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एलआईसी का मुनाफा 17 फीसदी बढ़कर 12,958 करोड़ रुपये

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नई दिल्‍ली, 05 फरवरी (हि.स)। सार्वजनिक क्षेत्र की जीवन बीमा कंपनी भारतीय जीवनी बीमा निगम (एलआईसी) ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही के नतीजे का ऐलान कर दिया है। 31 दिसंबर को समाप्‍त अक्‍टूबर-दिसंबर तिमाही में एलआईसी का मुनाफा 17 फीसदी बढ़कर 12,958 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। कंपनी ने वित्त वर्ष 2024-25 की इसी तिमाही में 11,056 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था।

एलआईसी ने गुरुवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि चालू वित्‍त वर्ष 2025-26 की अक्‍टूबर-तिमाही के दौरान बीमा कंपनी की शुद्ध प्रीमियम आय बढ़कर 1,25,613 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वित्‍त वर्ष 2024-25 की इसी तिमाही में 1,06,891 करोड़ रुपये रही थी। सार्वजनिक क्षेत्र की जीवन बीमा कंपनी के मुताबिक कुल आय भी तीसरी तिमाही में बढ़कर 2,33,984 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वित्‍त वर्ष की इसी तिमाही में 2,01,994 करोड़ रुपये थी। एलआईसी का नए कारोबार से प्रीमियम चालू वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में 10,605 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्‍त वर्ष 2024-25 की इसी अवधि में 7,285 करोड़ रुपये था।

बेलडांगा हिंसा मामले में आरोपितों के पेश न होने पर एनआईए ने राज्य पुलिस पर उठाए सवाल

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कोलकाता, 05 फरवरी (हि. स.)। पश्चिम बंगाल में मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में हुई हिंसा मामले में गुरुवार को आरोपितों को कोलकाता के बैंकशाल कोर्ट में पेश नहीं किया जा सका। इस पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने राज्य पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। एनआईए ने अदालत को बताया कि अब तक उन्हें केस डायरी भी नहीं सौंपी गई है।

सुनवाई के दौरान एनआईए के वकील ने बताया कि आरोपित फिलहाल मुर्शिदाबाद जेल में हैं, लेकिन पर्याप्त पुलिस एस्कॉर्ट नहीं मिलने के कारण उन्हें अदालत में पेश नहीं किया जा सका। जेल सुपर ने जानकारी दी कि पुलिस सुपरिंटेंडेंट वाहन और सुरक्षा व्यवस्था नहीं करा सके, जिसके चलते आरोपितों को कोलकाता नहीं लाया जा सका।

एनआईए ने अदालत को यह भी बताया कि जेल को पहले ही सुरक्षा व्यवस्था के साथ आरोपितों को पेश करने की सूचना दी गई थी। जेल प्रशासन ने राज्य पुलिस से एस्कॉर्ट मांगा था, लेकिन सहयोग नहीं मिला। एजेंसी का कहना है कि जांच अधिकारी केस डायरी के बिना जांच आगे नहीं बढ़ा पा रहे हैं।

इस पर न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि क्या स्थानीय पुलिस के असहयोग के कारण आरोपितों को पेश नहीं किया जा सका। एनआईए ने इस पर सहमति जताई। इसके बाद अदालत ने आदेश दिया कि 12 फरवरी को आरोपितों को हर हाल में अदालत में पेश किया जाए। साथ ही राज्य पुलिस के जांच अधिकारी को उस दिन सशरीर अदालत में उपस्थित होकर कारण बताना होगा। मुर्शिदाबाद के पुलिस अधीक्षक को भी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।

आरोपितों के वकील फाजिल अहमद खान ने कहा कि वे आरोपितों को सशरीर अदालत में पेश किए जाने की मांग कर रहे थे। उनका आरोप है कि बेलडांगा पुलिस हिरासत में आरोपितों के साथ अत्याचार किया गया है। उन्होंने कहा कि आरोपितों को पेश न किए जाने के कारण वे अदालत में अपनी बात पूरी तरह नहीं रख सके।

