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उप्र सरकार ने जनता सेवा बसों के चालकों-परिचालकों के मानदेय में की बढ़ोतरी

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-चालक-परिचालकों को 14 पैसे प्रति किमी अतिरिक्त भुगतान का लिया निर्णय

लखनऊ, 06 फरवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण अंचलों में सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम द्वारा संचालित मुख्यमंत्री जनता सेवा योजना के अंतर्गत चल रही बसों के संचालन हेतु चालकों व परिचालकों को दिए जाने वाले मानदेय में 14 पैसे प्रति किलोमीटर की वृद्धि की गई है। यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इस फैसले से एक ओर जहां ग्रामीण क्षेत्रों में बस संचालन से जुड़े कर्मियों को आर्थिक संबल मिलेगा, वहीं दूसरी ओर आम ग्रामीण यात्रियों को कम किराये में सुरक्षित और सुगम परिवहन सुविधा निरंतर उपलब्ध होती रहेगी।

परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने शुक्रवार को बताया कि अब तक मुख्यमंत्री जनता सेवा के अंतर्गत संविदा चालकों और परिचालकों को 2.18 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान किया जा रहा था। ताजा निर्णय के तहत अब यह दर बढ़ाकर 2.32 रुपये प्रति किलोमीटर कर दी गई है। मानदेय में की गई यह वृद्धि बस संचालकों और सेवा प्रदाताओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगी। ग्रामीण मार्गों पर बसों का नियमित, सुरक्षित और सुचारु संचालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।

परिवहन मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री जनता सेवा योजना के अंतर्गत संचालित बसों का किराया साधारण बसों की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत कम रखा गया है। इसका सीधा लाभ ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले यात्रियों को मिल रहा है, जिन्हें कम किराये में अपने गंतव्य तक पहुंचने की सुविधा उपलब्ध हो रही है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार की प्राथमिकता है कि ग्रामीण अंचलों में रहने वाले नागरिकों को भी शहरी क्षेत्रों के समान किफायती और सुलभ परिवहन सुविधाएं मिलें।

परिवहन विभाग के अनुसार, मुख्यमंत्री जनता सेवा योजना के अंतर्गत प्रदेश के सभी 20 क्षेत्रों में कुल 395 अनुमन्य मार्गों पर 299 बसों का संचालन किया जा रहा है। यह योजना ग्रामीण परिवहन को सशक्त बनाने की दिशा में योगी सरकार का एक बड़ा और प्रभावी कदम मानी जा रही है। इस योजना से ग्रामीण इलाकों में न केवल आवागमन आसान हुआ है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बाजार तक पहुंच भी बेहतर हुई है।

सेवा योजना के अंतर्गत संचालित बसों का किराया साधारण बसों की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत कम रखा गया है। इसका सीधा लाभ ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले यात्रियों को मिल रहा है, जिन्हें कम किराये में अपने गंतव्य तक पहुंचने की सुविधा उपलब्ध हो रही है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार की प्राथमिकता है कि ग्रामीण अंचलों में रहने वाले नागरिकों को भी शहरी क्षेत्रों के समान किफायती और सुलभ परिवहन सुविधाएं मिलें।

परिवहन विभाग के अनुसार, मुख्यमंत्री जनता सेवा योजना के अंतर्गत प्रदेश के सभी 20 क्षेत्रों में कुल 395 अनुमन्य मार्गों पर 299 बसों का संचालन किया जा रहा है। यह योजना ग्रामीण परिवहन को सशक्त बनाने की दिशा में योगी सरकार का एक बड़ा और प्रभावी कदम मानी जा रही है। इस योजना से ग्रामीण इलाकों में न केवल आवागमन आसान हुआ है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बाजार तक पहुंच भी बेहतर हुई है।

पाकिस्तान के इस्लामाबाद में आत्मघाती विस्फोट से 31 की मौत, 169 घायल

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इस्लामाबाद, 06 फरवरी (हि.स.)। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के तरलाई स्थित इमामबाड़ा में आज जुमे की नमाज के दौरान आत्मघाती विस्फोट में कम से कम 31 लोग मारे गए और 169 अन्य घायल हो गए।

