नई दिल्ली, 13 फ़रवरी (हि.स.)। लोकसभा में बजट सत्र का पहला चरण शुक्रवार को संपन्न हो गया। पीठासीन अधिकारी संध्या राय ने सदन की कार्यवाही 9 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी। अब बजट सत्र का दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होगा, जो 2 अप्रैल तक चलेगा।
लोकसभा की कार्यवाही पूर्वाह्न 11 बजे शुरू होने पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल के सदस्यों ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग को लेकर हंगामा करने लगे। इसके चलते कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी। जब 12 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो पीठासीन अधिकारी संध्या राय ने बताया कि कई सदस्यों ने कार्यस्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है, जिसे नामंजूर कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम पुकारा। प्रधान ने अपने मंत्रालय से संबंधित प्रश्नों के उत्तर सदन के पटल पर रखे। इसके बाद केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी, विधि एवं न्याय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुनराम मेघवाल, आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव, वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री जितिन प्रसाद, गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने अपने-अपने मंत्रालयों से संबंधित प्रश्नों के उत्तर सदन के पटल पर रखे।
लोकसभा के महासचिव उत्पल कुमार सिंह ने बताया कि औद्योगिक संबंध संहिता (संशोधन) विधेयक, 2026 को 12 फरवरी को राज्यसभा ने भी बिना किसी संशोधन के पारित कर दिया है। इससे पहले यह विधेयक लोकसभा में पारित हो चुका है। ।
इसके बाद पीठासीन अधिकारी संध्या राय ने सदन की कार्यवाही 9 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी।
उल्लेखनीय है कि संसद का बजट सत्र 28 जनवरी को शुरू हुआ और 01 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश किया गया था।
लखनऊ, 13 फरवरी (हि.स.)। वाराणसी के बाद लखनऊ, अयोध्या, मेरठ, मीरजापुर समेत उत्तर प्रदेश में कई जिलों की काेर्ट काे बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिला है। संबंधित अदालत परिसर की पुलिस टीमों ने बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड के साथ छानबीन की लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। कचहरी परिसरों में सुरक्षा बढ़ा दी गई हैं। एटीएस, एसटीएफ और सुरक्षा जांच एजेंसी सतर्क हाे गई हैं।
पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि लखनऊ के सिविल काेर्ट, कचहरी परिसर में बम होने की सूचना एक ईमेल के जरिए भेजी गई थी। इसकी जानकारी होते ही पुलिस टीमें, डॉग स्क्वायड टीमों ने कचहरी परिसर में सभी स्थानों पर गहन छानबीन की। अधिवक्ताओं ने अपने बस्ते और आसपास की जगहों पर जांच की लेकिन कोई भी वस्तु नहीं मिली। इस दौरान कचहरी परिसर में अफरातफरी का माहौल रहा। घटना के मद्देनजर एहतियातन कहचरी परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इस मामले की जांच के लिए टीमें गठित की गई हैं।
इसी तरह अयोध्या कचहरी में बम होने की सूचना मिली। मौके पर पुलिस के तमाम अधिकारी, फोर्स के साथ पहुंच गये। बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वायड के साथ गहन छानबीन की लेकिन कोई विस्फोटक सामान नहीं मिला है। सीओ सिटी श्रीयश त्रिपाठी ने बताया कि इस मामले को गंभीरता से लेकर कचहरी परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इसके अलावा मीरजापुर कहचरी को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। जिला जज ने डिस्ट्रिक्ट बार को मामले से अवगत कराया। धमकी के बाद न्यायालय क्षेत्र में पहुंचे भारी पुलिस बल ने गहन तलाशी की लेकिन कोई भी संदिग्ध चीजें नहीं मिली है।
इससे पहले जनपद वाराणसी में कचहरी परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिली। यह धमकी जिला जज के आधिकारिक ई-मेल आईडी पर बीती रात करीब 1:30 बजे भेजी गई थी। पूर्वाह्न में जिला जज ने इस संबंध में सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह गौतम को जानकारी दी। डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार और कैंट थाना प्रभारी के नेतृत्व में पूरे कचहरी परिसर की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया गया। चप्पे-चप्पे की जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