उल्लेखनीय है कि, झारखंड में मुर्शिदाबाद के प्रवासी मजदूर अलाउद्दीन शेख की मौत के बाद 16 जनवरी को बेलडांगा में हिंसा भड़क उठी थी। शव के पहुंचते ही लोगों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। आरोप लगाया गया कि बांग्ला भाषी होने के कारण अलाउद्दीन को बांग्लादेशी समझकर हत्या की गई, हालांकि झारखंड पुलिस ने इन आरोपों से इनकार करते हुए इसे आत्महत्या बताया था। प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग जाम किया गया, टायर जलाए गए और सियालदह–लालगोला रेल सेवा बाधित हुई। इस हिंसा में एक महिला पत्रकार भी घायल हुई थीं।

उच्च न्यायालय ने पहले ही स्पष्ट किया था कि यदि केंद्र सरकार चाहे तो बेलडांगा हिंसा की जांच एनआईए को सौंपी जा सकती है। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंप दी।

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दिल्ली को वैश्विक व्यापारिक केंद्र बनाने पर मुख्यमंत्री का जोर

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नई दिल्ली, 05 फ़रवरी (हि.स.)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता गुरुवार को 12वीं अंतरराष्ट्रीय प्लास्टइंडिया 2026 प्लास्टिक प्रदर्शनी और सम्मेलन में शामिल हुईं। विश्व स्तर के इस मंच से उन्होंने दिल्ली के औद्योगिक विकास का स्पष्ट रोडमैप साझा किया। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी में लगे विभिन्न स्टालों का भ्रमण किया और प्लास्टिक के विकास, रीसाइक्लिंग और सर्कुलर इकॉनमी से जुड़े इनोवेशन को नजदीक से देखा।

भारत मंडपम में आयोजित इस सम्मेलन में प्लास्टइंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष रविश कामत, प्लास्ट इंडिया 2026 की नेशनल एग्जीक्यूटिव काउंसिल (एनईसी) के चेयरमैन आलोक तिब्रेवाल, दिल्ली नगर निगम में नेता सदन प्रवेश वाही सहित 80 से अधिक देशों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में उद्यमी उपस्थित रहे।

दिल्ली को वैश्विक शहर और मजबूत व्यापारिक केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार उद्योग और उद्यमिता को सशक्त बनाने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। एमएसएमई सेक्टर को मजबूती देने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार 10 करोड़ रुपये तक का कोलेटरल-फ्री लोन उपलब्ध करा रही है ताकि छोटे उद्यमों को बिना किसी गारंटी के वित्तीय सहयोग मिल सके।

मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में 5,000 नए स्टार्टअप्स स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, खासकर प्लास्टिक उद्योग में इनोवेशन और सस्टेनेबल समाधानों को बढ़ावा देने के लिए। उन्होंने कहा कि ‘ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस’ को और बेहतर बनाने के लिए नीतियों को सरल किया जा रहा है, ताकि दिल्ली केवल कंजम्पशन हब न रहकर ट्रेडिंग और डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर के रूप में भी अपनी पहचान बना सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्लास्टिक वेस्ट दिल्ली को स्वच्छ और हरित बनाने में बड़ी चुनौती है और इसके समाधान के लिए रीसाइक्लिंग व वेस्ट मैनेजमेंट की आधुनिक तकनीकों पर मिलकर काम करने की जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि 2025 में भारत की प्लास्टिक इंडस्ट्री का आकार लगभग 44 अरब डॉलर रहा, जो 2026 में बढ़कर 47 अरब डॉलर तक पहुंचने की संभावना है। अनुमान है कि 2030 तक यह उद्योग करीब 64 अरब डॉलर का हो सकता है। यह सेक्टर लाखों लोगों को रोजगार देता है और वैश्विक प्लास्टिक उपभोग में भारत की हिस्सेदारी लगभग 6 प्रतिशत है, जो चीन और अमेरिका के बाद तीसरे स्थान पर है। भारत आज ग्लोबल प्लास्टिक प्रोसेसिंग हब बनने की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू किए गए स्वच्छता अभियान से आए सामाजिक बदलावों को याद करते हुए कहा कि प्लास्टिक निर्माण हमारा व्यवसाय हो सकता है, लेकिन जिम्मेदार विकास हमारा विजन होना चाहिए। यदि प्लास्टिक को सही तरीके से रीसाइकिल और डिस्पोज नहीं किया गया तो इसका पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि 2047 के विकसित भारत का लक्ष्य केवल आर्थिक प्रगति से नहीं, बल्कि सोच और व्यवहार में बदलाव से हासिल होगा।