डान ने अपनी एक रिपोर्ट में जिला प्रशासन के अधिकारियों के हवाले से बताया कि यह विस्फोट शुक्रवार को राजधानी के तरलाई स्थित इमामबाड़े में उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्ज़ियोएव के दो दिवसीय आधिकारिक दौरे के दौरान हुआ। विस्फोट स्थल से मिली तस्वीरों में कालीन पर खून से सनी लाशें, कांच के टुकड़े, मलबा और घबराए हुए नमाजियों के दृश्य दिखाई दिए। इमामबाड़े के बाहर बगीचे में दर्जनों घायल पड़े थे और लोग मदद मांग रहे थे। पुलिस और रेस्क्यू 1122 टीमें तुरंत पहुंचीं और बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को निकटवर्ती पीआईएमएस और पॉलीक्लिनिक अस्पताल ले जाया गया है, जहां इमरजेंसी घोषित कर दी गई।

इस्लामाबाद राजधानी क्षेत्र के पुलिस प्रवक्ता ताकी जवाद के अनुसार पुलिस महानिरीक्षक सैयद अली नासिर रिजवी का चचेरा भाई भी इस हमले में मारा गया है, जबकि एक अन्य रिश्तेदार घायल है। जिला प्रशासन ने बताया कि विस्फोट स्थल को पूरी तरह सील कर दिया गया है। सहायक आयुक्त घायलों के इलाज की निगरानी कर रहे हैं। रावलपिंडी पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है। पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि इमामबाड़ों, मस्जिदों पर सुरक्षा जांच हो रही है।

पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा कि प्रांतीय सरकार ने इस्लामाबाद के लिए 25 एम्बुलेंस भेजी हैं। रावलपिंडी के सभी अस्पताल हाई अलर्ट पर हैं, सर्जिकल टीमें, एनेस्थेटिस्ट, ऑर्थोपेडिक और न्यूरोसर्जन तैयार हैं। ब्लड बैंक स्टाफ और ऑपरेशन थिएटर भी तैयार रखे गए हैं। रावलपिंडी के कमिश्नर को हर मदद के निर्देश दिए गए है।

राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि निर्दोषों को निशाना बनाना मानवता के खिलाफ अपराध है। उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की और सभी चिकित्सा सुविधाएं देने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी इस हमले की निंदा की है। उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इशाक डार ने इस कायराना आत्मघाती हमले की निंदा करते हुए कहा कि इबादतगाहों पर हमला इस्लाम के खिलाफ है। पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है।

रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में इस हमले को लेकर कहा कि हमले में शामिल आतंकी अफगानिस्तान होकर यहां आया था। उन्होंने बताया कि सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर को चुनौती दी, तो उसने गोलीबारी की और नमाजियों की आखिरी पंक्ति में खड़े होकर खुद को उड़ा लिया।उन्होंने कहा कि राज्य इस क्रूरता का पूरी ताकत से जवाब देगा।

संसदीय कार्यमंत्री तारिक फजल चौधरी ने पॉलीक्लिनिक अस्पताल परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान आतंकवाद को उखाड़ फेंकने का संकल्प जताया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान हमेशा शांति चाहता रहा, लेकिन पड़ोसी देश आतंक की साजिशें रचते रहे हैं, खासकर बलूचिस्तान, फाटा और आज के इस्लामाबाद हमले में भारत का हाथ है।

उल्लेखनीय है कि पिछले साल नवंबर में इस्लामाबाद के जी-11 इलाके में जिला अदालत के बाहर हुए आत्मघाती विस्फोट में 12 लोग मारे गए थे और 30 से ज्यादा घायल हुए थे।

ओली के चुनावी तालमेल के प्रस्ताव को सभी दलों ने ठुकराया

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काठमांडू, 06 फ़रवरी (हि.स.)। पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के प्रतिनिधि सभा सदस्य निर्वाचन में कुछ खास क्षेत्रों में चुनावी तालमेल के लिए किए गए प्रस्तावों को अन्य दलों द्वारा अस्वीकार किए जाने के बाद एमाले (एमाले) असहज स्थिति में फंसता नजर आ रहा है।

गगन थापा के नेतृत्व में रहे नेपाली कांग्रेस और प्रचण्ड के नेतृत्व में रहे नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (नेकपा) द्वारा तालमेल के प्रस्ताव ठुकराए जाने से खास क्षेत्रों में चुनावी तालमेल करने की एमाले अध्यक्ष केपी शर्मा ओली की इच्छा पूरी न होने की संभावना बढ़ गई है। इससे पार्टी को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। नेकपा के नेता प्रकाश ज्वाला ने रातोपाटी से कहा, “एमाले ने कुछ खास क्षेत्रों में चुनावी तालमेल का प्रस्ताव रखा था, लेकिन नेकपा ने उसे अस्वीकार कर दिया है। पार्टी संयोजक प्रचंड और सह-संयोजक माधव नेपाल ने एमाले के प्रस्ताव को न मानने का निर्णय लिया है।”

