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‘सोलर पावर’ से रोशन होगा कानपुर, सोलर सिटी बनने की राह पर बढ़ा शहर

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– 2,104 करोड़ रुपये के प्रावधान से हरित ऊर्जा को बढ़ावा- 20,756 सोलर रूफटॉप के साथ यूपी में तीसरे स्थान पर है कानपुर

कानपुर, 14 फरवरी (हि.स.)। औद्योगिक शहर कानपुर अब सौर ऊर्जा के क्षेत्र में नई पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पेश हुए उत्तर प्रदेश बजट 2026–27 में हरित ऊर्जा को विशेष प्राथमिकता दी गई है। सरकार ने सौर, जैव ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं के लिए 2,104 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसी के तहत कानपुर समेत प्रदेश के कई नगर निगमों को “सोलर सिटी” के रूप में विकसित करने की योजना को गति दी गई है।

सोलर सिटी परियोजना के लिए सीधे तौर पर अलग से बड़ी रकम नहीं बताई गई, लेकिन कुल 750 करोड़ के इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रावधान में कानपुर और अन्य शहरों को सोलर सिटी के रूप में विकसित करना शामिल है। ये बजट की धनराशि कानपुर जैसे शहरों में सोलर ऊर्जा के नेटवर्क, इन्फ्रास्ट्रक्चर और स्वच्छ ऊर्जा पहलों को मजबूत करेगी।

यूपी में तीसरे स्थान पर है कानपुर

सोलर रूफटॉप के मामले में कानपुर प्रदेश में तीसरे स्थान पर पहुंच चुका है। शहर में अब तक 20,756 सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाए जा चुके हैं। घरों में सोलर पैनल लगाने पर केंद्र और राज्य सरकार की ओर से सब्सिडी का लाभ भी मिल रहा है। नेट-मीटरिंग व्यवस्था के तहत उपभोक्ता अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेच सकते हैं, जिससे आम लोगों को सीधा आर्थिक लाभ मिल रहा है।

कितना बदलेगा शहर?

– कानपुर जैसे बड़े औद्योगिक नगर अब हरित ऊर्जा की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

– बजट के प्रावधान सौर ऊर्जा के विस्तार को मजबूती देंगे, जिससे बिजली पर निर्भरता पारंपरिक स्रोतों पर कम होगी।

– सोलर रूफटॉप से बिजली बचत, पर्यावरण में सुधार, और जनता को सीधा फायदा मिलेगा।

बजट में क्या है खास?

– नगर निगम भवनों, स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी दफ्तरों की छतों पर बड़े पैमाने पर सोलर रूफटॉप प्लांट लगाने के लिए विशेष फंड।

– रिहायशी उपभोक्ताओं को सब्सिडी के साथ सोलर पैनल लगाने के लिए प्रोत्साहन।

– इंडस्ट्रियल एरिया में कैप्टिव सोलर प्लांट को बढ़ावा, ताकि फैक्ट्रियों की बिजली लागत घटे।

– स्मार्ट ग्रिड और ऊर्जा भंडारण (बैटरी स्टोरेज) पर निवेश, जिससे दिन में बनी सौर ऊर्जा का उपयोग रात में भी हो सके।

आम लोगों को क्या फायदा?

– बिजली बिल में 30–50% तक की संभावित बचत (रूफटॉप क्षमता पर निर्भर)।

– नेट-मीटरिंग के जरिए अतिरिक्त बिजली बेचने का विकल्प खुलेगा।

– रोजगार के नए अवसर—इंस्टॉलेशन, मेंटेनेंस और मैन्युफैक्चरिंग में स्थानीय युवाओं को काम।

– औद्योगिक शहर से अब ग्रीन सिटी की भी मिलेगी पहचान।

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सोलर सिटी योजना के तहत सरकारी भवनों पर सोलर प्लांट लगाने का काम तेज किया जा रहा है। सोलर रूफटॉप के लिए जागरूक किया जा रहा है। हमारा लक्ष्य है कि कानपुर स्वच्छ और आत्मनिर्भर ऊर्जा मॉडल के रुप में प्रदेश में मिसाल बने।

