-नागरिक उड्डयन हेतु 2111 करोड़ का प्रावधान किया गया
लखनऊ, 11 फरवरी(हि.स.)। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में प्रदेश सरकार ने अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास को...
मुर्शिदाबाद, 11 फरवरी (हि. स.)। जिले के बेलडांगा अंतर्गत रेजीनगर में निलंबित तृणमूल कांग्रेस विधायक हुमायूं कबीर ने बुधवार को अयोध्या की बाबरी मस्जिद...
मुर्शिदाबाद, 11 फरवरी (हि. स.)। जिले के बेलडांगा अंतर्गत रेजीनगर में निलंबित तृणमूल कांग्रेस विधायक हुमायूं कबीर ने बुधवार को अयोध्या की बाबरी मस्जिद की तर्ज पर प्रस्तावित मस्जिद के निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत की। हाल ही में जनता उन्नयन पार्टी (जेयूपी) का गठन करने वाले कबीर ने दावा किया कि मस्जिद का निर्माण दो वर्षों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा और इस पर लगभग 50 से 55 करोड़ रुपये की लागत आएगी। दोपहर के समय ईंट रखकर निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में समर्थक उपस्थित रहे और कई लोग ईंट सिर पर उठाकर प्रतीकात्मक रूप से निर्माण में सहभागी बने। कबीर ने कहा कि विभिन्न स्तरों पर विरोध के बावजूद मस्जिद निर्माण का कार्य जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि लोगों को अपने धर्म का पालन करने और मंदिर, चर्च या अन्य धार्मिक स्थल बनाने की स्वतंत्रता है। मेरा प्रयास इबादत और अपने धर्म के प्रति समर्पण का है। इसे किसी पर थोपने का प्रयास न समझा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि कोई शक्ति इस मस्जिद के निर्माण को नहीं रोक सकती और निर्धारित समय में निर्माण पूरा किया जाएगा। हालांकि कबीर ने 235 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित ‘बाबरी यात्रा’ को फिलहाल स्थगित करने की घोषणा की है। यह रैली नदिया जिले के पलाशी से उत्तर दिनाजपुर के इटाहार तक प्रस्तावित थी।
उन्होंने बताया कि माध्यमिक परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इसके स्थान पर गुरुवार को पलाशी से बेलडांगा तक 22 किलोमीटर की पदयात्रा आयोजित की जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में समर्थकों के शामिल होने का दावा किया गया है।
उल्लेखनीय है कि कबीर ने गत वर्ष छह दिसंबर को, बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी के दिन, इस मस्जिद की आधारशिला रखी थी। उस समय इस कदम पर राज्य में तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। बताया गया था कि प्रारंभिक दो दिनों में ही करीब 2.85 करोड़ रुपये का चंदा एकत्र किया गया। भरतपुर से विधायक कबीर को कथित दल-विरोधी गतिविधियों के आरोप में तृणमूल कांग्रेस से निलंबित किया गया था, जिसके बाद उन्होंने अपनी नई पार्टी की घोषणा की। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी दोनों से मुकाबला करने की बात कही है।
इधर, भाजपा नेता दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि मस्जिद निर्माण का उद्देश्य “मुस्लिम वोट बैंक को संगठित करना” है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता विकास के मुद्दों पर निर्णय लेगी। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा था कि बाबरी मस्जिद दोबारा नहीं बनाई जाएगी।
राउरकेला, 11 फरवरी (हि.स.)। एफआईएच पुरुष हॉकी प्रो लीग 2025–26 के राउरकेला चरण में बेल्जियम ने भारत को 3-1 से शिकस्त दी। बिरसा मुंडा हॉकी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में बेल्जियम के लिए नेल्सन ओनाना, थॉमस क्रोल्स और आर्नो वान डेसल ने गोल किए, जबकि भारत की ओर से एकमात्र गोल शिलानंद लकड़ा ने दागा।
मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। पहले क्वार्टर में रक्षण पंक्ति ने शानदार प्रदर्शन किया और किसी भी टीम को बढ़त नहीं लेने दी। बेल्जियम को शुरुआती मिनटों में पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने उसे नाकाम कर दिया। भारत को भी मौका मिला, पर वह गोल में नहीं बदल सका।
दूसरे क्वार्टर में खेल तेज हुआ। भारतीय गोलकीपर ने कुछ बेहतरीन बचाव कर टीम को मैच में बनाए रखा, लेकिन 23वें मिनट में बेल्जियम ने मौका भुनाते हुए बढ़त हासिल कर ली। जवाब में भारत ने आक्रामक खेल दिखाया और 29वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर मिले मौके को शिलानंद लकड़ा ने गोल में बदलकर स्कोर 1-1 कर दिया।