प्रचंड और माधव नेपाल ने कुछ दिन पहले हुई बैठक में एमाले से आए तालमेल प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए तालमेल न करने का निष्कर्ष सुनाया था।

चुनावी तालमेल की चर्चा के बीच कांग्रेस ने एक पत्रकार सम्मेलन के माध्यम से स्पष्ट कर दिया है कि वह निर्वाचन से पहले किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी। शुक्रवार को आयोजित कांग्रेस केंद्रीय प्रचार-प्रसार समिति की पत्रकार वार्ता में पार्टी के प्रवक्ता देवराज चालिसे ने बताया कि कांग्रेस अकेले ही चुनावी मैदान में उतरी है और 165 निर्वाचन क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार उतार चुकी है, इसलिए चुनाव से पहले तालमेल की कोई नीति नहीं है।

ओली के निर्वाचन क्षेत्र झापा–5 और महासचिव शंकर पोखरेल के निर्वाचन क्षेत्र दाङ–2 में एमाले अन्य दलों के साथ चुनावी तालमेल के पक्ष में है। झापा–5 में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (रास्वपा) के नेता बालेन्द्र शाह ओली के खिलाफ चुनावी मैदान में हैं।

रास्वपा की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए ओली अपने तथा महासचिव पोखरेल के क्षेत्रों में नेकपा या कांग्रेस में से किसी एक दल के साथ तालमेल कर जीत सुनिश्चित करना चाहते हैं।

पिछले निर्वाचन में ओली ने झापा में राप्रपा के साथ चुनावी तालमेल किया था। लेकिन इस बार राप्रपा ने भी चुनावी तालमेल न करने की बात कही है। राप्रपा और नेकपा—दोनों के तालमेल से इनकार के बाद झापा में ओली को चुनावी झटका लगने की आशंका जताई जा रही है, वहीं दांग में महासचिव शंकर पोखरेल के सामने भी कड़ी चुनौती बताई जा रही है।

लड़कियों के लापता होने पर पेड हाइप का खुलासा,दिल्ली पुलिस का सख्त संदेश

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नई दिल्ली, 06 फ़रवरी (हि.स.)। दिल्ली में लड़कियों के लापता होने की बढ़ती घटनाओं को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे डर और अफवाहों पर दिल्ली पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, कुछ लोगों और प्लेटफॉर्म्स द्वारा पेड प्रमोशन के जरिए इस मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है, जिससे आम जनता में अनावश्यक पैनिक पैदा हो रहा है। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पैसे के फायदे के लिए डर का माहौल बनाना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

दिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते हुए बताया कि कुछ सुरागों को फॉलो करने के बाद यह सामने आया है कि लापता लड़कियों के मामलों को लेकर भ्रामक कंटेंट को जानबूझकर प्रमोट किया जा रहा है। ऐसे पोस्ट्स और वीडियो तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं, जिससे अभिभावकों और समाज में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। पुलिस ने कहा कि वास्तविक आंकड़ों और तथ्यों को नजरअंदाज कर डर फैलाने वालों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल हो रही किसी भी जानकारी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध या भ्रामक पोस्ट की सूचना तुरंत पुलिस को दें। दिल्ली पुलिस ने यह भी दोहराया कि हर लापता व्यक्ति के मामले में गंभीरता से जांच की जाती है और अधिकांश मामलों में समय रहते बच्चों और युवतियों को सुरक्षित बरामद कर लिया जाता है। पुलिस का कहना है कि जिम्मेदार नागरिक बनें, अफवाहों से बचें और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।

उप्र अब बीमारू नहीं बल्कि विकासशील प्रदेश बना : ब्रजेश पाठक

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मुरादाबाद, 06 फरवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश अब बीमारू नहीं बल्कि विकासशील प्रदेश बन चुका है। प्रदेश में चिकित्सा, शिक्षा व कानून व्यवस्था में व्यापक सुधार हुए हैं। यह बातें शुक्रवार रात्रि में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए कही। डिप्टी सीएम मुरादाबाद में एक राष्ट्रीय समाचार पत्र के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आए थे।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। पहले उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य के तौर पर जाना जाता था, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार हुए हैं। स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हुआ है, मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ी है और शिक्षा के स्तर में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के कार्यकाल में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था का बुरा हाल था। कानून व्यवस्था पूरी तरह चौपट थी। आज कानून व्यवस्था मजबूत हुई है और प्रदेश विकास के नए रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।

