओं का भी करेंगे उद्घाटन
गुवाहाटी, 08 फरवरी (हि.स.)। पूर्वोत्तर क्षेत्र में कनेक्टिविटी और यात्री-केंद्रित बुनियादी ढांचा को मजबूत करने के भारतीय रेलवे के विजन के अनुरूप रेल, सूचना और प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव आगामी 9 फरवरी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सायरंग – सिलचर के बीच एक नई ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाएंगे और गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर नई पैसेंजर सुविधाओं का उद्घाटन करेंगे। यह पहल अंतर-राज्यीय कनेक्टिविटी को एक महत्वपूर्ण बढ़ावा देगी, साथ ही यात्रियों के लिए आराम, सुविधा और देखभाल को भी बढ़ाएगी।
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) के सीपीआरओ कपिंजल किशोर शर्मा ने रविवार काे बताया कि सायरंग रेलवे स्टेशन पर होने वाले इस कार्यक्रम में मिजाेरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा भी मौजूद रहेंगे। यह रेल सेवा मिजोरम की राजधानी क्षेत्र के लिए रेल कनेक्टिविटी को बढ़ाने में एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा। असम के सांसद (राज्यसभा) कनाद पुरकायस्थ भी इस कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल होंगे, जबकि रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति सायरंग और गुवाहाटी रेलवे स्टेशनों पर मौजूद रहेंगे।
नई सायरंग – सिलचर ट्रेन सेवा मिजोरम की राजधानी क्षेत्र को सीधी, किफायती और आरामदायक रेल कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। यह राज्य के प्राकृतिक पर्यटन स्थलों तक पहुंच में भी सुधार लाएगी, जिससे पर्यटन और आतिथ्य, स्थानीय व्यापार और गाइडिंग सेवाओं जैसी संबंधित गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। चूंकि सिलचर उच्च शिक्षा और चिकित्सा सुविधाओं का एक प्रमुख केंद्र है, इसलिए यह नई ट्रेन सेवा मिज़ोरम के मरीजों और छात्रों के लिए काफी लाभप्रद होगी।
गुवाहाटी रेलवे स्टेशन के एक प्रमुख स्थान पर नई पैसेंजर सुविधाएं विकसित की गई है। इसमें एक वातानुकूलित लाउंज, लाइटिंग, वेंटिलेशन और चार्जिंग प्वाइंट सुविधाओं सहित सुरक्षित स्लीपिंग पॉड्स और महिलाओं को समर्पित एक प्रसाधन कक्ष है। यह केवल भुगतान करने वाले उपयोगकर्ताओं के लिए एक सीमित बहु व्यंजन कैटरिंग सेवा भी प्रदान करता है, जो भारतीय रेलवे के विश्व स्तरीय स्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर यात्री अनुभव के विज़न के अनुरूप एकीकृत सेवा डिज़ाइन का एक मॉडल है।
नई ट्रेन सेवाओं और पैसेंजर-केंद्रित पहलों की शुरुआत आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर यात्री अनुभव के प्रति पूसीरे की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसमें पूरे पूर्वोत्तर में सुविधाओं और सेवाओं के लिए नए मानक स्थापित करने की क्षमता है।
बेंगलुरु, 08 फरवरी (हि.स.)। भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते को स्वीकार कर उसका स्वागत करने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अमेरिका के सामने पूरी तरह से समर्पण कर चुके हैं। आने वाले दिनों में यह समझौता 140 करोड़ भारतीयों के लिए, विशेष रूप से देश के 72 करोड़ किसानों के लिए मृत्यु-पत्र साबित होगा। यह आरोप कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने लगाया है।
सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी एक बयानों में मुख्यमंत्री ने कहा कि दो देशों के बीच संबंध समानता और पारस्परिक सम्मान के आधार पर होने चाहिए, न कि दबाव, धमकी और एकतरफा नीति निर्धारण के आधार पर। लेकिन भारत–अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के प्रावधानों को देखने से यह साफ है कि यह मालिक के आदेश पर सेवक द्वारा सिर हिलाने जैसा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रूस से तेल खरीदने वाले भारत पर दबाव बनाने के उद्देश्य से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय वस्तुओं पर भारी शुल्क लगाया था। अब उसे 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर भारत पर उपकार करने का नाटक किया जा रहा है। इसके बदले भारत ने अमेरिकी वस्तुओं पर शुल्क शून्य कर दिया है। यह स्पष्ट रूप से एक असमान और अन्यायपूर्ण समझौता है, फिर भी केंद्र सरकार द्वारा इसे स्वीकार करना देशवासियों के साथ विश्वासघात है।