तीसरे क्वार्टर में बेल्जियम ने अधिक समय तक गेंद पर कब्जा बनाए रखा, हालांकि भारतीय डिफेंस ने मजबूती दिखाई। निर्णायक बढ़त आखिरी क्वार्टर में आई जब 53वें मिनट में थॉमस क्रोल्स ने फील्ड गोल कर बेल्जियम को आगे कर दिया। इसके कुछ ही मिनट बाद आर्नो वान डेसल ने एक और गोल दागकर मेहमान टीम की जीत पक्की कर दी।
इस जीत के साथ बेल्जियम ने लीग में अपनी स्थिति मजबूत की, जबकि भारत को घरेलू मैदान पर हार से निराशा हाथ लगी। अब भारतीय टीम अगले मुकाबलों में वापसी की कोशिश करेगी।
साल 2026 की बहुप्रतीक्षित पैन-इंडिया फिल्मों में शामिल ‘स्वयंभू’ को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त चर्चा है। कार्तिकेय फेम निखिल सिद्धार्थ इस भव्य ऐतिहासिक फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। उनके साथ संयुक्ता, नाभा नटेश और नवाब शाह भी अहम किरदारों में नजर आएंगे। भारतीय इतिहास, आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक प्रतीकों से प्रेरित यह फिल्म दर्शकों को एक भावनात्मक और दृश्यात्मक रूप से समृद्ध सिनेमाई अनुभव देने का वादा करती है।
मेकर्स ने हाल ही में फिल्म का बहुप्रतीक्षित टीज़र जारी किया है, जिसने दर्शकों की उत्सुकता को और बढ़ा दिया है। भारत के गौरवशाली स्वर्ण युग की पृष्ठभूमि में रची गई इस कहानी के केंद्र में है सेंगोल, एक पवित्र प्राचीन राजदंड, जो धर्म, न्याय और नैतिक शासन का प्रतीक माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यह सेंगोल उस शासक को सौंपा जाता था जो धर्म के मार्ग पर चलकर राज करता हो। टीज़र में दिखाया गया है कि इस पवित्र प्रतीक को पाने के लिए अलग-अलग राज्यों के बीच भीषण संघर्ष छिड़ जाता है।
इस उथल-पुथल के बीच निखिल सिद्धार्थ एक निडर योद्धा के रूप में उभरते हैं, जो संतुलन और धर्म की पुनर्स्थापना के लिए लड़ता है। टीज़र में उनका रग्ड लुक और दमदार एक्शन सीक्वेंस फिल्म की तीव्रता को और मजबूत बनाते हैं। विशाल युद्ध दृश्य, डिटेल्ड प्रोडक्शन डिज़ाइन और भव्य विज़ुअल्स फिल्म के बड़े पैमाने को दर्शाते हैं।
फिल्म का लेखन और निर्देशन भारत कृष्णमाचारी ने किया है। केजीएफ और सलार फेम रवि बसरूर ने संगीत दिया है, जबकि बाहुबली और आरआरआर के सिनेमैटोग्राफर के.के. सेंटिल कुमार विज़ुअल्स की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। एडिटिंग बाहुबली फेम तम्मिराजू ने की है। पिक्सल स्टूडियोज़ के भुवन और श्रीकर द्वारा निर्मित ‘स्वयंभू’ हिंदी समेत कई भारतीय और अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में समर 2026 में रिलीज़ होगी।
नई दिल्ली, 11 फ़रवरी (हि.स.)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि यह विडंबना है कि किसान और गरीब के हितों के साथ समझौता करने वाले कांग्रेस पार्टी के नेता आज हमें समझौता कैसे किया जाता है, इस पर नसीहत दे रहे हैं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री ने लोकसभा में कहा कि आतंकवाद के बावजूद पाकिस्तान से समझौता करने वाले आज हमें समझौता करने के बारे में बता रहे हैं। उन्होंने कहा, “जो लोग शर्म-अल-शेख में आतंकवाद के बावजूद पाकिस्तान के साथ बातचीत करना चाहते हैं, वे अब हमें बातचीत पर सुझाव दे रहे हैं।”
लोकसभा में कल केंद्रीय बजट 2026-27 पर चर्चा के आरंभ के बाद आज दिनभर सदन में इसी विषय पर चर्चा चली। इसमें विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भाग लिया और केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने चर्चा पर जवाब देते हुए बजट में महिला, युवा और मजदूरों के लिए किए गए कार्यों का उल्लेख किया।
लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पर चर्चा के दौरान विपक्ष की कई आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए कोई नई योजना नहीं होने का आरोप गलत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब स्थापित किए जाएंगे। इनका उद्देश्य मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देना है। केवल इस योजना से अगले पांच वर्षों में एक लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