संभल में सरकारी स्कूल की दीवारों में लिखी गईं कुरान की आयतें

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संभल में सरकारी स्कूल की दीवारों में लिखी गईं कुरान की आयतें, हिंदू संगठनों के विरोध पर दो अध्यापक निलंबित

– चंदौसी के सरकारी स्कूल में लिखी मिली मुस्लिम आयतें

संभल, 06 फ़रवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद संभल में शुक्रवार को हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने एक सरकारी स्कूल में जमकर हंगामा काटा। आरोप है कि स्कूल की दीवारों पर कुरान की आयतें लिखी गईं हैं और देश के महापुरुषों की फोटो एक कमरे में रस्सी से लटकाई गईं हैं। बढ़ते विरोध पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत कराया। जिला ​बेसिक शिक्षा अधिकारी ने प्रधाना अध्यापक और सहायक अध्यापक को निलंबित करते हुए जांच गठित कर दी।

चंदौसी तहसील अर्न्तगत थाना कुढ़ फतेहगढ़ क्षेत्र के गांव नगला पूर्वा में स्थित सरकारी स्कूल में शुक्रवार दोपहर को हिंदू संगठन विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता पहुंचे। आरोप है कि स्कूल परिसर में दीवारों पर मुस्लिम धर्म की आयतें लिखी हुई हैं। वहीं, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, मां सरस्वती, भारत माता, सुभाष चंद्र बोस, रवींद्रनाथ टैगोर सहित अन्य महापुरुषों की तस्वीरें एक कमरे में रस्सी से बांधकर रखी गई थीं। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने इसे सरकारी स्कूल में नियमों के खिलाफ बताया। इस दौरान कार्यकर्ताओं द्वारा महिला हेडमास्टर और सहायक शिक्षक से सवाल-जवाब किए गए। जिस पर पुलिस ने हस्तक्षेप किया। इसी बात को लेकर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हो गई।

विद्यालय की प्रधानाध्यापक पुष्पा देवी ने इस पूरे मामले के लिए सहायक अध्यापक मोहम्मद नाजिम को जिम्मेदार ठहराया। वहीं, टीचर ने आरोपों को लेकर अपनी सफाई दी और दोनों एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते नजर आए।

विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने पुलिस को दी लिखित शिकायत में आरोप लगाया कि स्कूल में नियमों के विपरीत धार्मिक गतिविधियां कराई जा रही हैं। संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

इस दौरान कुछ आपत्तिजनक बयान भी सामने आए। जिन्हें लेकर पुलिस स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी रही।

इस विषय में विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ता आशीष तूफानी ने कहा, स्कूल पहुंचने पर दीवारों पर कुरान आयतें लिखी मिलीं। महापुरुषों की तस्वीरें एक कमरे में रस्सी से बांधकर रखी हुई थीं। वहीं विभाग संयोजक सत्संग प्रमुख आचार्य, ऋतुपन शर्मा ने स्कूल में धार्मिक प्रतीकों के उपयोग पर आपत्ति जताई थी। इसकी जानकारी पर शिक्षा विभाग को पूरे मामले से अवगत कराया गया है।

इस मामले में बीएसए अलका शर्मा ने बताया कि गांव नगला पूर्वा के प्राथमिक विद्यालय में कुरान की आयतें लिखे होने का मामला संज्ञान में आया है। प्रधानाध्यापक पुष्पा रानी और सहायक अध्यापक मोहम्मद नाजिम को सस्पेंड किया गया है। मामले में अगर आगे और किसी का नाम आता है तो विभागीय कार्रवाई होगी।

थाना प्रभारी लाेकेन्द्र त्यागी ने बताया कि विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियाें ने प्रार्थना पत्र दिया है, मामला शिक्षा विभाग से जुड़ा है, इसलिए विभागीय अधिकारियाें काे भी अवगत कराते हुए जांच की जा रही है।