वर्तमान में भारत अपनी कुल तेल आवश्यकता का लगभग 40 प्रतिशत रूस से खरीदता है। लेकिन इस समझौते के तहत अमेरिकी दबाव में आकर रूस से तेल खरीद कम कर अमेरिका और वेनेजुएला से तेल खरीदने पर सहमति जताई गई है। यह भारत की पूर्ण शरणागति है। इससे देश में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में वृद्धि होगी और आवश्यक वस्तुएं भी महंगी होंगी, ऐसा उन्होंने चेतावनी दी।
सिद्धारमैया ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस समझौते से होने वाले मामूली लाभों को बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है और भारतीय जनता, खासकर किसानों को होने वाले भारी नुकसान को जानबूझकर छिपा रही है। अमेरिकी किसान समुदाय द्वारा इस समझौते का खुले तौर पर स्वागत किया जाना ही इस बात का प्रमाण है कि यह भारतीय किसानों के लिए विनाशकारी सिद्ध होगा।
उन्होंने कहा कि अमेरिका के किसान भारत की तुलना में कहीं अधिक सब्सिडी प्राप्त करते हैं, जिससे वे कम कीमत पर अपने कृषि उत्पाद बेच सकते हैं। इसी खतरे को देखते हुए अब तक की सभी सरकारों ने अमेरिकी कृषि उत्पादों पर ऊंचा आयात शुल्क लगाया था। यदि अब यह शुल्क हटा दिया गया तो अमेरिकी सस्ते अनाज, फल, सब्ज़ी और डेयरी उत्पाद भारतीय बाजारों में भर जाएंगे, जिससे भारतीय किसान दिवालिया होने की कगार पर पहुंच जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समझौते में भारतीय हितों की रक्षा का कोई उद्देश्य नहीं है। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या अंतरराष्ट्रीय दबावों और प्रधानमंत्री मोदी के करीबी उद्योगपतियों के हितों की रक्षा के लिए केंद्र सरकार ने इस देश-विरोधी समझौते को स्वीकार किया है।
सिद्धारमैया ने कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर पहले कभी इतना कमजोर नहीं रहा। उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू की गुटनिरपेक्ष नीति, इंदिरा गांधी के मजबूत नेतृत्व और डॉ मनमोहन सिंह की आर्थिक दूरदर्शिता का उल्लेख करते हुए कहा कि आज की विदेश नीति भाषणों, घोषणाओं, हाथ मिलाने और आत्मप्रचार तक सीमित हो गई है।
चीन और अमेरिका जैसी महाशक्तियों के बीच फंसा भारत अपनी अस्मिता खोने की स्थिति में पहुंच गया है। कभी डोनाल्ड ट्रंप की प्रशंसा करने वाले प्रधानमंत्री मोदी आज उनके आदेशों का पालन करने की स्थिति में आ गए हैं, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
विदेश नीति, आर्थिक और सामाजिक सभी मोर्चों पर विफल रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देशहित में इस्तीफा दे देना चाहिए, ऐसा आग्रह मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने किया है।
प्राचीन श्री हुल्का माता मंदिर में होली के अगले दिन से लगता है 15 दिवसीय बसौडा मेला
मुरादाबाद, 08 फरवरी (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद राष्ट्रीय बजरंग दल महानगर व जिला मुरादाबाद की मासिक बैठक रविवार को लाजपत नगर रामलीला मैदान में सम्पन्न हुई जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रदेश अध्यक्ष रोहन सक्सेना ने कहा कि आगामी समय में अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद राष्ट्रीय बजरंग दल मुरादाबाद में एक आंदोलन करने जा रहा है जिसके अंतर्गत मुरादाबाद में थाना सिविल लाइन क्षेत्र स्थित प्राचीन श्री हुल्का माता मंदिर में होली के अगले दिन से लगने वाले 15 दिवसीय बसौडा मेले में एक भी दुकान या झूला मुसलमान का नहीं होगा।
रोहन सक्सेना ने आगे कहा कि इसके लिए राष्ट्रीय बजरंग दल मुरादाबाद के जिला अधिकारी को ज्ञापन भी दिया जाएगा और उनसे निवेदन किया जाएगा कि वह इस मांग को स्वीकार करें। रोहन सक्सेना ने आगे बताया कि हर महीने लगने वाला मासिक भंडारा 17 फरवरी को यथा स्थान पर रहेगा, 22 फरवरी को ओजस्विनी के द्वारा मुरादाबाद में पुष्प होली महोत्सव का कार्यक्रम धूमधाम के साथ मनाया जाएगा।
बैठक में महानगर अध्यक्ष सुरेश गुप्ता, पवित्रा शर्मा, इशांक भारद्वाज, अक्षय शुक्ला, गंगा राणा, ललित सैनी, अभिषेक श्रीवास्तव, कृष शर्मा, रोहित कश्यप, पूनम आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।