वित्त मंत्री ने कहा कि पांच बड़े टेक्सटाइल टू लेदर पार्क स्थापित किए जाएंगे। इनसे बड़ी संख्या में नए रोजगार के अवसर बनेंगे। उन्होंने वृद्धजनों की देखभाल के लिए एक व्यापक केयर इकोसिस्टम तैयार करने की भी घोषणा की। इस वर्ष 1.5 लाख केयर गिवर को प्रशिक्षित किया जाएगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार कौशल विकास को शिक्षा से जोड़ रही है। विद्यार्थियों को शिक्षा के दौरान ही कौशल प्रशिक्षण मिलेगा। इससे वे पढ़ाई पूरी करने के बाद उद्यमी बन सकेंगे। उन्होंने कहा कि राज्यों के औद्योगिक क्लस्टरों के पास मेगा उद्यमिता केंद्र स्थापित किए जा सकते हैं। केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर ऐसे उच्च शिक्षा केंद्र स्थापित करने को तैयार है।
डानकुनी से सूरत तक पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर की घोषणा पर वित्त मंत्री ने तृणमूल नेताओं की टिप्पणियों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि रेल मंत्री रहते हुए ममता बनर्जी ने लुधियाना से कोलकाता के कॉरिडोर की बात की थी जिस पर आगे कुछ नहीं हुआ। हमारा यह समर्पित माल ढुलाई कॉरिडोर बिल्कुल नई योजना है।
वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार माल ढुलाई खर्च घटाने के लिए सड़क मार्ग के साथ ही जल मार्ग के विकल्प भी तैयार कर रही है। इससे समुद्र तट से दूर स्थित राज्यों को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि मछली क्षेत्र के साथ ही केंद्र सरकार ने जल मार्ग और 500 अमृत सरोवर के लिए भी बजट में यह प्रावधान किया है।
उन्होंने कहा कि दशकों से प्रसिद्ध 200 विरासत क्लस्टरों को उन्नत किया जाएगा। ये क्लस्टर एमएसएमई क्षेत्र को समर्थन देते रहे हैं। इनमें लुधियाना, जालंधर, कानपुर, बिहार और बंगाल के केंद्र शामिल हो सकते हैं। इनको आधुनिक उपकरण और वित्तीय सहायता दी जाएगी।
मेगा टेक्सटाइल पार्कों पर उन्होंने कहा कि औद्योगिक टेक्सटाइल नए युग का हिस्सा हैं। वाहन सीट जैसे उत्पाद इसी श्रेणी में आते हैं। केंद्र सरकार इस क्षेत्र में आने वाले राज्यों के साथ सहयोग को तैयार है।
उन्होंने कहा कि 2026-27 के लिए कुल व्यय 53.47 लाख करोड़ रुपये निर्धारित है। पूंजीगत व्यय 12.22 लाख करोड़ रुपये है। यह सकल घरेलू उत्पाद का 3.1 प्रतिशत है। यह 2025-26 के संशोधित अनुमान से 11.5 प्रतिशत अधिक है।
उन्होंने बताया कि केंद्र का पूंजीगत व्यय 12 लाख करोड़ रुपये है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मिलाकर यह 17.1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचता है। राज्यों को 50 वर्ष के लिए पूंजीगत व्यय ऋण की सीमा 2 लाख करोड़ रुपये की गई है। राज्यों को करों में 41 प्रतिशत हिस्सा दिया जा रहा है। अगले वर्ष राज्यों को 25.44 लाख करोड़ रुपये हस्तांतरित किए जाने का अनुमान है। यह पिछले वर्ष से 2.7 लाख करोड़ रुपये अधिक है।
लखनऊ, 11 फ़रवरी (हि.स.)। योगी सरकार ने बजट 2026-27 में समाज कल्याण को विशेष प्राथमिकता देते हुए वर्ष 2025-26 के मुकाबले 8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 14,953 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि बजट में वृद्धावस्था और किसान पेंशन योजना के लिए 8,950 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। वर्तमान में 67.50 लाख लाभार्थियों को 1000 रुपये पेंशन प्रतिमाह दी जा रही है।
वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजनान्तर्गत पुत्रियों के विवाह के लिए अनुदान राशि 51 हजार रुपये से बढ़ाकर 1.01 लाख रुपये कर दी गयी है। इस योजना के लिए 750 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। अनुसूचित जाति के निर्धन व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी अनुदान योजना के लिए 100 करोड़ रुपये तथा सामान्य वर्ग के निर्धन व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी योजना के लिए 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति पूर्वदशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के लिए 977 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। वहीं सामान्य वर्ग पूर्व दशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजनान्तर्गत 950 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। पी.एम. अजय योजनान्तर्गत अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास निर्माण के लिए 13.09 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास के अंतर्गत अयोध्या, बरेली, अलीगढ़, मिर्जापुर, सहारनपुर एवं मुरादाबाद में छात्रावास के निर्माण के लिए 80 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