फिल्म अस्सी की समीक्षा: जब हर 20 मिनट पर झकझोरती है स्क्रीन और आईना बन जाता है सिनेमा

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फिल्म: अस्सी (2026)

निर्देशक: अनुभव सिन्हा

कलाकार: तापसी पन्नू, कानि कुश्रुति, रेवती, मनोज पाहवा, कुमुद मिश्रा, मोहम्मद ज़ीशान अय्यूब, नसीरुद्दीन शाह, सुप्रिया पाठक, सीमा पाहवा, अद्विक जायसवाल

रेटिंग: ⭐⭐⭐⭐/5

हम अक्सर खबरों को स्क्रोल करके आगे बढ़ जाते हैं। एक और अपराध, एक और हेडलाइन, एक और बहस। लेकिन क्या होता है उस एक ‘हेडलाइन’ के बाद? अस्सी उसी अनकहे हिस्से को सामने लाती है, जहां आंकड़े इंसान बनते हैं और इंसान जख्म। भारत में यौन अपराधों के आंकड़े सिर्फ सरकारी फाइलों में दर्ज संख्या नहीं हैं, वे उन घरों की चुप्पी हैं जहां हंसी अचानक गायब हो जाती है। निर्देशक अनुभव सिन्हा एक बार फिर वही करते हैं, जिसके लिए वे जाने जाते हैं, सुविधाजनक सिनेमा नहीं, असुविधाजनक सच। ‘मुल्क’ और ‘थप्पड़’ के बाद इस बार उनके साथ हैं तापसी पन्नू, और नतीजा है एक ऐसी फिल्म जो आपको देखती भी है और परखती भी। टी-सीरीज द्वारा निर्मित ‘अस्सी’ 20 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। लेकिन सवाल रिलीज डेट का नहीं है। सवाल यह है कि क्या हम उस सच्चाई का सामना करने के लिए तैयार हैं, जिसे यह फिल्म हमारे सामने रखती है?

कहानी

कहानी परिमा (कानी कुस्रुति) की है, एक साधारण टीचर, जो अपने पति विनय (मोहम्मद जीशान अय्यूब) और बेटे ध्रुव (अद्विक में जायसवाल) के साथ दिल्ली में एक सादा और खुशहाल जीवन जी रही है। एक रात, घर लौटते वक्त उसकी दुनिया बिखर जाती है। पांच लोग उसे अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म करते हैं और अधमरी हालत में छोड़ देते हैं। इसके बाद फिल्म सिर्फ अपराध की कहानी नहीं रहती, यह न्याय की तलाश, आत्मसम्मान की लड़ाई और समाज की मानसिकता का आईना बन जाती है। वकील रावी (तापसी पन्नू) अदालत में परिमा का पक्ष संभालती हैं। लेकिन कोर्टरूम के भीतर की बहस से ज्यादा मुश्किल है कोर्टरूम के बाहर की निगाहें। ‘अस्सी’ नाम का अर्थ क्या है, यह फिल्म के अंत में एक प्रतीक की तरह खुलता है।

कैसी है फिल्म?

‘अस्सी’ मनोरंजन के लिए नहीं बनी। यह आपको असहज करती है, झकझोरती है और कई बार चुप कर देती है। फिल्म का ट्रीटमेंट बेहद रॉ है। अनुभव सिन्हा किसी भी सीन को ग्लैमरस या सिनेमाई प्रभाव के लिए मुलायम नहीं बनाते। हर 20 मिनट में स्क्रीन पर उभरती स्लेट एक सख्त याद दिलाती है कि अपराध सिर्फ कहानी का हिस्सा नहीं, वह आज की सच्चाई है। बीच-बीच में फिल्म की रफ्तार थोड़ी धीमी होती है और ‘छतरी मैन’ जैसा सब-प्लॉट हल्का भटकाव देता है, लेकिन मूल कथा की ताकत बनी रहती है।