गो संरक्षण को बढ़ावा देने पर आधारित फिल्म गोदान उत्तर प्रदेश में टैक्स फ्री

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लखनऊ, 06 फरवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश सरकार ने गो संरक्षण पर आधारित फिल्म गोदान को राज्य में टैक्स फ्री कर दिया है। विनोद चौधरी द्वारा निर्मित व निर्देशित फिल्म आज शुक्रवार को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। सरकार का मानना है कि फिल्म के माध्यम से गो संरक्षण का संदेश व्यापक स्तर पर समाज तक पहुंचेगा और आमजन को इस विषय की गंभीरता से जोड़ने में मदद मिलेगी।उत्तर प्रदेश में करमुक्ति के बाद दर्शकों के लिए टिकट दरों में कमी आएगी। इससे अधिक से अधिक लोग फिल्म देख सकेंगे।

उल्लेखनीय है कि पद संभालते ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गो तस्करों पर ताबड़तोड़ एक्शन शुरू किया था और बड़े पैमाने पर गो तस्करों की गिरफ्तारी की गई थी। गोहत्या और तस्करी के मामलों में कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक तंत्र को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे।

प्रदेश सरकार के प्रवक्ता कहते है कि गोवंश के प्रति मुख्यमंत्री के स्नेह और गो संरक्षण के लिए उनकी प्रतिबद्धता का इसी बात से पता चलता है कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में साढ़े सात हजार से ज्यादा गो आश्रय स्थल बनाए गए हैं। इतना ही नहीं, 12 लाख से अधिक निराश्रित गोवंश संरक्षित किए जा चुके हैं। गो सेवा और उनके संरक्षण को और प्रभावी बनाने के लिए हर जिले में गो संरक्षण समितियों का गठन किया गया है। हर जनपद के जिलाधिकारी व एसएसपी इसके नोडल अधिकारी बनाए गए हैं।

गोमाता के संरक्षण, भारतीय संस्कृति में उसके महत्व और पंचगव्य आधारित वैज्ञानिक दृष्टिकोण को केंद्र में रखकर बनी फिल्म ‘गोदान’ के निर्माता-निर्देशक इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर चुके हैं। लगभग दो घंटे की इस फिल्म में गाय के धार्मिक, सामाजिक और व्यावहारिक महत्व को दर्शाया गया है।

वैभव सूर्यवंशी की ऐतिहासिक पारी की बदौलत भारत ने छठी बार जीता अंडर-19 विश्व कप का खिताब

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वैभव सूर्यवंशी बने मैन ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट

हरारे, 06 फ़रवरी (हि.स.)। वैभव सूर्यवंशी की तूफानी और ऐतिहासिक पारी के दम पर भारत ने आईसीसी अंडर-19 विश्व कप 2026 का खिताब जीत लिया। फाइनल मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को 100 रनों से हराकर रिकॉर्ड छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप अपने नाम किया। यह जीत भारतीय क्रिकेट के स्वर्णिम इतिहास में एक और यादगार अध्याय बन गई।

भारत की इस बड़ी जीत के नायक रहे 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी, जिन्होंने महज 80 गेंदों पर विस्फोटक 175 रन ठोककर अंडर-19 स्तर पर अब तक की सबसे यादगार पारियों में से एक खेली। उनकी इस पारी में चौकों-छक्कों की बरसात देखने को मिली और कई रिकॉर्ड टूट गए।

भारत की पारी: सूर्यवंशी का तूफान

टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत की शुरुआत हालांकि अच्छी नहीं रही और सेमीफाइनल के हीरो एरॉन जॉर्ज जल्दी आउट हो गए। लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

शुरुआत में संयम से खेल रहे वैभव सूर्यवंशी ने जेम्स मिंटो के एक ओवर में 18 रन बटोरते ही गियर बदल दिया। दूसरे छोर पर आयुष म्हात्रे (53) ने भी आक्रामक रुख अपनाया।

वैभव ने सिर्फ 32 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और फिर इंग्लिश गेंदबाजों पर कहर बनकर टूट पड़े। फरहान अहमद के एक ओवर में तीन छक्के और एक चौका लगाकर उन्होंने मैच पूरी तरह भारत के पक्ष में कर दिया। 20 ओवर के भीतर शतक पूरा करने के बाद सूर्यवंशी रुके नहीं और देखते ही देखते 150 के पार पहुंच गए।

अर्धशतक से शतक और फिर डेढ़ सौ—सब कुछ बेहद तेजी से हुआ। 25 ओवर में भारत का स्कोर 250 पहुंच चुका था। हालांकि अगले ओवर में वैभव 175 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन तब तक इंग्लैंड पूरी तरह बैकफुट पर जा चुका था।