इसी तरह प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान ‘पीएम-जनमन’ के अन्तर्गत विशेष रूप से कमजोर जन जातीय समूहों का समग्र विकास किया जा रहा है। देशभर में 63 हजार से अधिक जनजातीय बाहुल्य ग्रामों तथा आकांक्षी जनपदों के जनजातीय ग्रामों को 18 विभागों के कार्यक्रमों से संतृप्त किये जाने का लक्ष्य है।
वित्त मंत्री ने बताया कि पिछड़ा वर्ग कल्याण की योजनाओं के लिये 3,402 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है जो वर्ष 2025-2026 के मुकाबले 9 प्रतिशत अधिक है। पूर्वदशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के लिए 3,060 करोड़ 50 लाख रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। अन्य पिछड़ा वर्ग के निर्धन व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी अनुदान योजना के लिए 210 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास निर्माण योजनान्तर्गत 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
योगी सरकार ने दिव्यांगजन के कल्याण की योजनाओं के लिये 2,140 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में 8 प्रतिशत अधिक है। दिव्यांग पेशन योजना के अन्तर्गत लगभग 11 लाख से अधिक दिव्यागजनों को 1000 रुपये प्रतिमाह की दर से धनराशि दी जा रही है। वर्ष 2017 के पूर्व यह धनराशि 300 रुपये थी। इस योजना हेतु 1470 करोड़ की व्यवस्था की गई है। दिव्यांग छात्राओं के लिए ई-ट्राईसाइकिल दिए जाने हेतु नई योजना प्रारंभ की गई है। इसके लिए 60 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। 03-07 आयु वर्ग के श्रवणबाधित, दृष्टिबाधित तथा मानसिक मंदित छात्रों के शिक्षण-प्रशिक्षण हेतु बचपन डे केयर सेंटर के लिए 5 करोड़ की व्यवस्था की गई है।
योगी सरकार ने पूर्व की भांति अल्पसंख्यक कल्याण की योजनाओं हेतु विशेष प्रावधान किया है। इसके लिए 2058 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत 21 जनपदों में मल्टी सेक्टोरल डेवलमेन्ट कार्यक्रम के लिये 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। पूर्वदशम तथा दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के लिए 391 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
पर्व-त्योहारों पर अराजक तत्वों से सख्ती से निपटें : योगी आदित्यनाथ
-मुख्यमंत्री ने की प्रदेश की कानून-व्यवस्था की समीक्षा, पुलिस बल को अलर्ट रहने के निर्देश
लखनऊ, 11 फरवरी(हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होली, महाशिवरात्रि और रमजान सहित विभिन्न पर्व-त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश करने वालों के विरुद्ध सख्ती से निपटने के निर्देश दिए हैं।
बुधवार को शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रदेश की कानून-व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 02 से 04 मार्च तक होली का पर्व मनाया जाएगा। ब्रज क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश में होलिकोत्सव के दौरान हर्ष और उल्लास का माहौल होना चाहिए। यह सुनिश्चित करायें कि शोभायात्राओं में उपद्रवी तत्वों की घुसपैठ किसी भी स्थिति में न होने पाए। रंग में भंग डालने वालों, उन्माद फैलाने वालों एवं अराजक तत्वों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में सभी मंडलों, पुलिस ज़ोन, रेंज एवं जनपदों के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सहभागिता की। मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत वर्षों में पर्व-त्योहारों के दौरान घटित घटनाओं से सीख लेते हुए स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप सतर्कता, निगरानी एवं प्रबंधन को और अधिक मजबूत किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि होलिका दहन केवल परम्परागत स्थलों पर ही कराया जाए। सड़क के मध्य किसी भी स्थिति में दहन न किया जाए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी सतत निगरानी रखी जाए। आगामी महाशिवरात्रि, होली, रमजान, माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाओं, जनगणना तथा अन्य महत्वपूर्ण आयोजनों के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश में शांति, सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखते हुए सभी आवश्यक प्रबंध समय से सुनिश्चित किए जाएं।
