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जर्मनी में पायलटों और केबिन क्रू की हड़ताल, करीब 800 उड़ानें रद्द, एक लाख यात्री प्रभावित

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फ्रैंकफर्ट, 12 फरवरी (हि.स.)। जर्मनी में लुफ्थांसा एयरलाइंस के पायलटों और केबिन क्रू की एकदिवसीय हड़ताल के कारण करीब 800 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जिससे लगभग एक लाख यात्रियों की यात्रा प्रभावित हुई। एयरलाइन ने बताया कि यह हड़ताल पेंशन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विवाद को लेकर की गई।

हड़ताल का सबसे ज्यादा असर फ्रैंकफर्ट, बर्लिन, हैम्बर्ग और ड्यूसलडॉर्फ हवाई अड्डों पर देखा गया, जहां बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द या विलंबित रहीं। हालांकि म्यूनिख हवाई अड्डे से अधिकांश उड़ानें तय समय पर संचालित होती रहीं।

लुफ्थांसा ने हड़ताल की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इसका यात्रियों पर “बेहद गंभीर और असंतुलित प्रभाव” पड़ा है। पायलट बेहतर सेवानिवृत्ति लाभ की मांग कर रहे हैं, जबकि केबिन क्रू यूनियन यूएफओ (यूएफओ) का कहना है कि उसके सदस्य लुफ्थांसा की सिटीलाइन सहायक कंपनी को बंद करने की योजना और प्रबंधन द्वारा सामूहिक सामाजिक समझौते पर बातचीत से इनकार के विरोध में हड़ताल पर हैं।

लुफ्थांसा ने पिछले साल घोषणा की थी कि सिटीलाइन का संचालन और कर्मचारी एक नई सहायक कंपनी में स्थानांतरित किए जाएंगे, ताकि बढ़ते कर्ज को संभालने के लिए लागत में कटौती की जा सके। हाल के वर्षों में कंपनी की लाभप्रदता यूरोप की अन्य प्रमुख एयरलाइंस के मुकाबले कमजोर हुई है। इसी के चलते सितंबर में लुफ्थांसा ने अपने कुल कार्यबल के करीब चार प्रतिशत, यानी लगभग 4,000 नौकरियों में कटौती की घोषणा की थी।

गौरतलब है कि लुफ्थांसा समूह यूरोप की सबसे बड़ी विमानन कंपनियों में से एक है, जिसके अंतर्गत स्विस, ऑस्ट्रियन एयरलाइंस और ब्रसेल्स एयरलाइंस जैसी प्रमुख एयरलाइंस भी शामिल हैं।

बांग्लादेश चुनाव: मतगणना जारी, शुरुआती रुझानों में बीएनपी गठबंधन आगे

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ढाका, 12 फरवरी (हि.स.)। बांग्लादेश में गुरुवार को हुए आम चुनाव के बाद मतगणना जारी है और शुरुआती रुझानों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेतृत्व वाला गठबंधन बढ़त बनाता दिख रहा है। यह चुनाव जुलाई 2024 के छात्र आंदोलन और उसके बाद हुए राजनीतिक बदलावों के लगभग 18 महीने बाद कराया गया है। उन प्रदर्शनों के बाद लंबे समय तक सत्ता में रहीं शेख हसीना को पद छोड़ना पड़ा था। उनके देश छोड़ने के बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार ने चुनाव प्रक्रिया कराई।

चुनाव की निगरानी के लिए करीब 500 विदेशी पर्यवेक्षक ढाका पहुंचे हैं, जिनमें यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। अवामी लीग पर प्रतिबंध के बाद इस बार मुख्य मुकाबला बीएनपी गठबंधन और जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच माना जा रहा है।

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अब तक घोषित अनौपचारिक नतीजों में बीएनपी गठबंधन को बढ़त मिली है। कुछ रिपोर्टों में उसे लगभग आधी वोट हिस्सेदारी मिलती दिख रही है, जबकि जमात गठबंधन भी मजबूत प्रदर्शन करता नजर आ रहा है। अलग-अलग सीटों से आ रहे रुझानों में दोनों पक्षों के उम्मीदवारों की जीत की खबरें हैं, हालांकि अंतिम तस्वीर आधिकारिक परिणाम आने के बाद ही साफ होगी।

बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान के ढाका-17 और बोगरा-6 सीटों से जीत दर्ज करने के दावे सामने आए हैं। वहीं जमात-ए-इस्लामी ने भी कई सीटों पर जीत का दावा किया है और अनौपचारिक तौर पर अपने विजयी उम्मीदवारों की सूची जारी की है।

कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में दिलचस्प मुकाबले देखने को मिले। ढाका-15 सीट पर जमात प्रमुख डॉ. शफीकुर रहमान अपने एक बूथ पर मामूली अंतर से पीछे रहे, जबकि अन्य बूथों के नतीजों में वे आगे बताए जा रहे हैं। इस सीट सहित कई क्षेत्रों के अंतिम परिणाम अभी बाकी हैं।

जमात प्रमुख शफीकुर रहमान ने कहा है कि यदि मौजूदा रुझान इसी तरह जारी रहते हैं तो उनकी पार्टी जनादेश का सम्मान करेगी। उन्होंने कहा कि अंतिम नतीजों का इंतजार करना जरूरी है और देशहित सर्वोपरि है।

चुनाव आयोग द्वारा आधिकारिक परिणाम जारी किए जाने के बाद ही नई संसद की तस्वीर स्पष्ट होगी। फिलहाल पूरे देश की नजरें मतगणना पर टिकी हैं।

सर्राफा बाजार में चमका सोना, चांदी के भाव में बदलाव नहीं

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नई दिल्ली, 12 फरवरी (हि.स.)। घरेलू सर्राफा बाजार में आज लगातार दूसरे दिन सोने के भाव में तेजी का रुख नजर आ रहा है। सोना आज 750 रुपये प्रति 10 ग्राम से लेकर 820 रुपये प्रति 10 ग्राम तक महंगा हो गया। दूसरी ओर,चांदी के भाव में आज कोई बदलाव नहीं हुआ है। कीमत में आई तेजी के कारण देश के ज्यादातर सर्राफा बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान 24 कैरेट सोना आज 1,59,610 रुपये से लेकर 1,59,760 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह 22 कैरेट सोना आज 1,46,310 रुपये से लेकर 1,46,460 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बिक रहा है। जबकि चांदी के भाव में बदलाव नहीं होने के कारण ये चमकीली धातु दिल्ली सर्राफा बाजार में आज भी शुरुआती कारोबार में 2,89,900 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर ही बिक रही है।

दिल्ली में आज 24 कैरेट सोना 1,59,760 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 1,46,460 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। वहीं देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,59,610 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,46,310 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। इसी तरह अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने की रिटेल कीमत 1,59,660 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत 1,46,360 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है।

इन प्रमुख शहरों के अलावा चेन्नई में 24 कैरेट सोना आज 1,59,610 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर और 22 कैरेट सोना 1,46,310 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर बिक रहा है। वहीं कोलकाता में 24 कैरेट सोना 1,59,610 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,46,310 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। भोपाल में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,59,660 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,46,360 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

लखनऊ के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना आज 1,59,760 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर और 22 कैरेट सोना 1,46,460 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। पटना में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,59,660 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,46,360 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। जयपुर में 24 कैरेट सोना 1,59,760 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,46,460 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

देश के अन्य राज्यों की तरह कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के सर्राफा बाजार में भी आज सोने के भाव में तेजी दर्ज की गई है। इन तीनों राज्यों की राजधानियों बेंगलुरु, हैदराबाद और भुवनेश्वर में 24 कैरेट सोना 1,59,610 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह इन तीनों शहरों के सर्राफा बाजारों में 22 कैरेट सोना 1,46,310 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

मार्केट कैप के मामले में आईसीआईसीआई बैंक ने टीसीएस को पिछाड़ा

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दो दिन में चौथे से छठे नंबर पर पहुंची कंपनी

नई दिल्ली, 12 फ़रवरी (हि.स.)। घरेलू शेयर बाजार में आज आईटी सेक्टर में हुई जोरदार बिकवाली के कारण टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) मार्केट कैप के मामले में आईसीआईसीआई बैंक से भी पिछड़ गई। आज के कारोबार के बाद आईसीआईसीआई बैंक मार्केट कैप के लिहाज से देश की पांचवीं सबसे बड़ी कंपनी बन गई है। एक दिन पहले ही स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने भी टीसीएस को मार्केट कैप के मामले में पीछे छोड़ दिया था।‌ इस तरह स्टेट बैंक ऑफ इंडिया फिलहाल मार्केट कैप के लिहाज देश की चौथी सबसे बड़ी कंपनी बनी हुई है।