कचहरी परिसरों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा जांच एजेंसियां सतर्क हो गई है। प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि यह मैसेज तमिलनाडु से आया है। लेकिन कहीं से कुछ भी वस्तु न मिलने पर यह किसी विक्षिप्त या फिर शरारती तत्वों की हरकत प्रतीत हो रही है। हालांकि धमकी को पूरी गंभीरता से लेकर कचहरी परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सर्विलांस और साइबर सेल की मदद से धमकी देने वालों की तलाश की जा रही है।
रायपुर, 13 फ़रवरी (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में चर्चित गैंगरेप मामले में 7 सालों तक नाबालिग से दुष्कर्म करने के आरोप में फरार चल रहे पूर्व सांसद के पूर्व पीए सहित दो आरोपिताें ने आज शुक्रवार काे कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है।
जानकारी के अनुसार आत्मसमर्पण करने वालों में बीएन पांडेय शामिल है, जो दुर्ग सांसद का पूर्व पीए रह चुका है। दूसरा आरोपित संजय पंडित बताया गया है। दोनों ने आज अदालत पहुंचकर आत्मसमर्पण किया है।
उल्लेखनीय है कि पीड़िता ने महिला थाने में दर्ज शिकायत में बताया कि आरोपित बीएन पांडेय ने उसे पीडब्ल्यूडी विभाग में नौकरी लगवाने में मदद की। इसी दौरान उसने व्हाट्सएप पर न्यूड वीडियो मंगवाए। बाद में इन्हीं वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर कई सालों तक शारीरिक शोषण किया गया।
दूसरा आरोपित संजय पंडित पर आरोप है कि उसने होटल और रेस्ट हाउस के प्रबंधन के बहाने नौकरी से निकालने का डर दिखाकर दुष्कर्म किया।
इस मामले में चार आरोपिताें को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी। अब दो और आरोपिताें के आत्मसमर्पण के बाद कुल छह आरोपित पुलिस की पकड़ में हैं।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणि शंकर चंद्रा ने बताया कि दोनों आरोपित लंबे समय से फरार थे। पुलिस लगातार दबिश दे रही थी और संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी। बढ़ते दबाव के बीच आखिरकार दोनों ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया है। पुलिस अब कोर्ट से रिमांड की तैयारी में है।
भारत माता हम सभी के लिए एकता, अखण्डता और आत्मगौरव की प्रेरणा हैं: उप मुख्यमंत्री
भदोही, 13 फरवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक शुक्रवार को भदोही पहुँचे। इस दौरान उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुरियावां का निरीक्षण किया। बाद में वह कार से भदोही के पूर्व विधायक रविंद्रनाथ त्रिपाठी के यहाँ मांगलिक कार्यक्रम में शामिल हुए। बाद में चौगना गाँव में बने हेलीपैड से दूसरे कार्यक्रम के लिए उड़ान भरी। उप मुख्यमंत्री से जब पत्रकारों ने यूजीसी सम्बन्ध में सवाल किया तो उन्होंने एसआईआर पर जबाब दिया।
उप मुख्यमंत्री ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) सुरियावां का गहन निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। वेटिंग हाल में बैठी बुजुर्ग मरीज कुसुम देवी से उन्होंने आत्मीयता पूर्वक वार्ता की। मरीज द्वारा पैर में दर्द की समस्या बताई गई, जिस पर उप मुख्यमंत्री ने जांच रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध कराकर समुचित उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मरीज के पति के अंगुली में चोट लगने की जानकारी मिलने पर उप मुख्यमंत्री ने स्वयं महिला मरीज के मोबाइल से वार्ता कर उन्हें अपने पास बुलवाया तथा बेहतर उपचार का आश्वासन दिया। प्रतीक्षालय में बैठी दूसरी मरीज चन्दा देवी से भी उन्होंने बातचीत कर उपचार एवं दवा उपलब्धता की जानकारी ली। मरीजों ने संतोषजनक सेवाएं मिलने की पुष्टि की।