महाशिवरात्रि के अवसर पर जलार्पण हेतु निकलने वाले कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी प्रकार की दुर्घटना न हो, इसके लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहें। पुलिस महानिदेशक ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि इस संबंध में पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने वाराणसी, मेरठ, लखीमपुर खीरी एवं बाराबंकी के जिलाधिकारियों से महाशिवरात्रि पर प्रमुख शिव मंदिरों में दर्शन-पूजन की तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि 14 एवं 15 फरवरी को प्रमुख शिवधामों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुगम दर्शन, यातायात, पार्किंग, महिला सुरक्षा तथा आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीमें 24×7 सक्रिय रहें। मंदिर परिसरों में तैनात पुलिस कार्मिक श्रद्धालुओं से मर्यादित व्यवहार करें तथा पर्याप्त संख्या में महिला कार्मिकों की तैनाती सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि यातायात जाम के प्रमुख कारकों को चिन्हित कर उनके स्थायी समाधान सुनिश्चित किए जाएं। अस्थायी व्यवस्थाओं के स्थान पर दीर्घकालिक एवं व्यवहारिक उपाय लागू किए जाएं, ताकि आमजन को अनावश्यक असुविधा न हो।
धर्मस्थलों पर ध्वनि-विस्तारक यंत्रों के उपयोग को लेकर निर्देश दिए गए कि उनकी आवाज़ किसी भी स्थिति में परिसर से बाहर न जाए। पूर्व में ऐसी गतिविधियों के कारण कानून-व्यवस्था सम्बंधी चुनौतियां उत्पन्न हुई हैं। अतः नियमों का उल्लंघन करने वाली गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से बंद कराया जाए। विवाह एवं अन्य सामाजिक समारोहों में रात्रि 10 बजे के उपरांत डीजे, साउंड सिस्टम अथवा तेज़ ध्वनि उपकरणों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। उल्लंघन की स्थिति में कठोर कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मस्थलों के आसपास भिक्षावृत्ति की गतिविधियों में वृद्धि संज्ञान में आई है। इस पर प्रभावी रोक लगाई जाए तथा संबंधित व्यक्तियों के यथोचित पुनर्वास की योजना बनाई जाए।
मुख्यमंत्री ने 108 एवं 102 एम्बुलेंस सेवाओं के रिस्पॉन्स टाइम एवं कार्यक्षमता में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। आपातकालीन सेवाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। अवैध, जहरीली एवं नकली मदिरा के निर्माण, भंडारण एवं बिक्री पर पूर्ण नियंत्रण के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में सभी संबंधित विभाग निरंतर अलर्ट रहें। ऐसी किसी भी गतिविधि की सूचना मिलते ही त्वरित एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सड़कों एवं सार्वजनिक स्थलों पर स्टंटबाजी करने वाले अराजक तत्वों के विरुद्ध विशेष सतर्कता बरती जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 18 फरवरी से माध्यमिक शिक्षा परिषद की कक्षा 10 एवं 12 की परीक्षाएं प्रारम्भ हो रही हैं। परीक्षाएं नकलविहीन कराई जाएं तथा परीक्षा की शुचिता से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसी अवधि में रमजान माह भी प्रारंभ होगा तथा संभावित रूप से 21 मार्च को ईद का पर्व मनाया जाएगा। धर्मगुरुओं से संवाद स्थापित कर शांति एवं सौहार्द बनाए रखा जाए। किसी भी स्थिति में कोई नई परम्परा प्रारम्भ न की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 19 मार्च से वासंतिक नवरात्र प्रारंभ होंगे। इसके उपरांत राम नवमी का पर्व आएगा। इन सभी आयोजनों की तैयारियां समय से पूर्ण कर ली जाएं। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने अवगत कराया कि आगामी दिनों में जनगणना का प्रथम चरण प्रारम्भ हो रहा है। उसके लिए सभी जिलाधिकारी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था के प्रति अत्यंत सतर्क रहना होगा। प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी ईमानदारी एवं जवाबदेही के साथ करे।
-नागरिक उड्डयन हेतु 2111 करोड़ का प्रावधान किया गया