एमएसएमई और ‘वोकल फॉर लोकल’ की भूमिका पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्लास्टिक उद्योग इन दोनों क्षेत्रों में अहम योगदान दे सकता है। उन्होंने कोविड-19 के दौरान पीपीई किट, मेडिकल सप्लाई और आवश्यक पैकेजिंग उपलब्ध कराने में प्लास्टिक उद्योग की भूमिका की सराहना की और कहा कि इस सेक्टर ने न केवल देश, बल्कि पूरी दुनिया की जरूरतों को पूरा कर कई जीवन बचाने में योगदान दिया। भारत को एक भरोसेमंद ग्लोबल सोर्सिंग हब बनाने में भी इस उद्योग की बड़ी भूमिका है।

प्लास्टइंडिया का शुभारंभ 5 फरवरी को भारत मंडपम में हुआ और यह प्रदर्शनी 10 फरवरी तक चलेगी। भारत सरकार के रसायन एवं पेट्रोकेमिकल्स विभाग, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय और एमएसएमई मंत्रालय के सहयोग से आयोजित यह आयोजन दुनिया की सबसे बड़ी प्लास्टिक प्रदर्शनियों में गिना जाता है। ‘भारत नेक्स्ट’ थीम पर आधारित यह प्रदर्शनी आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के विजन के अनुरूप मैन्युफैक्चरिंग, रोजगार सृजन और मजबूत औद्योगिक आधार को बढ़ावा देती है। इसमें 2,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शक मशीनरी, कच्चे माल, उन्नत तकनीक और सर्कुलर इकॉनमी से जुड़े समाधान पेश कर रहे हैं। खास बात यह है कि प्लास्टइंडिया 2026 को पहली बार जीरो वेस्ट एग्जिबिशन के रूप में आयोजित किया गया है, जहां कचरे का रीसाइक्लिंग और दोबारा उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है।

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मृत कौवों में मिला एच5एनआई संक्रमण, पशुपालन विभाग ने जारी की चेतावनी

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चेन्नई, 05 फ़रवरी (हि.स.)। तमिलनाडु राज्य में पिछले कुछ महीनों से बर्ड फ्लू का प्रकोप की स्थित चिंताजनक होता जा रही है। चेन्नई में कुछ दिनों पहले मृत मिले कौवों में बर्ड फ्लू संक्रमण की पुष्टि हुई है। इसके बाद राज्य सरकार ने पशुपालन सुरक्षा विभाग को अलर्ट रहने के निर्देश ने दिए। विभाग ने सतर्क रहने की चेतावनी दी है कि यह संक्रमण मनुष्यों में भी फैलने की आशंका है।

राज्य में बर्ड फ्लू के प्रकोप के कारण राज्य का पशु चिकित्सा विभाग के दल मुर्गी फार्मों, बतख पालन केंद्रों आदि पर पशु चिकित्सा दल गहन निगरानी कार्य में लगे हैं। केरल से सटे तमिलनाडु के सीमावर्ती क्षेत्र, विशेषकर कोयंबटूर के आसपास के इलाकों में बर्ड फ्लू के प्रसार को रोकने के लिए चेक पोस्टों पर पशु चिकित्सा दल और अधिकारी तैनात किए गए हैं। केरल से तमिलनाडु आने वाले वाहनों की सख्त जांच के बाद ही उन्हें प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। कोयंबटूर जिले में स्थित मुर्गी फार्मों और बतख पालन केंद्रों में यदि पक्षियों में किसी प्रकार की बीमारी या अचानक मृत्यु के मामले सामने आते हैं, तो तुरंत पशुपालन विभाग को सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।

चेन्नई में रहस्यमय ढंग से कौवों की मौत

बर्ड फ्लू के प्रसार को रोकने के लिए तमिलनाडु में कई स्तरों पर एहतियाती कदम उठाए जा रहे थे, लेकिन कुछ दिनों पहले चेन्नई के अडयार क्षेत्र में बड़ी संख्या में कौवाें की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए। सूचना मिलने पर पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने उन कौवों के नमूने जांच के लिए भोपाल स्थित प्रयोगशाला भेजे। अब इस जांच की रिपोर्ट सामने आई है।