अंतिम ओवरों में कणिष्क चौहान के बड़े शॉट्स की बदौलत भारत ने 50 ओवर में 9 विकेट पर 411 रन बना दिए—जो अंडर-19 नॉकआउट मुकाबले में अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है।

इंग्लैंड की पारी: फाल्कनर की लड़ाई, लेकिन नाकाफी

412 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद धीमी रही। हालांकि बेन डॉकिन्स (66) और बाद में कैलिब फाल्कनर (115) ने संघर्ष जरूर किया। फाल्कनर ने शानदार शतक जमाकर कुछ समय के लिए उम्मीद जगाई, लेकिन दूसरे छोर से विकेट गिरते रहे।

20 ओवर के बाद भारत ने लगातार विकेट झटककर इंग्लैंड की कमर तोड़ दी। आयुष म्हात्रे, दीपेश देवेंद्रन और आरएस अम्बरीश की अगुवाई में भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। इंग्लैंड की टीम 40.2 ओवर में 311 रन पर सिमट गई।

मैच के बाद इंग्लिश कप्तान थॉमस रयू ने कहा,“वैभव जब लय में आए तो हमें समझ नहीं आया कि क्या करें। हमने योजना बनाई थी, लेकिन आज उन्होंने हम पर पूरी तरह हावी होकर खेला। उन्हें पूरा श्रेय जाता है।”

वहीं, प्लेयर ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द सीरीज वैभव सूर्यवंशी ने कहा,“बहुत अच्छा महसूस हो रहा है। यह पुरस्कार मैं पूरे सपोर्ट स्टाफ को समर्पित करता हूं। हमने दबाव नहीं लेने और अपनी प्रक्रिया पर भरोसा करने पर ध्यान दिया। पिछले आठ-नौ महीनों की तैयारी का ही नतीजा आज सामने है।”

संक्षिप्त स्कोर:

भारत: 411/9 (50 ओवर)

वैभव सूर्यवंशी 175, आयुष म्हात्रे 53; जेम्स मिंटो 3/63

इंग्लैंड: 311 (40.2 ओवर)

कैलिब फाल्कनर 115, बेन डॉकिन्स 66; आरएस अम्बरीश 3/56

परिणाम: भारत ने इंग्लैंड को 100 रन से हराया।

पूरे उत्तर प्रदेश में जुवेनाइल रिहैबिलिटेशन का इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं : हाईकोर्ट

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–हाईकोर्ट ने सरकार से 10 जरूरी मुद्दों पर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया

प्रयागराज, 06 फरवरी (हि.स)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के यह कहने पर कि पूरे राज्य में जुवेनाइल जस्टिस एक्ट 2015 को लागू करने में इंफ्रास्ट्रक्चर में काफी कमियां हैं, इस पर गहरी चिंता जताई। उत्तर प्रदेश सरकार के वकील ने कोर्ट को बताया कि पूरे राज्य में जुवेनाइल जस्टिस एक्ट 2015 और जुवेनाइल जस्टिस रूल्स, 2016 के तहत बताए गए मान्यता प्राप्त संस्थानों, जैसे “फिट पर्सन,“ “ग्रुप फॉस्टर केयर संस्थान,“ “ग्रुप फॉस्टर केयर देने वाले,“ और “केस वर्कर“ की उपलब्धता के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

ये संस्थाएं-संस्थान रिहैबिलिटेशन और रीइंटीग्रेशन (आरएंडआर) कार्यक्रम और कानून से टकराव वाले बच्चे को जमानत पर रिहा होने के बाद व्यक्तिगत बाल देखभाल योजना को लागू करने के लिए ज़रूरी हैं। ये संस्थान रिहाई के बाद सहायता के स्तम्भ के रूप में काम करते हैं। उन्हें ज़रूरी देखभाल और निगरानी प्रदान करने का आदेश दिया गया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जमानत पर रिहा होने के बाद किशोर फिर से आपराधिक गतिविधि में शामिल न हो।