उप मुख्यमंत्री ने सीएचसी में जन्मे बच्चों का अपने हाथों से बर्थ सर्टिफिकेट प्रदान करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना किया। उन्होंने निरीक्षण कर भर्ती मरीजों का हाल-चाल जाना गया तथा उपलब्ध दवाओं की जानकारी प्राप्त की गई। आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था से वे संतुष्ट दिखाई दिए। ओपीडी कक्ष का निरीक्षण करते हुए उन्होंने मरीजों से पूछा कि उन्हें उपचार एवं दवाएं समय से मिल रही हैं या नहीं। संतोषजनक उत्तर प्राप्त होने पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की। दवा वितरण कक्ष में दवाओं की उपलब्धता का परीक्षण किया गया। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ० संतोष कुमार चक द्वारा अवगत कराया गया कि आवश्यक जीवन रक्षक दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
उप मुख्यमंत्री ने एनबीएसयू एवं एमएनसीयू कक्ष को और अधिक सुव्यवस्थित करने के निर्देश दिए। दिव्यांग, महिला एवं सामान्य शौचालयों का निरीक्षण कर स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर बल दिया। अस्पताल परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र कराने हेतु निर्देशित किया।
प्रेस प्रतिनिधियों से संवाद के दौरान उप मुख्यमंत्री ने कहा कि निरीक्षण के पश्चात यह स्पष्ट हुआ कि चिकित्सक मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार कर रहे हैं। अस्पताल भवन की आवश्यक मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण के लिए तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। यदि अतिरिक्त धनराशि की आवश्यकता होगी तो शासन स्तर से अविलम्ब स्वीकृति प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रत्येक नागरिक को उत्तम एवं निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। जच्चा-बच्चा वार्ड में बेहतर सेवाओं के कारण मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आई है। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि प्रसव संस्थागत रूप से सरकारी अस्पतालों में ही कराएं तथा निजी अस्पतालों में जाने से बचें। आवश्यकतानुसार जनपद के सरकारी चिकित्सालयों को और अधिक उच्चीकृत किया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री ने ग्राम चौगुना, सुरियावां (कडोर) स्थित सर्वशक्तिधाम मंदिर प्रांगण में भारत माता की पावन प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह प्रतिमा केवल एक मूर्ति नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक गौरव एवं मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारत माता हम सभी के लिए एकता, अखण्डता और आत्मगौरव की प्रेरणा हैं। आइए, हम सभी राष्ट्र निर्माण एवं सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण हेतु निरंतर प्रयासरत रहें।
हेलीपैड स्थल पर जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा, पूर्व विधायक रवीन्द्रनाथ त्रिपाठी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा शिष्टाचार भेंट कर स्वागत एवं अभिनन्दन किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी शैलेष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। आगमन उपरांत उप मुख्यमंत्री ने जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण करने का कार्यक्रम प्रारम्भ किया। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ल, अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल,अपर जिलाधिकारी कुंवर वीरेंद्र मौर्य ,उप जिलाधिकारी भदोही अरुण गिरी,न्यायिक बरखा सिंह ,पुलिस उपाधीक्षक चमन सिंह चावड़ा, अशोक कुमार मिश्र सहित अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि गण उपस्थित रहे।
अभिनेता-निर्देशक फरहान अख्तर को आखिरी बार फिल्म ‘120 बहादुर’ में देखा गया था, जो नवंबर 2025 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। अब वह अंतरराष्ट्रीय सिनेमा में कदम रखने जा रहे हैं। खबर है कि फरहान को मशहूर हॉलीवुड निर्देशक सैम मेंडेस की महत्वाकांक्षी बायोपिक परियोजना ‘द बीटल्स’ में अहम भूमिका मिली है। इस खबर से उनके प्रशंसकों में उत्साह का माहौल है। मेंडेस इससे पहले ‘हैमनेट’ और स्पेक्टर जैसी चर्चित फिल्मों का निर्देशन कर चुके हैं।
पंडित रवि शंकर की भूमिका में नजर आएंगे फरहान