कौवों में एच5एनआई संक्रमण की पुष्टि

रिपोर्ट में बताया गया है कि मृत कौवों में एच5एनआई वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि चेन्नई क्षेत्र में बर्ड फ्लू फैल रहा है। इस संबंध में पशुपालन विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि सार्वजनिक स्थानों पर संदिग्ध रूप से मृत पाए गए कौवों को हाथ से न छुएं। मृत कौवों को 8 से 10 फीट गहरा गड्ढा खोदकर दफनाया जाए या उन्हें जला दिया जाए। साथ ही उस क्षेत्र में कीटाणुनाशक दवा का छिड़काव किया जाए।

मनुष्यों में संक्रमण फैलने की संभावना

विभाग ने बताया है कि अब तक बर्ड फ्लू से मनुष्यों में कोई संक्रमण नहीं पाया गया है, लेकिन एहतियाती कदम उठाना आवश्यक है। कुछ महीने पहले महाराष्ट्र के लातूर जिले में बर्ड फ्लू के कारण बड़ी संख्या में कौवों की मौत हुई थी, जिसके चलते मृत पक्षियों वाले क्षेत्रों के 10 किलोमीटर के दायरे को सुरक्षा क्षेत्र घोषित किया गया था। अब चेन्नई में फैले इस बर्ड फ्लू को लेकर भी चेतावनी दी गई है कि यह मनुष्यों में फैल सकता है।

सनातन संस्कृति से भारत की पहचान: आरिफ मोहम्मद

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हरिद्वार, 05 फ़रवरी (हि.स.)। हरिद्वार में चल रहे स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज श्रीविग्रह मूर्ति स्थापना समारोह के दूसरे दिन धर्मसभा एवं संत सम्मेलन का आयोजन हुआ। सम्मेलन में देश के संतों, राजनेताओं तथा सामाजिक संगठनाें ने गुरुदेव के जीवन-दर्शन, सनातन धर्म की समन्वय परंपरा तथा राष्ट्र निर्माण में आध्यात्मिक मूल्यों की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए।

विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि संतों के आशीर्वाद और पुरुषार्थ से हमे रामजन्म भूमि की प्राप्ति हुई। कृष्ण जन्म भूमि और काशी विश्वनाथ का मामला कोर्ट में है। हो सकता है कि कुछ वर्ष लगें, हम दोनों मामले जीत जाएंगे। तब हम आप सभी को निमंत्रण देने की स्थिति में हो जाएंगे। यह शताब्दी वर्ष हिंदुत्व के जागरण और हिन्दू की शताब्दी का वर्ष है।

संघ के सह सरकार्यवाह डाॅ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि पूरे विश्व में भारत की धरती को देवत्व प्राप्त है। अध्यात्म की दीक्षा इसी धरती से प्राप्त हुई है, यहां की हर नदी, सरोवर व मंदिर पवित्र हैं। यह हमारे संस्कार ही हैं कि हम भवन निर्माण और कुछ निर्माण करने से पहले भूमि पूजन करते हैं, मां धरती माता से अनुमति लेते हैं।

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि संतों के मार्गदर्शन में देश आगे बढ़ रहा है। सनातन संस्कृति में भेदभाव नहीं है। सनातन में एकता है समाज का कल्याण है। हमारी सनातन संस्कृति मानव पोषक रही है। इस संस्कृति को युवा और महिला शक्ति से जोड़ने पर काम होना चाहिए। पिछले 12 वर्षों में भारत दुनिया की सबसे तेज गति से विकास करने वाले देशों में शामिल है। भारत विश्व की चौथी अर्थ शक्ति बना है।

बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि संतों का सान्निध्य जीवन के दुखों का समाधान है। भारत की पहचान सनातन संस्कृति से है। शंकराचार्य द्वारा स्थापित चार मठ देश की आध्यात्मिक एकता के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि परमात्मा एक है, उसकी अभिव्यक्ति विभिन्न आस्थाओं के माध्यम से होती है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि हरिद्वार में गंगा तट पर स्थित भारत माता मंदिर देश की सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि 2027 के कुंभ मेले की तैयारियाँ की जा रही हैं और महाराज जी का जीवन निरंतर सद्कर्म और साधना से प्रेरित रहा। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज सनातन संस्कृति और राष्ट्र चेतना के प्रतीक थे।