निर्देशन और लेखन

फिल्म के लेखक गौरव सोलंकी ने संवादों में आक्रोश को शोर नहीं बनने दिया। शब्द शांत हैं, लेकिन असर गहरा है। कोर्टरूम को यहां नाटकीय तमाशा नहीं बनाया गया। बहसें वास्तविक हैं, जज की सख्ती असली लगती है और प्रक्रिया का बोझ महसूस होता है। यही फिल्म की विश्वसनीयता है। अनुभव सिन्हा और गौरव सोलंकी की जोड़ी ने बिना किसी लाग-लपेट के सच्चाई को सामने रखा है, और यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।

अभिनय

कानी कुस्रुति इस फिल्म की धड़कन हैं। उनके चेहरे की खामोशी और आंखों का खालीपन शब्दों से कहीं ज्यादा बोलता है। वे परिमा को निभाती नहीं जीती हैं। तापसी पन्नू एक सधे हुए, दृढ़ और आत्मविश्वासी वकील के रूप में नजर आती हैं। उनका प्रदर्शन संयमित है, लेकिन प्रभावशाली। अद्विक जायसवाल ने मासूमियत के साथ उस बच्चे की उलझन को दिखाया है, जो अचानक बड़ी दुनिया के क्रूर सच से टकरा जाता है। सपोर्टिंग कास्ट में नसीरुद्दीन शाह, मनोज पाहवा, कुमुद मिश्रा, रेवती और सीमा पाहवा जैसे कलाकार फिल्म को गंभीरता और वजन देते हैं।

संगीत

फिल्म में गानों की जगह खामोशी ज्यादा बोलती है। रंजीत बरोट का बैकग्राउंड स्कोर दृश्यों की बेचैनी को बढ़ाता है। यह संगीत मनोरंजन नहीं, बल्कि माहौल की तीव्रता को गहरा करने का माध्यम बनता है।

देखें या नहीं?

अगर आप सिनेमा को सिर्फ टाइमपास नहीं, बल्कि सामाजिक हस्तक्षेप मानते हैं, तो ‘अस्सी’ जरूर देखें। लेकिन अगर आप हल्का-फुल्का मनोरंजन चाहते हैं, तो यह फिल्म आपको असहज कर सकती है। यह फिल्म सवाल पूछती है, जवाब नहीं देती।

‘अस्सी’ एक फिल्म कम, एक अनुभव ज्यादा है। यह आपको सोचने पर मजबूर करती है कि प्रगति और विकास के दावों के बीच महिला सुरक्षा आज भी सबसे बड़ा सवाल क्यों है। सिनेमाघर की लाइट जलने के बाद भी यह फिल्म आपके भीतर चलती रहती है। और शायद यही इसकी सबसे बड़ी कामयाबी है।

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 तेलंगाना, गुजरात और महाराष्ट्र से जुड़ी सड़क परियोनाओं को मंजूरी

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नई दिल्ली, 14 फ़रवरी (हि.स.)। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से तेलंगाना, गुजरात और महाराष्ट्र से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं पर कुल 11 हजार करोड़ रुपये की लागत आएगी और इससे संबंधित राज्यों में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने शुक्रवार को सड़क परिवहन से जुड़ी तीन परियोजना प्रस्तावों को मंजूरी दी। इस फैसले की जानकारी शनिवार को केंद्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव ने राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में पत्रकार वार्ता में दी।

पहली परियोजना तेलंगाना में हैदराबाद-पणजी आर्थिक गलियारे पर गुडेबेलूर से महबूबनगर तक राष्ट्रीय राजमार्ग-167 को 4 लेन तक चौड़ा करने से जुड़ी है। परियोजना की कुल लंबाई 80.01 किलोमीटर है और इसपर 3175.08 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।

गुजरात में राष्ट्रीय राजमार्ग-56 के धमासिया-बिटाडा/मोवी और नासरपुर-मालोथा खंडों को चार लेन में अपग्रेड किया जाएगा। परियोजना की लंबाई 107.67 किमी है और इसपर कुल पूंजी लागत 4583.64 करोड़ रुपये खर्च आएगा।