रिपोर्ट्स के अनुसार, सोनी पिक्चर्स ने अपनी बहुप्रतीक्षित परियोजना ‘द बीटल्स– ए फोर-फिल्म सिनेमैटिक इवेंट’ के लिए नए कलाकारों की घोषणा की है, जिसमें फरहान अख्तर का नाम भी शामिल है। वह फिल्म में महान भारतीय शास्त्रीय संगीतकार पंडित रवि शंकर का किरदार निभाते दिखाई देंगे। ज्ञात हो कि 1970 के दशक में ‘द बीटल्स’ के भारत दौरे के दौरान पंडित रवि शंकर ने उनकी मेजबानी की थी और भारतीय संगीत से उनका परिचय कराया था। फरहान के करियर की यह पहली अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म होगी। इससे पहले वह अमेरिकी वेब सीरीज मिस मार्वल में कैमियो भूमिका में नजर आ चुके हैं।
अन्य कलाकार भी होंगे शामिल
चार भागों में बनने जा रही इस बायोपिक में कई अंतरराष्ट्रीय कलाकारों को भी कास्ट किया गया है। जानकारी के अनुसार, पॉल मैककार्टनी की मंगेतर जेन एशर की भूमिका में लूसी बॉयटन नजर आएंगी। वहीं, बीटल्स के मूल ड्रमर स्टुअर्ट सटक्लिफ के किरदार में हैरी लॉटी और जॉन लेनन की पहली पत्नी सिंथिया पॉवेल के रूप में मॉर्फिड क्लार्क दिखाई देंगी।
फिलहाल फिल्म की शूटिंग कब और कहां शुरू होगी, इस बारे में निर्माताओं ने कोई आधिकारिक जानकारी शेयर नहीं की है। हालांकि, इस अंतरराष्ट्रीय परियोजना के साथ फरहान अख्तर का जुड़ना भारतीय सिनेमा के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
प्राइम वीडियो और इटरनल सनशाइन प्रोडक्शंस के सहयोग से बनी फिल्म ‘डोंट बी शाय’ ने लंदन में आयोजित ‘प्राइम वीडियो प्रेजेंट्स: इंटरनेशनल ओरिजिनल्स’ इवेंट में खासा ध्यान आकर्षित किया। 12 फरवरी को हुए इस कार्यक्रम में आलिया भट्ट और निखिल माधोक एक साथ मंच पर नजर आए। यह इवेंट में शामिल एकमात्र भारतीय टाइटल था, जिसने अंतरराष्ट्रीय मंच पर सुर्खियां बटोरीं। फिल्म 20 वर्षीय श्यामिली ‘शाय’ दास की कहानी है, जिसकी सजी-संवरी जिंदगी एक अनचाहे मोड़ के बाद पूरी तरह बदल जाती है।
चर्चा के दौरान आलिया भट्ट ने कहा कि उनका झुकाव स्वाभाविक रूप से मजबूत महिला किरदारों की ओर रहता है, लेकिन फिल्म में दिलचस्प पुरुष पात्र भी हैं। उन्होंने कहा, “इस फिल्म में दो मेल कैरेक्टर्स को बेहद नए नजरिए से पेश किया गया है, जिसे लेकर मैं उत्साहित हूं।” वहीं, प्राइम वीडियो इंडिया के डायरेक्टर और हेड ऑफ ओरिजिनल्स निखिल मधोक ने बताया कि मंच हमेशा से ‘फीमेल फर्स्ट’ कहानियों को बढ़ावा देता रहा है, ऐसी कहानियां जिनमें महिला किरदारों को मजबूती, बारीकी और अपनी पसंद-नापसंद की स्वतंत्रता के साथ लिखा जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि कैमरे के आगे और पीछे नए टैलेंट को मौका देना उनकी प्राथमिकता है और ‘डोंट बी शाय’ इस सोच का बेहतरीन उदाहरण है।
आलिया ने फिल्म के अंदाज को क्लासिक और फ्रेश का मेल बताते हुए कहा कि इसमें समर और हॉलिडे फिल्म जैसी पुरानी यादों वाली फीलिंग है, लेकिन एक नई आवाज और ऊर्जा के साथ। इटर्नल सनशाइन प्रोडक्शंस के तहत आलिया और शाहीन भट्ट द्वारा निर्मित इस फिल्म को स्रीती मुखर्जी ने लिखा और निर्देशित किया है।
हैदराबाद, 13 फ़रवरी (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष रणचंदर राव ने कहा कि अब तक पार्टी ने राज्य भर में 116 नगरपालिकाओं और 7 निगमों के चुनावों में आधिकारिक रूप से 250 से अधिक वार्ड जीत लिए हैं। भाजपा करीब 6 नगरपालिकाओं में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।
प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि राज्य में पहली बार भाजपा निज़ामाबाद और करीमनगर नगर निगम जीतने की दिशा में आगे बढ़ रही है और नगर निगम में लगभग 70 डिवीजन जीतने का अनुमान है। मंचेरियल, रामागुंडम, नलगोंडा और अन्य क्षेत्रों में भी पार्टी की स्थिति मजबूत हुई है। नगर निगम और वार्ड सदस्यों सहित कुल 320–350 सीटें भाजपा जीतने की राह पर है।
रणचंदर राव ने कहा कि भाजपा 5 नगरपालिकाओं—वेमुलावाड़ा, रायकल, नारायणपेट, आदिलाबाद और मेटपल्ली—में चेयरमैन पद भी जीत रही है। उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान जारी घोषणा पत्र और केंद्र सरकार के सहयोग से नगर पालिकाओं के विकास प्रयासों को उजागर किया। साथ ही राज्य सरकार की नाकामियों, भ्रष्टाचार और अन्याय पर भी आरोप लगाए।
प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि कई वार्डों में भाजपा के उम्मीदवार केवल 2 से 25 वोट के मामूली अंतर से हारे, जिसका कारण त्रिकोणीय मुकाबला था। इसके बावजूद पार्टी ने उन जिलों में भी जीत दर्ज की, जहां पहले उसका प्रतिनिधित्व नहीं था, जैसे भद्राद्री-कोठागुडेम जिले के अश्वरावपेट और कोठागुडेम कॉर्पोरेशन में वार्ड और डिवीजन जीत।