इससे पहले जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में निरंजन पीठाधीश्वर राजराजेश्वराश्रम महाराज, योगगुरु बाबा रामदेव, आचार्य प्रमोद कृष्णन, ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी, महंत ज्ञानदेव शास्त्री, आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद महाराज, निर्वाण पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विशोखानंद भारती, संघ संचालक राम गोपाल कृष्ण, प्रज्ञा भारती, आचार्य प्रमोद कृष्णम, महंत नारायण गिरी महाराज,जूना अखाड़े के महामंत्री महेश पूरी, विश्व हिंदू परिषद अध्यक्ष आलोक कुमार, महामंडलेश्वर ललितानंद गिरी, सुरेश चौहान, विधायक हरिद्वार मदन कौशिक, विधायक रुड़की प्रदीप बत्रा, राज्य मंत्री विनय रोहिला, जिलाध्यक्ष भाजपा आशुतोष शर्मा, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडे, मेलाधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल सहित अनेक साधु संत व श्रद्धालु उपस्थित रहे।

कस्टम विभाग के तीन अधिकारियों पर घूसखोरी का मामला दर्ज

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नई दिल्ली, 05 फ़रवरी (हि.स.)। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मिजोरम के चाम्फाई में तैनात रहे कस्टम विभाग के तीन अधिकारियों के खिलाफ रिश्वत लेने का मामला दर्ज किया है। इनमें एक रिटायर्ड एसपी रैंक का अधिकारी और दो इंस्पेक्टर शामिल हैं। तीनों के नाम तुआंजाखुप (तत्कालीन सुपरिंटेंडेंट, कस्टम प्रिवेंटिव फोर्स), मोहन सिंह (तत्कालीनइंस्पेक्टर, कस्टम प्रिवेंटिव फोर्स), साहिल कुमार सिन्हा (तत्कालीन इंस्पेक्टर, कस्टम प्रिवेंटिव फोर्स) हैं।

सीबीआई ने बताया कि मामला गुवाहटी में तैनात केंद्रीय जीएसटी के आयुक्त की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया। शिकायत में बताया गया कि ये अधिकारी साल 2022–23 के दौरान सुपारी, सिगरेट जैसी तस्करी की गई चीजों को बिना किसी कागजी कार्रवाई के रोक लेते थे और फिर उन्हें छोड़ने के लिए रिश्वत मांगते थे। आरोप है कि अलग‑अलग मौकों पर 35 लाख रुपये से ज्यादा की रिश्वत ली गई।

इसके अलावा, जांच में यह भी सामने आया कि जब्त किए गए माल में से 1.42 करोड़ रुपये से ज्यादा की कीमत का सामान गोदामों से गायब मिला।

सीबीआई ने आरोपितों के घरों और ठिकानों पर अरुणाचल प्रदेश, असम, राजस्थान, बिहार और मणिपुर में छापे मारे हैं। एजेंसी ने कहा है कि मामले की जांच अभी जारी है।

वाराणसी नगर निगम की नई गाड़ियां कागज पर हुईं डेड, तीन कर्मचारी निलंबित

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—नीलामी समिति में शामिल सदस्यों की जांच में खुली घोर लापरवाही की पोल, नगर आयुक्त ने की कार्रवाई,-अपर नगर आयुक्त को सौंपी पूरे प्रकरण की जांच