आपको बता दें कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़ी चिंताओं की वजह से आईटी सेक्टर की कंपनियों के शेयरों पर जबरदस्त दबाव बना हुआ है। इसकी चपेट में टाटा ग्रुप की कंपनी टीसीएस भी आ गई है। आज के कारोबार में ही टीसीएस के शेयर 5.49 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुए। इस गिरावट की वजह से कंपनी के मार्केट कैप पर भी असर पड़ा और ये गिर कर 10.10 लाख करोड़ रुपये (अनंतिम) के स्तर पर आ गया। दूसरी ओर, आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में आज 1.70 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इस तेजी के बाद आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट कैप बढ़ कर 10.18 लाख करोड़ रुपये (अनंतिम) हो गया।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज एनएसई पर शाम तीन बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड फिलहाल मार्केट कैप के लिहाज से देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है। इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 19.80 लाख करोड़ रुपये (अनंतिम) है। मार्केट कैपिटलाइजेशन के मामले में दूसरा स्थान एचडीएफसी बैंक का है, जिसका मार्केट कैप फिलहाल 14.20 लाख करोड़ रुपये (अनंतिम) है। इसी तरह 11.75 लाख करोड़ रुपये (अनंतिम) के मार्केट कैप के साथ भारती एयरटेल देश की तीसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है। वहीं 11.08 लाख करोड़ रुपये (अनंतिम) के मार्केट कैप के साथ भारतीय स्टेट बैंक देश की चौथी सबसे बड़ी कंपनी बनी हुई है। पांचवें स्थान पर 10.18 लाख करोड़ रुपये (अनंतिम) के मार्केट कैप के साथ आईसीआईसीआई बैंक, छठे स्थान पर 10.10 लाख करोड़ रुपये (अनंतिम) के मार्केट कैप के साथ टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और सातवें स्थान पर 6.14 लाख करोड़ रुपये (अनंतिम) के मार्केट कैप के साथ बजाज फाइनेंस बनी हुई हैं।

उत्तराखण्ड में राज्य आंदोलनकारियों और आश्रितों की पेंशन में बढ़ोतरी

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देहरादून, 12 फरवरी (हि.स.)। उत्तराखंड सरकार ने राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए पेंशन बढ़ाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार अब आंदोलनकारियों की मासिक पेंशन बढ़कर अधिकतम 30,000 तक पहुंच गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, ‘उत्तराखण्ड के आंदोलनकारियों का त्याग और बलिदान हमेशा स्मरणीय रहेगा। यह पेंशन वृद्धि उनके सम्मान और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।’

गुरुवार शाम जारी आदेश के अनुसार, राज्य आंदोलन के दौरान सात दिन जेल गए या घायल हुए आंदोलनकारियों की पेंशन 6,000 से बढ़ाकर 7,000 कर दी गई है। अन्य आंदोलनकारियों की पेंशन 4,500 से बढ़कर 5,500 की गई है। गंभीर रूप से घायल और पूर्णतः शय्याग्रस्त आंदोलनकारियों के लिए पेंशन 20,000 से बढ़ाकर 30,000 कर दी गई है। बलिदानी आंदोलनकारियों के आश्रितों की पेंशन भी 3,000 से बढ़ाकर 5,500 प्रतिमाह कर दी गई है।

रांची समाहरणालय को बम से उड़ाने की धमकी, बम निरोधक दस्ते ने की जांच

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रांची, 12 फरवरी (हि.स.)। रांची सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी देने के बाद अब रांची के कचहरी चौक स्थित समाहरणालय भवन को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। धमकी मिलने के बाद गुरुवार को रांची पुलिस की ओर से एहतियातन पूरे समाहरणालय की बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) से जांच करवाई जा रही है। यह धमकी ईमेल के माध्यम से मिली है।