रणचंदर राव ने आरोप लगाया कि मिली जीत में सत्ता का गलत इस्तेमाल और पुलिस के अत्याचार का योगदान रहा। उन्होंने कहा कि भाजपा एक उभरती हुई पार्टी है और उसका मत प्रतिशत 13 से बढ़कर 20 प्रतिशत हो गया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने खुलासा किया कि आदिलाबाद, खानपुर और बैंसा इलाकों में भाजपा चेयरमैन पद जीतने जा रही है। उन्होंने मजलिस समुदाय के समर्थन से कांग्रेस और बीआरएस की जीत को प्रभावित बताया। वहीं, एमआईएम मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने मुस्लिम मतदाताओं से कांग्रेस या बीआरएस को वोट देने की अपील की, जिससे भाजपा को नुकसान हुआ।
रणचंदर राव ने निष्कर्ष निकाला कि तेलंगाना में भाजपा का दबदबा बढ़ा है, हालांकि नगरपालिका चुनावों में अपेक्षित परिणाम सभी जगह नहीं मिले।———-
कोलकाता, 13 फरवरी (हि. स.)। पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े सभी दस्तावेज अगले पांच वर्षों तक सुरक्षित रखे जाएंगे। यह निर्देश भारत निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को जारी किया।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने आयोग की वर्चुअल बैठक में यह स्पष्ट किया कि मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया से संबंधित सभी अभिलेख निर्धारित अवधि तक संरक्षित रखे जाएं। बैठक में पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल, उनके अधीनस्थ अधिकारी, सभी जिलाधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ), निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) और सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) उपस्थित थे।
सीईओ कार्यालय के एक सूत्र के अनुसार, सीईसी ने चेतावनी दी कि यदि मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के पांच वर्ष बाद भी किसी विदेशी नागरिक का नाम सूची में पाया जाता है, तो संबंधित निर्वाचन अधिकारियों जिसमें डीईओ भी शामिल होंगे, के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों ने बताया कि सीईसी ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी की जिम्मेदारी तय होती है, तो इसका प्रभाव उसकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट पर पड़ेगा, जिससे उसके करियर पर दीर्घकालिक असर हो सकता है।
बैठक में डीईओ को निर्देश दिया गया कि दावों और आपत्तियों की सुनवाई के दौरान केवल आयोग द्वारा सूचीबद्ध 13 दस्तावेजों को ही वैध पहचान प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाए। दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया के दौरान विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। आयोग ने यह भी संकेत दिया कि कुछ मामलों में गैर-सूचीबद्ध और अयोग्य दस्तावेज सिस्टम में अपलोड किए गए हैं, जिसे गंभीरता से लिया गया है।
सीईसी ने भविष्य में ऐसी किसी भी अनियमितता पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है और राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को मामलों की व्यक्तिगत निगरानी करने को कहा है। दावों और आपत्तियों की सुनवाई के लिए बढ़ाई गई समय-सीमा शनिवार को समाप्त होगी। दस्तावेजों की जांच 21 फरवरी तक जारी रहेगी, जबकि अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी।
कोलकाता, 13 फरवरी (हि. स.)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को बताया कि उसने तीन अलग-अलग मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में कुल 302.89 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की हैं।
ईडी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सबसे बड़ी कार्रवाई अंडमान एवं निकोबार स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (एएनएससीबीएल) में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले में की गई है। इस मामले में 200.02 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की गई हैं।
आधिकारिक बयान में कहा गया है कि कुर्क की गई संपत्तियों में अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में स्थित होटल, रिसॉर्ट और भूमि के भूखंड शामिल हैं।
ईडी के अनुसार, इस कार्रवाई के साथ अब तक चिन्हित अपराध की आय का एक बड़ा हिस्सा सुरक्षित कर लिया गया है।