वाराणसी, 05 फरवरी (हि.स.)। वाराणसी नगर निगम के परिवहन विभाग ने दस साल की मियाद पूरी करने से पहले ही तमाम वाहनों को ‘डेड’ घोषित कर इसे नीलामी की सूची में शामिल कर लिया है । नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने इसे गंभीरता से लिया है । उन्होंने गुरूवार को परिवहन कार्यशाला विभाग के तीन कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच अपर नगर आयुक्त अमित कुमार को सौंपी है और 15 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है । निलंबन अवधि में तीनों कर्मचारी जांच अधिकारी से संबंध किए गए हैं । इसके पहले नीलामी समिति में शामिल उपसभापति नरसिंह दास, व पार्षद हनुमान प्रसाद तथा मदन मोहन दुबे ने यार्ड का स्थलीय निरीक्षण किया था ।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अगस्त 2022 में खरीदी गई विभिन्न प्रकार के 25 ई-गार्बेज मशीनें महज डेढ़ साल में ही कबाड़ घोषित कर दी गईं। वहीं, एक गोल्फ कॉर्ट वाहन का सिर्फ चेसिस बचा है, उसके पहिए, इंजन और बैटरी सब नदारद हैं। ​10-10 लाख की जटायु मशीनें और 75 लाख की स्वीपर मशीनों को बिना किसी एक्सपर्ट रिपोर्ट के डंपिंग यार्ड में डाल दिया गया। वर्कशॉप में खड़ी गाड़ियों के इंजन, बैटरी और पहिए तक गायब मिले। नई जेसीबी और महिंद्रा के वाहनों का कोई सर्विस रिकॉर्ड नहीं मिला। टाटा एस की जिन दो गाड़ियों पर 1.5 लाख रुपये से अधिक मरम्मत में खर्च किए गए, उन्हें भी ‘स्क्रैप’ लिस्ट में डाल दिया गया। समिति के सदस्यों ने इसकी रिपोर्ट के आधार पर महापौर व नगर आयुक्त ने भी यार्ड का स्थलीय निरीक्षण किया था । इसके बाद नगर आयक्त ने इसे गंभीरता से लिया । प्रथम दृष्टता कनिष्ठ लिपिक वैभव शरण मिश्र, सौरभ सान्याल व नृपेंद्र शंकर सिंह को वाहनों के रखरखाव में घोर लापरवाही और वित्तीय क्षति पहुंचाने के आरोप में निलंबित कर दिया । जारी निलंबल आदेश में कहा गया कि इन कर्मचारियों का कृत्य कर्मचारी आचरण नियमावली के विपरीत है और यह गंभीर दंड की परिधि में आता है।

निष्पक्ष सुनवाई के लिए आरोपी को पुलिस के कागजात दिया जाना अनिवार्य : हाईकोर्ट

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प्रयागराज, 05 फ़रवरी (हि.स.)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक आदेश में कहा है कि मुकदमे की निष्पक्ष सुनवाई के लिए आरोपित को पुलिस के कागजात दिया जाना अनिवार्य है। यह कहते हुए कोर्ट ने एक आरोपित के खिलाफ तय किए गए आरोपों को रद्द कर दिया है।

कोर्ट ने कहा कि आरोपित को पुलिस रिपोर्ट और संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराना कोई औपचारिकता नहीं, बल्कि निष्पक्ष सुनवाई का मूल तत्व है। कोर्ट ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 230 का पालन किए बिना की गई कार्यवाही निष्पक्ष और स्वतंत्र सुनवाई के सिद्धांत के विरुद्ध है।

इटावा के जविजेंद्र कुमार की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना ने याचिका स्वीकार करते हुए कहा कि बीएनएसएस की धारा 230 का अनुपालन अनिवार्य है। इसके उल्लंघन में किया गया कोई भी ट्रायल कानूनन टिकाऊ नहीं हो सकता।

याची के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 87, 352 और 65(1) के साथ पॉक्सो एक्ट और एससी/एसटी एक्ट के तहत आरोप लगाए गए थे। ट्रायल कोर्ट ने 6 जनवरी 2025 को आरोप पत्र पर संज्ञान लिया था और 4 अप्रैल 2025 की तिथि आरोप तय करने के लिए निर्धारित की। हाइकोर्ट में आरोपित की ओर से दलील दी गई कि इटावा स्थित पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत ने बीएनएसएस की धारा 230 के तहत अनिवार्य रूप से दिए जाने वाले पुलिस कागजात और दस्तावेज आरोपित को उपलब्ध नहीं कराए। इन दस्तावेजों के बिना उसको बीएनएसएस की धारा 261 और 262 के तहत आरोपमुक्ति का आवेदन दाखिल करने के वैधानिक अधिकार से वंचित कर दिया गया। राज्य सरकार व अन्य विपक्षी की ओर से कहा गया कि पुलिस कागजात की कॉपी आरोपित को दी गई थी, ऑर्डर शीट पर उसके हस्ताक्षर इस बात का प्रमाण हैं। यह भी तर्क दिया गया कि आरोपी की उपस्थिति में ही संज्ञान लिया गया था और उसे आरोपमुक्ति का आवेदन करने के लिए पर्याप्त समय दिया गया लेकिन उसने ऐसा नहीं किया, जिसके बाद आरोप तय कर दिए गए।