सिविल कोर्ट की तरह ही इस बार भी धमकी ईमेल के माध्यम से दी गई है। ईमेल में लिखा गया है कि समाहरणालय को सल्फर नाइट्रेट बम से उड़ा दिया जाएगा। धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद रांची पुलिस पूरी तरह अलर्ट पर आ गई है और तुरंत बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाकर जांच शुरू की गई है। रांची कोतवाली के डीएसपी प्रकाश सोय ने बताया कि धमकी की जांच की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले छह फरवरी को रांची सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी, जिसके बाद लगातार दो दिनों तक झारखंड जगुआर के बम निरोधक दस्ते ने पूरे कोर्ट कैंपस की तलाशी ली थी। जांच के दौरान बम निरोधक दस्ते को कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली थी। सिविल कोर्ट के बाद अब रांची समाहरणालय को उड़ाने की धमकी दी गई है, जिसकी जांच जारी है।

एफआईएच प्रो लीग 2025–26: अर्जेंटीना ने भारत को 8-0 से रौंदा

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टोमास डोमेने ने दागे चार गोल

राउरकेला, 12 फ़रवरी (हि.स.)।

बिरसा मुंडा हॉकी स्टेडियम में खेले गए एफआईएच पुरुष प्रो लीग 2025–26 के राउरकेला चरण में गुरुवार को भारत को अर्जेंटीना के हाथों 0-8 से करारी हार का सामना करना पड़ा। अर्जेंटीना के लिए टोमास डोमेने ने चार गोल (15’, 20’, 26’, 60’) दागे।

उनके अलावा टोमास रुइज़ (14’), लुसियो मेंडेज़ (22’), इग्नासियो इबारा (25’) और निकोलस डेला टोरे (30’) ने भी एक-एक गोल किया।

मैच की शुरुआत में भारतीय टीम आक्रामक नजर आई और शुरुआती मिनटों में दबाव बनाने की कोशिश की। पहले क्वार्टर के अंत में भारत को पेनल्टी स्ट्रोक मिला, लेकिन कप्तान हरमनप्रीत सिंह को अर्जेंटीना के गोलकीपर ने रोक दिया। इसके तुरंत बाद अर्जेंटीना ने पलटवार करते हुए 14वें मिनट में टोमास रुइज़ के दमदार टोमहॉक शॉट से बढ़त हासिल की। अगले ही मिनट डोमेने ने गोल कर स्कोर 2-0 कर दिया।

दूसरे क्वार्टर में भारत ने वापसी की कोशिश की। शिलानंद लाकड़ा और हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए, लेकिन टीम गोल नहीं कर सकी। दूसरी ओर अर्जेंटीना ने मौके भुनाने में कोई चूक नहीं की। डोमेने ने 20वें मिनट में तीसरा गोल किया, जबकि 22वें मिनट में मेंडेज़ ने चौथा गोल दागा। 25वें मिनट में इबारा ने तंग कोण से गोल कर बढ़त 5-0 कर दी। 26वें मिनट में डोमेने ने हैट्रिक पूरी की और 30वें मिनट में डेला टोरे के गोल के साथ हाफटाइम तक स्कोर 7-0 हो गया।

तीसरे क्वार्टर में भारत ने कुछ अच्छे मौके बनाए। शिलानंद लाकड़ा और आदित्य लालेज गोल के करीब पहुंचे, लेकिन अर्जेंटीना के गोलकीपर टोमास सैंटियागो ने शानदार बचाव किए। यह क्वार्टर गोलरहित रहा।

अंतिम क्वार्टर में भारत ने तीसरा पेनल्टी कॉर्नर अर्जित किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। मैच के आखिरी मिनट (60वें) में डोमेने ने चौथा व्यक्तिगत गोल कर अर्जेंटीना की 8-0 की बड़ी जीत सुनिश्चित कर दी।

इस हार के साथ भारत को घरेलू मैदान पर निराशा हाथ लगी, जबकि अर्जेंटीना ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एकतरफा जीत दर्ज की।

सुप्रीम कोर्ट में केंद्र ने कहा-वांगचुक को हिरासत में लेने के बाद लद्दाख में थमी हिंसा

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नई दिल्ली, 12 फ़रवरी (हि.स.)। उच्चतम न्यायालय में केंद्र सरकार ने लद्दाख के कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका का विरोध करते हुए कहा कि उन्हें गिरफ्तार करने के बाद लद्दाख में हिंसा थम गई। इस मामले पर गुरुवार काे केंद्र सरकार की ओर से दलीलें पूरी कर ली गयी। जस्टिस अरविंद कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने अब इस मामले पर सोनम वांगचुक की पत्नी की ओर से दलीलें सुनने के लिए 16 फरवरी की तिथि नियत करने का आदेश दिया।