बेंच ने कहा कि इस सिस्टम की कमी के कारण जुवेनाइल जस्टिस एक्ट का “सुधारात्मक न्याय“ का कानूनी आदेश “पूरी तरह से खत्म“ हो रहा है। कोर्ट असल में एक किशोर द्वारा दायर आपराधिक अपील की सुनवाई कर रही थी, जो जमानत मांग रहा था। बेंच ने राय बनाई कि नाबालिग-अपीलकर्ता को रिहाई के बाद जुवेनाइल एक्ट 2015 के तहत रिहैबिलिटेशन और रीइंटीग्रेशन (व्यक्तिगत बाल देखभाल) योजना की सख्त ज़रूरत है। इस काम को आसान बनाने के लिए, कोर्ट ने राज्य सरकार से इस प्लान को बनाने में मदद करने के लिए “फिट संस्थानों,“ “फिट व्यक्तियों,“ और “केस वर्कर्स“ के अस्तित्व के बारे में जानकारी मांगी। कोर्ट ने उन मानदंडों के बारे में भी पूछा जिनके आधार पर ऐसे संस्थानों को मान्यता दी गई।

हालांकि, राज्य की ओर से एजीए यह नहीं बता पाए कि क्या ऐसे किसी संस्थान की पहचान की गई। बेंच को बताया गया कि आरएंडआर प्लान को लागू करने के लिए ज़रूरी एजेंसियों और अधिकारियों को न तो नॉमिनेट किया गया और न ही मान्यता दी गई। कासगंज और मैनपुरी जिलों के बारे में कोर्ट ने कहा कि मान्यता के मानदंडों की कमी और मान्यता प्राप्त संस्थानों की कमी के कारण आरएंडआर कार्यक्रम को लागू नहीं किया जा सकता।

यह देखते हुए कि आरएंडआर कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण घटक शिक्षा है। कोर्ट ने कहा कि पहली नज़र में स्कूल और शिक्षक देखभाल योजना में शैक्षिक गतिविधियों को लागू करने के उद्देश्य से क्रमशः “फिट संस्थानों“ और “फिट व्यक्तियों“ के रूप में नामित होने के मानदंडों को पूरा करते हैं। कोर्ट ने एडिशनल एडवोकेट जनरल से राज्य सरकार की ओर से दस ज़रूरी मुद्दों पर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।

1. “योग्य संस्थानों-योग्य सुविधाओं,“ “योग्य व्यक्तियों,“ “ग्रुप फोस्टर केयर संस्थानों,“ “ग्रुप फोस्टर केयर देने वालों,“ “केस वर्कर्स“ के मानदंड तय करने के लिए उठाए गए कदम।

2. जुवेनाइल जस्टिस एक्ट 2015 के साथ रूल्स, 2016 के तहत विधिवत पहचाने गए-मान्यता प्राप्त ऐसी संस्थाओं का विवरण पोस्ट रिलीज रिहैबिलिटेशन और रीइंटीग्रेशन कार्यक्रम-व्यक्तिगत बाल देखभाल योजनाओं के लिए।

3. क्या जिन स्कूलों में बच्चों को आरएंडआर कार्यक्रम-व्यक्तिगत बाल देखभाल योजना के हिस्से के रूप में कार्यक्रम के शैक्षिक जनादेश को पूरा करने के लिए भर्ती करने का प्रस्ताव है, उन्हें ऐसी संस्थाओं के रूप में पहचाना जा सकता है और स्कूलों में शिक्षकों को इस तरह नामित किया जा सकता है।

4. इन संस्थाओं के रूप में नामांकन के लिए संस्थानों-स्कूलों को अपनी सुविधाओं को अपग्रेड करने और शिक्षकों को अपनी योग्यता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन देने की संभावना।

5. अन्य संस्थानों, स्वयंसेवी समूहों, नागरिक समाज संस्थानों, गैर-सरकारी संगठनों, पेशेवरों का नामांकन जिनके पास आवश्यक विशेषज्ञता है। ऐसी संस्थाओं के रूप में मान्यता प्राप्त करने के लिए आवश्यक क्षमता है।

6. आरएंडआर कार्यक्रम-व्यक्तिगत बाल देखभाल योजना (जिसमें कानून के साथ संघर्ष में बच्चे की शिक्षा शामिल है) के लिए शिक्षाशास्त्र-पाठ्यक्रम के विकास की संभावना।

7. कानून के साथ संघर्ष में बच्चों के लिए उपरोक्त शिक्षाशास्त्र-पाठ्यक्रम के विकास के लिए विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और एससीईआरटी, एनसीईआरटी, एनसीटीई , राज्य विश्वविद्यालयों, केंद्रीय विश्वविद्यालयों, स्कूलों और अन्य संस्थानों जैसी संस्थाओं के सहयोग की संभावना।