महाराष्ट्र में एनएच-160ए के घोटी – त्रिमबक (मोखाड़ा) – जव्हर – मनोर – पालघर खंड का पुनर्वास और उन्नयन किया जाएगा। इस खंड को 2 लेन और 4 लेन का बनाया जाएगा और इसमें पक्की शोल्डर सुविधा भी होगी। इसकी कुल लंबाई 154.635 किमी और कुल पूंजी लागत 3320.38 करोड़ रुपये है।

सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से रोजगार सृजन होगा, यात्रा समय में कमी आएगी और राज्यों में आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।

मोहन बागान ने जीत से किया आगाज, केरल ब्लास्टर्स पर 2-0 से हराया

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कोलकाता, 14 फरवरी (हि.स.)। डिफेंडिंग चैंपियन मोहन बागान सुपर जायंट्स ने इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के नए सत्र में विजयी शुरुआत करते हुए केरला ब्लास्टर्स एफसी को 2-0 से पराजित किया। आईएसएल के इस मुकाबले का आयोजन कोलकाता के विवेकानंद युवा भारती क्रिडांगन में हुआ, जहां घरेलू टीम ने ज्यादातर समय खेल पर नियंत्रण बनाए रखा।

पहले हाफ में मोहन बागान ने आक्रामक रुख अपनाया और विपक्षी रक्षा पंक्ति को दबाव में रखा। इसका फायदा उन्हें 36वें मिनट में मिला, जब स्ट्राइकर जेमी मेकलारेन ने मौका भुनाते हुए टीम को बढ़त दिलाई।

दूसरे हाफ में केरल ने वापसी की कोशिश की और विंग से कुछ तेज हमले भी किए, लेकिन उन्हें बराबरी का गोल नहीं मिला। मोहन बागान के गोलकीपर विशाल कैथ ने सतर्क प्रदर्शन करते हुए बढ़त कायम रखी।

मैच के अंतिम क्षणों में मोहन बागान ने अपनी बढ़त दोगुनी कर दी। इंजरी टाइम में डिफेंडर टॉम एलड्रेड ने सेट-पीस पर सटीक हेडर लगाकर जीत पक्की कर दी। इस मौके की शुरुआत मिडफील्डर अनिरुद्ध थापा की सटीक गेंद से हुई।

कोच सर्जियो लोबेरा के नेतृत्व में मोहन बागान संतुलित और आत्मविश्वासी नजर आई, जबकि केरल की युवा टीम, जिसे डेविड कैटला

मार्गदर्शन दे रहे हैं, ने संघर्ष तो किया लेकिन निर्णायक मौके नहीं बना सकी।

इस जीत के साथ मोहन बागान ने सीजन के शुरुआती मुकाबले से ही खिताब बचाने के अपने इरादे जता दिए हैं।

अश्लील वीडियो बनाकर बैंकाक के व्यापारी से 25 लाख बिटक्वाइन की मांग,मास्टरमाइंड गिरफ्तार

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तीन अन्य साथियों की तलाश में जुटी पुलिस

झांसी, 14 फ़रवरी (हि.स.)। 25 लाख के बिटक्वाइन वसूली की साइबर क्रिमिनल की धमकियों से बैंकाक का एनआरआई व्यवसायी इतना परेशान हो गया कि वह रकम देने झांसी आ गया। लेकिन, उसने सतर्कता दिखाते हुए पहले पुलिस को इसकी जानकारी दी तो पुलिस ने सुराग लगाकर मुख्य आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। उसके अन्य तीन साथियों की पुलिस तलाश कर रही है।

दरअसल, बैंकाक निवासी एनआरआई कारोबारी हरीश चंद्र लाखी के कम्प्यूटर को हैक करके उसका अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल कर रहे साइबर जालसाज बबीना कैंट निवासी नितिन कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपित ने डेटा वापस करने के लिए कारोबारी से 25 लाख रुपये कीमत के बिटक्वाइन की फिरौती मांगी थी। कारोबारी फिरौती देने झांसी भी आया। लेकिन, वह पहले पुलिस के पास जा पहुंचा।