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) केएम नटराज ने सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को सही बताया। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद लद्दाख में हिंसा खत्म हो गई। हिंसा का खत्म होना ही बताता है कि उनकी गिरफ्तारी सही थी। एएसजी ने कहा कि सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के समय सभी प्रक्रियाएं पूरी की गईं। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को अपने मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए इस कोर्ट में आने से पहले अपने कर्तव्यों पर भी ध्यान देना चाहिए।

इसके पहले 11 फरवरी को केंद्र ने कहा था कि लद्दाख के कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को स्वास्थ्य के आधार पर रिहा करना मुमकिन नहीं है। केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता ने उच्चतम न्यायालय को बताया था कि सोनम वांगचुक की अबतक कुल 24 बार स्वास्थ्य की जांच की गई है। वह फिट और तंदुरुस्त हैं। हेल्थ के आधार पर उन्हें रिहा करना मुमकिन नहीं होगा, सरकार ने इस पर बहुत सोच-विचार किया है।

इसके पहले 4 फरवरी को उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार से कहा था कि उसे सोनम वांगचुक की खराब होती जा रही तबीयत को ध्यान में रखते हुए उनकी हिरासत जारी रखने के फैसले पर दोबारा विचार करना चाहिए। कोर्ट ने केंद्र सरकार के वकील को इस संबंध में निर्देश लेकर कोर्ट को सूचित करने का निर्देश दिया था।

हाईकोर्ट ने यूपी पुलिस को एनबीडब्ल्यू के बार-बार निष्पादन में विफलता पर लगाई फटकार

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–कोर्ट ने कहा, जनता का भरोसा कैसे बहाल किया जाय

प्रयागराज, 12 फरवरी (हि.स)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने गौतमबुद्ध नगर और हापुड़ ज़िलों में कार्यरत उत्तर प्रदेश पुलिस पर कोर्ट द्वारा जारी किए गए गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) के बार-बार निष्पादन न किए जाने पर कड़ी नाराज़गी जताई। जस्टिस सलील कुमार राय और जस्टिस सत्यवीर सिंह की खंडपीठ 2019 की आपराधिक अपील से जुड़े मामले की सुनवाई कर रही थी, जिसमें एक हत्या के दोषी के विरुद्ध जारी एनबीडब्ल्यू लंबे समय से निष्पादित नहीं किया गया था। कोर्ट ने पुलिस के अधीनस्थ अधिकारियों और आरोपित के बीच मिलीभगत की आशंका भी जताई।

खंडपीठ ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा, “पुलिस बल को बता दीजिए कि यह कानून का न्यायालय है। हमें कानून और अदालत की कार्यप्रणाली की पूरी समझ है। हो सकता है कि हमें पुलिस की कार्यशैली का पूरा ज्ञान न हो लेकिन हम इतना समझदार ज़रूर हैं कि यह पहचान सकें कि कब पुलिस अदालत को हल्के में ले रही है हमसे खेल मत खेलिए और जनता का भरोसा मत तोड़िए।”

अपील की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस रिपोर्ट और आरोपित के हलफनामे के बीच गंभीर विरोधाभास नोट किया था। जहां पुलिस रिपोर्ट में कहा गया कि आरोपित का पता सत्यापित नहीं हो सका, वहीं आरोपित ने अपने हलफनामे में दावा किया था कि पुलिस उसके घर आई थी और उसे वारंट की जानकारी दी गई।

इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए हाईकोर्ट ने 4 फरवरी को गौतमबुद्ध नगर के पुलिस आयुक्त और हापुड़ के सीनियर पुलिस अधीक्षक को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया और एनबीडब्ल्यू निष्पादित न करने वाले अधिकारियों से व्यक्तिगत हलफनामा भी मांगा था। कोर्ट ने यह भी कहा कि सम्बंधित पुलिसकर्मियों का आचरण न केवल सेवा में कदाचार दर्शाता है बल्कि अवमानना की कार्रवाई को भी आमंत्रित कर सकता है। केस की सुनवाई में एसएसपी हापुड़ और डीसीपी गौतम बुद्ध नगर व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। जबकि गौतमबुद्ध नगर के पुलिस आयुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे। पीठ ने आयुक्त की ओर से प्रतिनिधि भेजे जाने पर आपत्ति जताई और स्पष्ट किया कि कोर्ट किसी प्रतिनिधि को नहीं सुनेगा।