रिकॉर्ड और आदेश के अवलोकन के बाद हाइकोर्ट ने कहा कि आदेश के हाशिये पर आरोपित के हस्ताक्षर हैं लेकिन आदेश में कहीं भी यह उल्लेख नहीं है कि धारा 230 के तहत पुलिस रिपोर्ट और दस्तावेज उपलब्ध कराए गए हैं। केवल हस्ताक्षर के आधार पर यह नहीं माना जा सकता कि वैधानिक प्रक्रिया का पालन किया गया।

हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि धारा 230 का अनुपालन कोई साधारण औपचारिकता नहीं, बल्कि निष्पक्ष सुनवाई का सार है। यह प्रावधान मजिस्ट्रेट को यह दायित्व सौंपता है कि वह आरोपी को बिना देरी के पुलिस रिपोर्ट और बयान उपलब्ध कराए और किसी भी स्थिति में यह अवधि आरोपित के पेश होने के 14 दिनों से अधिक न हो।

एकल मामले में भी गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई संभवः हाईकोर्ट

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–गाजियाबाद निवासी अपीलार्थी की अपील खारिज

प्रयागराज, 05 फ़रवरी (हि.स.)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने गैंगस्टर एक्ट को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा है कि गैंगस्टर एक्ट के प्रावधान एकल मामले में भी लागू किए जा सकते हैं। रूल 22 के अनुसार अपराध का इतिहास अनिवार्य नहीं है। शर्त यह है कि प्राधिकारी ने संतुष्टि के बाद आदेश जारी किया हो।

न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह की एकलपीठ ने गाजियाबाद निवासी ज्योति सिंह की याचिका खारिज करते हुए यह टिप्पणी की है। याची ने बीएनएसएस की धारा 528 के अंतर्गत सज्जन सूरी और अन्य के खिलाफ दर्ज केस की पूरी प्रक्रिया, चार्जशीट और संज्ञान आदेश रद करने की मांग की थी। अभियुक्त के खिलाफ सिहानी गेट थाने में 23 सितम्बर 2024 को गैंगस्टर के तहत केस दर्ज किया गया है। इससे पहले 21 सितम्बर, 2024 को गैंग चार्ट तैयार किया गया था, जिसमें आरोपित को एक मामले में शामिल दिखाया गया था। अभियुक्त की तरफ से वकील ने कहा है कि गैंग चार्ट में केवल एक मामले का उल्लेख है और उसमें भी जमानत मिली है।

इतना ही नहीं रूल 5(3)(ए) का पालन नहीं किया गया है, क्योंकि कोई संयुक्त बैठक नहीं हुई है। गैंग चार्ट को मूल मामले की जांच पूरी हुए बिना मंजूरी नहीं दी जा सकती थी। राज्य सरकार और पीड़ित के वकील ने कहा कि गैंग चार्ट संयुक्त बैठक में तैयार किया गया था और सम्बंधित अधिकारियों ने उचित चर्चा के बाद मंजूर किया था। गैंग चार्ट को 21 सितम्बर, 2024 को पुलिस कमिश्नर ने मंजूर किया था, इसलिए इसमें कोई अवैधता या अनियमितता नहीं है। यह मूल मामले की जांच पूरी होने के बाद मंजूर किया गया था। आधार मामले की जांच 20 सितम्बर, 2024 को पूरी हुई थी और यह तथ्य गैंग चार्ट में उल्लेखित है।