इस सम्बंध में सीओ क्राइम पीयूष कुमार पांडेय ने बताया कि मूल रूप से जयपुर निवासी हरीश चंद्र लाखी पिछले तीस साल से परिवार के साथ बैंकाक में रह कर कारोबार करते हैं। 21 अगस्त 2025 को बबीना निवासी नितिन कुमार ने हरीश से संपर्क उनके परिजनों के अश्लील वीडियो वाट्स एप पर भेजे। यह देखकर हरीश घबरा उठे। नितिन ने वीडियो वायरल करने की धमकी देते हुए आठ लाख रुपये की मांग की। इसके बाद से लगातार रुपयों की मांग करने लगा। पैसा न देने पर परिवार के सदस्यों को सोशल मीडिया पर बदनाम करने की धमकी देने लगा। अपने दोस्तों की मदद से अंतरराष्ट्रीय नंबर से फोन करके भी धमकाता था।

नितिन के बुलावे पर वह उसे बिटक्वाइन देकर अपने सामने वीडियो मिटाने एवं डिस्क वापस लेने के लिए दो दिन पहले झांसी पहुंचे। उन्होंने साइबर थाना पुलिस झांसी को ब्लैक मेलिंग की कहानी सुनाई। पुलिस ने 11 फरवरी को नितिन कुमार पुत्र जगदीश निवासी न्यू हरिजन कॉलोनी बबीना कैन्ट थाना बबीना जिला झाँसी समेत उसके दोस्त अली, शाकिर एवं इरफान के खिलाफ मु.अ.स. 04/2026 धारा 308 (4), 318 (4), 351(2), 336(3), 61 (2) बीएनएस व 66 (सी), 66 (डी), 66 (ई), 67 (ए) आईटी एक्ट थाना साइबर क्राइम जनपद झाँसी में पंजीकृत किया गया। मामला दर्ज करके तलाश शुरू कर दी।

नंबरों की पड़ताल करने पर साइबर पुलिस को नितिन का सुराग लग गया। शुक्रवार को घर में दबिश देकर नितिन को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से पुलिस ने दो पासपोर्ट, एक मोबाइल फोन (आईफोन कम्पनी 15 प्रो) मय भारत का ई-सिम व फिजिकल सिम थाईलैण्ड आदि बरामद कर लिया। पुलिस टीम में थाना साइबर क्राइम निरीक्षक प्रवीण कुमार, संदीप तोमर, उपनिरीक्षक प्रवीण कुमार समेत अन्य शामिल रहे।

आदेश से प्रभावित व्यक्ति ही दाखिल कर सकता है याचिका : हाईकोर्ट

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–गैर पीड़ित व्यक्ति के पट्टा निरस्तीकरण की मांग में दाखिल याचिका खारिज

प्रयागराज, 14 फ़रवरी (हि.स.)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने जमीन का पट्टा निरस्त किए जाने की मांग में दाखिल याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी है कि कोई व्यक्ति जो किसी आदेश से पीड़ित अथवा प्रभावित नहीं है, तो वह चुनौती नहीं दे सकता,जब तक असाधारण परिस्थिति नहीं हो।

न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की एकलपीठ ने सुघर सिंह की याचिका पर यह आदेश दिया है। कन्नौज के सुघर सिंह ने याचिका दायर कर सरकारी दस्तावेज में बंजर भूमि के रूप में दर्ज जमीन प्रतिवादी इंद्रपाल तथा ममता देवी को कृषि भूमि बताते हुए किए गए पट्टा संबंधी आदेश रद्द करने की मांग की थी।

ग्राम उम्मेदपुरवा, मौजा अनौगी, परगना तहसील एवं जिला कन्नौज निवासी याची ने उत्तर प्रदेश जमींदारी उन्मूलन और भूमि सुधार अधिनियम 1950 के तहत विभिन्न धाराओं के तहत पट्टा आवंटन को चुनौती दी थी।