दूसरी सबसे बड़ी कार्रवाई 100.44 करोड़ रुपये की है, जो ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के लीजहोल्ड क्षेत्रों में कथित अवैध कोयला खनन और तस्करी से संबंधित है। ईसीएल, कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) की सहायक कंपनी है।ईडी ने अपने बयान में कहा कि आठ जनवरी 2026 को कोलकाता और दिल्ली में 10 स्थानों पर छापेमारी की गई थी। तलाशी के दौरान जब्त साक्ष्यों के आधार पर अपराध की आय को संबंधित संपत्तियों से जोड़ा गया। इस मामले में अब तक कुल कुर्की 322.71 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है।
तीसरे मामले में ईडी के कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालय ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत पीकेएस लिमिटेड और उसके निदेशकों, जिनमें स्वप्न कुमार साहा शामिल हैं, के खिलाफ अभियोजन शिकायत के आधार पर 2.43 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क की है। इससे पहले इस मामले में 27.88 करोड़ रुपये मूल्य की चल संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं और बैंक खातों को फ्रीज किया गया है।
इन तीनों मामलों में पश्चिम बंगाल का कोयला तस्करी मामला सबसे चर्चित बना हुआ है। पिछले महीने कोलकाता के साल्टलेक स्थित इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) के कार्यालय और मध्य कोलकाता के लाउडन स्ट्रीट स्थित आई-पैक के सह-संस्थापक प्रशांत जैन के आवास पर ईडी की समानांतर तलाशी कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया था।
तलाशी के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वरिष्ठ नौकरशाहों और पुलिस अधिकारियों के साथ दोनों स्थानों पर पहुंची थीं और बाद में कुछ दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक सामग्री अपने साथ ले गई थीं। यह मामला वर्तमान में उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है। पिछले महीने ईडी निदेशक राहुल नवीन ने भी कोलकाता का दौरा कर राज्य में चल रही कई चर्चित वित्तीय अनियमितताओं, जिनमें कोयला तस्करी जांच भी शामिल है, की समीक्षा की थी।
संभल, 13 फ़रवरी (हि.स.)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल जिला न्यायालय के 25 अधिवक्ताओं को नोटिस जारी किए हैं। यह कार्रवाई पूर्व मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विभांशु सुधीर के तबादले के विरोध में प्रदर्शन करने के मामले में की गई है। जिला जज की ओर से शुक्रवार को सभी अधिवक्ताओं को ये नोटिस तामील कराए गए।
पूर्व सीजेएम विभांशु सुधीर का तबादला 20 जनवरी को सुल्तानपुर के लिए कर दिया गया था। इसके विरोध में 21 जनवरी को बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राजेश यादव के नेतृत्व में दर्जनों अधिवक्ताओं ने जिला न्यायालय में प्रदर्शन किया था। उन्होंने सीजेएम के तबादले को रद्द करने की मांग की थी।
सीजेएम विभांशु सुधीर ने 9 जनवरी 2026 को एक याचिका पर सुनवाई करते हुए संभल के तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी और इंस्पेक्टर अनुज तोमर सहित 20 पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। यह याचिका संभल कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नई सराय निवासी आलम के पिता यामीन ने दायर की थी।
आलम ने दावा किया था कि 24 नवंबर 2024 को एक विवादित धार्मिक स्थल (शाही जामा मस्जिद बनाम श्रीहरिहर मंदिर) के सर्वे के दौरान भड़की हिंसा में उसे पुलिस की तीन गोलियां लगी थीं। इसी घटना के संबंध में सीजेएम ने पुलिसकर्मियों पर एफआईआर के आदेश दिए थे।
अधिवक्ता राजेश यादव ने बताया कि कुछ अधिवक्ताओं को नोटिस मिल गए हैं, जबकि कुछ को अभी मिलने बाकी हैं। उन्होंने कहा कि सभी अधिवक्ताओं के पास नोटिस पहुंचने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि किन-किन अधिवक्ताओं को नोटिस जारी किए गए हैं।
हालांकि पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की और इलाहाबाद हाईकोर्ट मामला पहुंचा। 10 फरवरी को न्यायमूर्ति समित गोपाल ने सुनवाई करते हुए सीजेएम कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी, 5 हफ्ते के बाद 23 मार्च को इस मामले की फिर से सुनवाई होगी।