8. शिक्षकों और अन्य सलाहकारों के लिए उचित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की संभावना जिन्हें आरएंडआर कार्यक्रम-व्यक्तिगत बाल देखभाल योजना के तहत विभिन्न गतिविधियों के लिए ऐसी संस्थाओं के रूप में पहचाना जाना है।

9. आरएंडआर कार्यक्रम-व्यक्तिगत बाल देखभाल योजना के कार्यान्वयन के लिए एससीईआरटी, एनसीईआरटी, एनसीटीई, राज्य विश्वविद्यालयों, केंद्रीय विश्वविद्यालयों, स्कूलों और अन्य संस्थानों जैसे विभिन्न संस्थानों के साथ सहयोग की संभावना।

10. राज्य के अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल के लिए योजना बनाना, जिसमें महिला एवं बाल विकास विभाग, महानिदेशक (शिक्षा), शिक्षा विभाग (उच्च शिक्षा, इंटरमीडिएट शिक्षा, बेसिक शिक्षा), दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, समाज कल्याण विभाग, कौशल विकास के लिए मिशन निदेशक, खेल विभाग, स्वास्थ्य एवं मेडिकल शिक्षा विभाग, संस्कृति विभाग, पुलिस विभाग, कानून विभाग और कोई भी अन्य विभाग शामिल हैं, जिसे जेजे एक्ट 2015 और नियम, 2016 को लागू करने के लिए सही समझा जाए। कोर्ट ने राज्य सरकार को संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिवों के साथ एक कॉन्फ्रेंस करने और एक साझा रुख दिखाने वाला हलफनामा दाखिल करने का भी निर्देश दिया। कासगंज और मैनपुरी के जिला प्रोबेशन अधिकारियों और जिला स्कूल निरीक्षकों को भी 12 फरवरी को मौजूद रहने का निर्देश दिया गया ताकि आर एंड आर कार्यक्रम को अंतिम रूप देने में कोर्ट की मदद की जा सके।

पान मसाला के भ्रामक विज्ञापन को लेकर सलमान खान को राहत

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जयपुर, 06 फ़रवरी (हि.स.)। राज्य उपभोक्ता आयोग ने राजश्री पान मसाला के भ्रामक विज्ञापन से जुडे मामले में फिल्म अभिनेता सलमान खान को राहत दी है। इसके साथ ही आयोग ने जिला उपभोक्ता आयोग, द्वितीय को कहा है कि अवमानना करने वाले व्यक्ति पर यदि जमानती वारंट की तामील नहीं हो तो उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी नहीं किए जाए। आयोग पुन: जमानती वारंट जारी कर सकता है, लेकिन गिरफ्तारी वारंट जारी नहीं किया जाए। आयोग अध्यक्ष देवेन्द्र कच्छावा और सदस्य सुरेन्द्र सिंह व करुणा जैन ने यह आदेश राजश्री पान मसाला की ओर से दायर अपील पर सुनवाई करते हुए दिए। इसके साथ ही राज्य आयोग ने कहा है कि जिला आयोग मामले में कंपनी की ओर से लंबित प्रार्थना पत्र का जल्द से जल्द निस्तारण करे।

अपील में कहा गया कि जिला आयोग ने आदेश जारी कर जवाब पेश होने तक विज्ञापन पर रोक लगाई थी। वहीं गत गत 15 जनवरी को आदेश जारी कर सलमान खान के खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिए। इसके साथ ही अब जिला आयोग मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी करने पर आमादा है। जिला आयोग में जवाब पेश किया जा चुका है। इसके अलावा पान मसाला के विज्ञापन पर रोक लगाई गई थी, जबकि विज्ञापन सिल्वर कोटेड इलायची का है। इसके अलावा अपीलार्थी की ओर से जिला आयोग में लंबित परिवाद की वैधता को प्रार्थना पत्र दायर कर चुनौती दे चुका है, लेकिन अभी तक उसका निर्णय नहीं हुआ है। जिस पर सुनवाई करते हुए आयोग ने मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी करने पर रोक लगा दी है। गौरतलब है कि योगेन्द्र सिंह ने जिला आयोग, क्रम 2 में परिवाद पेश कर राजश्री पान मसाला के भ्रामक विज्ञापन का आरोप लगाया है। परिवाद में पान मसाला निर्माता सहित उसका प्रचार करने वाले सलमान खान को पक्षकार बनाया गया है।