याची के अनुसार प्रतिवादियों इंद्रपाल तथा ममता देवी के पास पर्याप्त भूमि है। उसका कहना था कि चार जनवरी 2014 को प्रतिवादियों के पक्ष में किए गए पट्टे के दौरान संबंधी जमीन खाली नहीं थी, इस पर उसका कब्जा था। उसका प्लाट इसके करीब है। उसने घर बनाया है, ट्यूबवेल लगवाया है। साथ ही पेड़ भी उगाए हैं। याची ने इस तर्क के साथ अपर जिलाधिकारी (वित्त राजस्व) कन्नौज अदालत में धारा 198 (4) के तहत मुकदमा दायर किया कि आवंटन के समय प्लॉट खाली नहीं था, इसलिए इसे आवंटित नहीं किया जाना चाहिए। यह मुकदमा आठ अक्टूबर 2024 को खारिज कर दिया गया।

इस आदेश को अपर आयुक्त कानपुर (प्रथम) की कोर्ट में चुनौती दी गई, यहां भी छह अक्टूबर 2025 को इसे खारिज कर दिया गया। दोनों ही आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। पीठ ने पाया कि याची प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित नहीं है। कोर्ट ने कहा, जसभाई मोतीभाई देसाई बनाम रोशन कुमार केस (1976) में सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि अज्ञात व्यक्ति को तब तक अदालत में आने की अनुमति नहीं दी जा सकती है, जब तक कि कोई असाधारण परिस्थिति न हो। याची ‘पीड़ित व्यक्ति’ की परिभाषा में नहीं आता है, इसलिए उसकी याचिका खारिज किए जाने लायक है। मामले में अपर न्यायिक आयुक्त-प्रथम कानपुर, अपर जिला मजिस्ट्रेट, वित्त एवं राजस्व, कन्नौज मौजा अनौगी परगना की भूमि प्रबंधन समिति भी प्रतिवादी बनाए गए थे।

यूरोपीय देशों का आरोप-जेल में ‘दुर्लभ विष’ देकर की गई एलेक्सी नवलनी की हत्या

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म्यूनिख, 14 फरवरी (हि.स.)। पांच यूरोपीय देशों ने रूस पर आरोप लगाया है कि उसने विपक्षी नेता एलेक्सी नवलनी को जेल में एक “दुर्लभ और घातक विष” दिया गया, जिससे उनकी मौत हुई। यह आरोप म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के दौरान संयुक्त बयान जारी कर लगाया गया।

यूके, स्वीडेन, फ्रांस, जर्मनी और नीदरलैंड्स ने कहा कि शव से लिए गए नमूनों की जांच के बाद उन्हें भरोसा है कि नवलनी को घातक टॉक्सिन दिया गया था। उनके अनुसार यह विष एपिबैटिडीन से जुड़ा है, जो दक्षिण अमेरिका में पाए जाने वाले डार्ट फ्रॉग की त्वचा में मिलता है और अत्यंत जहरीला माना जाता है।

नवलनी की फरवरी 2024 में रूस की एक आर्कटिक जेल में मौत हुई थी, जहां वे 19 साल की सजा काट रहे थे। यूरोपीय देशों ने कहा कि इस तरह के जहर का इस्तेमाल करने की क्षमता, मंशा और अवसर केवल रूसी राज्य के पास था और इसलिए वही जिम्मेदार है।

यूलिया नवलनाया ने कहा कि अब यह “वैज्ञानिक रूप से सिद्ध” हो चुका है कि उनके पति की हत्या की गई। उन्होंने दावा किया कि पहले यह आरोप शब्दों तक सीमित था, लेकिन अब प्रयोगशाला जांच ने इसे साबित कर दिया है।

ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेटे कूपर ने कहा कि यह मामला क्रेमलिन द्वारा आलोचकों को चुप कराने की साजिश को उजागर करता है। उन्होंने सम्मेलन के दौरान नवलनी की पत्नी से मुलाकात भी की।

इन देशों ने इस निष्कर्ष की जानकारी रासायनिक हथियारों पर निगरानी रखने वाली संस्था ऑर्गनाइजेशन फॉर द प्रोहिबिशन ऑफ केमिकल वीपन्स (ओपीसीडब्ल्यू) को भी दे दी है। साथ ही रूस पर रासायनिक हथियार संधि के उल्लंघन का आरोप लगाया गया।