मामले के गुण-दोष पर पीठ ने एनबीडब्ल्यू के चार महीने तक निष्पादित न होने पर कड़ा एतराज़ जताया और कहा, “यह पुलिस का काम है कि वह आरोपित को तलाश करें। यह वारंट मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा नहीं बल्कि इस न्यायालय द्वारा जारी किया गया। यह एक स्थायी वारंट है, जिसे लौटाया नहीं जा सकता था। इसे हर हाल में निष्पादित किया जाना चाहिए अदालत द्वारा वारंट जारी किया जाना अब पुलिस के लिए कमाई का ज़रिया बन गया।”

सरकार के अपर महाधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने कोर्ट को बताया कि संबंधित कांस्टेबल, उप निरीक्षक सहित अन्य पुलिसकर्मियों को निलम्बित कर दिया गया और पुलिस आयुक्त द्वारा विभागीय जांच शुरू कर दी गई। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि आगे से अदालत द्वारा जारी कोई भी एनबीडब्ल्यू समय पर निष्पादित न होने की स्थिति नहीं होगी।

हालांकि, खंडपीठ इस आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुई और पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा, “हम किस तरह की पुलिस व्यवस्था में जी रहे हैं? पद हमेशा के लिए नहीं रहता। अदालत या पुलिस से वारंट मिलने के बाद लोग डर के साए में जीते हैं। जनता का भरोसा कैसे बहाल किया जाए? हमें मालूम है कि विभागीय जांच किस तरह और किन आधारों पर पूरी की जाती है, वर्दीधारी सेवा अब केवल जनता को परेशान करने का माध्यम बनकर रह गई।” जस्टिस सत्यवीर सिंह ने यह भी पूछा कि इस मामले में न्यायिक जांच क्यों नहीं कराई गई और पुलिस आयुक्त द्वारा जारी परिपत्र में मौजूद खामियों की ओर भी इशारा किया।

कोर्ट ने राज्य से यह स्पष्ट आश्वासन मांगा कि उसके द्वारा जारी कोई भी वारंट बिना निष्पादन के नहीं रहेगा। यदि ऐसा होता है तो सम्बंधित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई अनिवार्य रूप से की जाएगी। इस पर अपर महाधिवक्ता ने सहमति जताई। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए इसे 23 मार्च को सूचीबद्ध किया है।

अवैध बालू खनन रोकने के लिए चार चेक पोस्ट पर सीसीटीवी लगाने का निर्देश

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देवघर, 12 फ़रवरी (हि.स.)। उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा और पुलिस अधीक्षक सौरभ की संयुक्त अध्यक्षता में गुरूवार को अवैध बालू खनन और ढुलाई की रोकथाम को लेकर समाहरणालय में बैठक की गई।

बैठक में उपायुक्त ने रात्रि में अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिया। उन्‍होंने अवैध खनन में संलिप्त वाहनों को जब्त कर वाहन मालिकों पर एफआईआर दर्ज करने को कहा। इसके साथ ही उपायुक्त ने शहरी क्षेत्र के प्रवेश स्थलों पर रात्रि में चार चेक पोस्ट निर्माण और वहां सीसीटीवी कैमरा का निर्देश दिया। उन्होंने जिला पंचायती राज पदाधिकारी को पंचायत स्तर पर अवैध बालू उठाव में संलिप्त लोगों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही अवैध स्टॉक और फर्जी चालान पर भी कार्रवाई के निर्देश दिया।

मौके पर पुलिस अधीक्षक ने चिन्हित बालू माफियाओं पर ऑन-द-स्पॉट वाहन जब्ती और कठोर कार्रवाई करने और सभी विभागों को समन्वय बनाकर कार्य करने का निर्देश दिया।

बैठक में उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, अपर समाहर्ता हीरा कुमार, एसडीओ रवि कुमार सहित संबंधित अधिकारी मौजूद थे।