अदालत ने कहा, गैंगस्टर एक्ट और रूल्स के प्रावधानों का उल्लंघन नहीं हुआ है। रूल 10(1) के अनुसार, चार्जशीट की प्रमाणित प्रति की आवश्यकता नहीं है, बल्कि जांच अधिकारी द्वारा तैयार चार्जशीट संलग्न करनी होती है। मामले में जांच अधिकारी ने 20 सितम्बर, 2024 को चार्जशीट तैयार की थी और गैंग चार्ट 21 सितम्बर, 2024 को तैयार किया गया था और यह रूल 5(3)(सी) का पालन माना जाना चाहिए। नियमों में यह नहीं कहा गया है कि चार्जशीट की प्रमाणित प्रति कोर्ट द्वारा जारी की जानी चाहिए, बल्कि यह कहा गया है कि चार्जशीट की प्रति संलग्न होनी चाहिए। कोर्ट ने शरद गुप्ता मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा है कि गैंगस्टर एक्ट की परिभाषा में एक या अधिक व्यक्ति शामिल हो सकते हैं जो अपराध करते हैं और इसका उद्देश्य अनुचित लाभ कमाना होता है।

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भारत-अमेरिका ट्रेड डील में कृषि और डेयरी पर कोई समझौता नहीं, किसान हित पूरी तरह सुरक्षित: शिवराज सिंह

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नई दिल्ली, 05 फ़रवरी (हि.स.)। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे भ्रामक आरोपों को खारिज करते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा समझौते से भारतीय कृषि, विशेषकर कृषि और डेयरी सेक्टर के हितों से कोई भी नुकसान नहीं है। उन्होंने कहा कि यह डील प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में डिप्लोमेसी, डेवलपमेंट और डिग्निटी का नया उदाहरण है। किसान हित सरकार के लिए सर्वोपरि हैं।

केंद्रीय मंत्री शिवराज ने पत्रकारों के साथ बात करते हुए कहा कि हमारे मुख्य अनाज, फल, प्रमुख फसलें, मिलेट्स और डेयरी उत्पाद पूरी तरह सुरक्षित हैं और भारतीय कृषि या डेयरी पर किसी तरह का खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि किसानों के हित पूरी तरह संरक्षित हैं और इस समझौते से उल्टा भारत के किसानों को नए अवसर मिलेंगे।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि कोई “बड़ी चीज़” भारत के बाजार में अचानक नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि हमारी सभी मुख्य फसलें, मुख्य अनाज, फल और डेयरी उत्पाद सुरक्षित हैं और किसी भी ऐसे क्षेत्र के लिए बाजार नहीं खोला गया है, जो भारतीय किसानों के लिए नुकसानदेह हो सके।

यूएस ट्रेजरी सेक्रेटरी के उस ट्वीट से पैदा संशय पर, जिसमें अमेरिकी फार्म प्रोडक्ट्स के ज़्यादा भारत आने की बात कही गई थी, चौहान ने कहा कि वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने संसद में पूरे तथ्य स्पष्ट कर दिए हैं और वे स्वयं भी दोहरा रहे हैं कि छोटे और बड़े, सभी भारतीय किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित हैं और मुख्य कृषि उत्पादों के लिए बाजार इस प्रकार नहीं खोला गया है कि किसानों पर दबाव बने।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि भारत पहले से ही अमेरिका सहित विभिन्न देशों को चावल का बड़ा निर्यातक है और हाल के आंकड़ों के अनुसार लगभग 63,000 करोड़ रुपये के चावल का निर्यात किया गया था।

उन्होंने कहा कि टैरिफ कम होने से हमारे चावल, मसालों और टेक्सटाइल के निर्यात को बल मिलेगा और जब टेक्सटाइल एक्सपोर्ट बढ़ेगा तो इसका सीधा लाभ कपास उगाने वाले हमारे किसानों को होगा। चौहान ने कहा कि यह समझौता समग्र रूप से भारत के किसानों के हित में है और विपक्ष द्वारा भ्रम फैलाने के बावजूद तथ्य यही हैं कि किसान हित सुरक्षित हैं और निर्यात के नए अवसर खुल रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं एक बार फिर कहना चाहता हूं, किसान अन्नदाता हैं, अन्नदाता मतलब जीवनदाता। उनके हित ही देश के हित हैं और वे हित सुरक्षित हैं।”

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों की सेवा सरकार के लिए भगवान की पूजा के समान है और मोदी सरकार हर कदम पर किसान के पक्ष में खड़ी रहेगी।