गौरतलब है कि नवलनी को 2020 में भी सोवियत दौर के नर्व एजेंट नोविचोक से जहर देने का मामला सामने आया था, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए जर्मनी ले जाया गया था।

नवलनी को रूस में भ्रष्टाचार विरोधी अभियान और सत्ता प्रतिष्ठान की आलोचना के लिए जाना जाता था। वे लंबे समय से राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के मुखर आलोचक रहे और उन्होंने देशभर में बड़े विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व किया था।

नेपाल में ब्राउन शुगर, जाली नोट के साथ भारतीय नागरिक गिरफ्तार

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काठमांडू, 14 फ़रवरी (हि.स.)। नेपाल के सुनसरी जिले की कोशी गाँव जमुवा से जाली नोट, एक स्वचालित पिस्तौल और करीब 100 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ एक भारतीय को गिरफ्तार किया गया है।

निर्वाचन क्षेत्र सुरक्षा बेस के अनुसार गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान बिहार के अररिया जिले के बेला ग्राम पंचायत निवासी 36 वर्षीय राम खेलन पासवान के रूप में हुई है। वह सुबह भारतीय सीमा से कोशी के जमुवा की ओर मोटरसाइकिल (बीआर 50 एजे 4229) से जा रहा था। इस दौरान कुछ संदेह होने पर जांच के लिए उसे हिरासत में लिया गया। जांच के दौरान उसके पास से कुछ भारतीय और नेपाली करेंसी, एक स्वचालित पिस्तौल, पिस्तौल की गोलियां और ब्राउन शुगर बरामद की गयी। इसके अलावा, अज्ञात मादक पदार्थ की 6 कैप्सूल और निट्राजेपाम की 5 गोलियां भी जब्त की गई हैं। निर्वाचन क्षेत्र की सुरक्षा के लिए सीमा क्षेत्र में तैनात सशस्त्र प्रहरी बल नेपाल की बीओपी श्रीपुर इकाई की टीम ने उक्त भारतीय को गिरफ्तार किया।

 बांग्लादेश में नए सांसदों का शपथ ग्रहण मंगलवार को

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नई सरकार भी ले सकती है शपथ

ढाका, 14 फरवरी (हि.स.)। बांग्लादेश में नव-निर्वाचित सांसदों का शपथ ग्रहण समारोह मंगलवार को आयोजित होगा। संसद सचिवालय की सचिव कनिज मौल ने शनिवार को इसकी पुष्टि की। अधिकारियों के अनुसार, उसी दिन नई सरकार के शपथ लेने की भी संभावना है।

हालिया संसदीय चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) को स्पष्ट बहुमत मिला है और वह करीब दो दशकों बाद सत्ता में वापसी की तैयारी में है। पार्टी का नेतृत्व तारिक रहमान ने किया, जो 17 साल के स्व-निर्वासन के बाद ब्रिटेन से सक्रिय राजनीति में लौटे। यह चुनाव खास रहा क्योंकि इसमें अवामी लीग ने हिस्सा नहीं लिया।

299 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान हुआ, जिनमें से 297 सीटों के नतीजे घोषित किए जा चुके हैं। बीएनपी ने 209 सीटें जीतकर दबदबा बनाया, जबकि जमात-ए-इस्लामी बांग्लादेश को 68 सीटें मिलीं और वह प्रमुख विपक्षी पार्टी के रूप में उभरी है। चुनाव आयोग के सचिव अख्तर अहमद ने निर्वाचित सांसदों की आधिकारिक गजट अधिसूचना जारी कर दी है।

शपथ दिलाने की प्रक्रिया को लेकर कुछ संवैधानिक सवाल बने हुए हैं। निवर्तमान स्पीकर शिरीन शरमीन चौधरी सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आ रही हैं, जबकि पूर्व डिप्टी स्पीकर शमसुल हक तुकु न्यायिक हिरासत में हैं। ऐसे में प्रक्रिया कौन पूरी कराएगा, इस पर चर्चा जारी है।

कैबिनेट सचिव शेख अब्दुर राशिद ने स्पष्ट किया कि संविधान के अनुसार मंत्रिपरिषद को शपथ राष्ट्रपति दिलाते हैं। वहीं स्पीकर या डिप्टी स्पीकर की अनुपस्थिति में मुख्य न्यायाधीश या मुख्य चुनाव आयुक्त सांसदों को शपथ दिला सकते हैं।

उन्होंने बताया कि गजट जारी होने के बाद सांसदों को तीन दिनों के भीतर शपथ लेना अनिवार्य है और यह समयसीमा 17 फरवरी तक पूरी होगी। शपथ के बाद दल अपने संसदीय नेता चुनेंगे और बहुमत दल का नेता राष्ट्रपति को बहुमत का समर्थन होने की सूचना देगा, जिसके बाद सरकार गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

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ब्रह्मपुत्र पर निर्मित कुमार भास्कर वर्मा सेतु का प्रधानमंत्री मोदी ने किया उद्घाटन

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– नॉर्थ ईस्ट के लिए नेशनल डेटा सेंटर, आईआईएम गुवाहाटी और पीएम-ई बस सेवा की मिली साैगात

गुवाहाटी, 14 फरवरी (हि.स.)। असम दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार काे मोरान में राष्ट्रीय राजमार्ग पर आपातकालीन लैंडिंग सेवा (ईएलएफ) का उद्घाटन करने के बाद गुवाहाटी पहुंचे, जहां पर उन्होंने कई विकासात्मक परियोजनाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने गुवाहाटी के माछखोवा में आयोजित एक कार्यक्रम में ब्रह्मपुत्र नदी पर गुवाहाटी-उत्तर गुवाहाटी को जोड़ने के लिए लगभग 3,030 करोड़ रुपये की लागत से बनाए गये छह लेन के केबल ब्रिज कुमार भास्कर वर्मा सेतु, नॉर्थ ईस्ट के लिए नेशनल डेटा सेंटर, आईआईएम गुवाहाटी और पीएम-ई बस सेवा के तहत 225 ई-बसों को आम जनता के लिए समर्पित किया। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इन विकासात्मक परियोजनाओं से असम में कनेक्टिविटी और ग्रोथ के एक नए युग की शुरुआत हुई है।

कुमार भास्कर वर्मा सेतु के उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री पुल पर काफी दूर तक पैदल चलकर उसका जायजा लिया। इस मौके पर असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य एवं मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा भी मौजूद थे। पुल के उद्घाटन के अवसर पर नदी के किनारे भारी संख्या में आम नागरिक भी मौजूद थे।

ज्ञात हो कि, पुल के जरिए गुवाहाटी से उत्तर गुवाहाटी तक पहुंचने में मात्र सात मिनट का समय लगेगा। पहले यह दूरी वाहन के जरिए लगभग एक घंटा से अधिक और नाव के जरिए आधे घंटे में पूरी होती थी। पुल के बन जाने से गुवाहाटी में आना-जाना काफी आसान हो जाएगा।

पूर्वोत्तर भारत में अपनी तरह की पहली ईएलएफ को भारतीय वायु सेना के सहयोग से डिजाइन और निर्मित किया गया है। यह आपात स्थिति में सैन्य एवं नागरिक विमानों की लैंडिंग और टेकऑफ की सुविधा प्रदान करेगी। प्राकृतिक आपदाओं या रणनीतिक जरूरतों के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों की त्वरित तैनाती के लिए यह महत्वपूर्ण संपत्ति साबित होगी। दोहरे उपयोग वाली इस बुनियादी ढांचे को 40 टन तक वजन वाले लड़ाकू विमानों और 74 टन अधिकतम टेकऑफ वजन वाले परिवहन विमानों को संभालने में सक्षम बनाया गया है।

प्रधानमंत्री माेदी का गुवाहाटी के खानापारा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से आयोजित बूथ कार्यकर्ताओं को संबोधित करने का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया है।——————-