लखनऊ, 11 फरवरी(हि.स.)। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में प्रदेश सरकार ने अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास को प्राथमिकता देते हुए 27 हजार 103 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की है। यह राशि वर्ष 2025-26 की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक है। वहीं नागरिक उड्डयन के लिए दो हजार 111 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण एवं नये औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना के लिए पांच हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस पहल का उद्देश्य नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना और मौजूदा क्षेत्रों के विस्तार के माध्यम से प्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाना है। स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत युवाओं को टैबलेट और स्मार्ट फोन वितरण की प्रक्रिया जारी है। डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए इस योजना में दो हजार 374 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
अटल इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत अवस्थापना विकास के लिए दो हजार करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं, जिससे औद्योगिक गतिविधियों को आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। प्रदेश में विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए घोषित प्रोत्साहन नीति-2023 के क्रियान्वयन हेतु 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसका लक्ष्य फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (एफडीआई) और फॉर्च्यून-500 कंपनियों को प्रदेश में निवेश के लिए प्रेरित करना है।
डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजना भी तेजी से आगे बढ़ रही है। अब तक 200 रक्षा उद्योगों की स्थापना के लिए एमओयू हस्ताक्षरित किए जा चुके हैं। इनसे 35 हजार 280 करोड़ रुपये के निवेश और 53 हजार 263 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने का अनुमान है। बजट में किए गए इन प्रावधानों से स्पष्ट है कि सरकार औद्योगिक विकास और निवेश आकर्षण के जरिए प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देने की दिशा में ठोस रणनीति पर कार्य कर रही है।
एक्सप्रेसवे नेटवर्क के सहारे औद्योगिक कॉरिडोर विस्तार को नई रफ्तार उत्तर प्रदेश सरकार ने बजट में एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के समानांतर औद्योगिक विकास और पूंजी निवेश को प्रोत्साहित करने की रणनीति को और गति देते हुए औद्योगिक कॉरिडोर विकास के लिए चालू वित्तीय वर्ष का प्रावधान 300 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 900 करोड़ रुपये कर दिया है। आगरा-लखनऊ और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले नए लिंक एक्सप्रेसवे हेतु 675 करोड़ रुपये के स्थान पर 1400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि जेवर एयरपोर्ट से गंगा एक्सप्रेसवे वाया बुलंदशहर तक प्रवेश नियंत्रित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए बजट 1000 करोड़ से बढ़ाकर 1100 करोड़ रुपये किया गया है।
इसी क्रम में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से गंगा एक्सप्रेसवे (जनपद हरदोई वाया फर्रुखाबाद) तक प्रस्तावित ग्रीनफील्ड मार्ग के लिए 900 करोड़ से बढ़ाकर 1250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। गंगा एक्सप्रेसवे को प्रयागराज, मीरजापुर, वाराणसी, चंदौली होते हुए सोनभद्र तक जोड़ने वाले विन्ध्य एक्सप्रेसवे के निर्माण तथा मेरठ से हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तारीकरण के लिए क्रमशः 500-500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त सोनभद्र से चंदौली और गाजीपुर होते हुए विन्ध्य एक्सप्रेसवे-पूर्वांचल लिंक स्पर के निर्माण हेतु भी 500 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। वहीं औद्योगिक परिदृश्य को हरित दिशा देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश बायो-प्लास्टिक औद्योगिक नीति 2024 के अंतर्गत निवेशकों को प्रोत्साहन देने के लिए 119.37 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। यह संपूर्ण ढांचा प्रदेश को एक्सप्रेसवे आधारित औद्योगिक अर्थव्यवस्था की ओर निर्णायक रूप से अग्रसर करने की रणनीति का संकेत देता है।
वित्त मंत्री ने कहा कि इस बजट में नागरिक उड्डयन के लिए दो हजार 111 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है। इसमें से जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की स्थापना के लिए 750 करोड़ रुपये और प्रदेश सरकार की हवाई पट्टियों के निर्माण विस्तार सुदृढ़ीकरण एवं भूमि अर्जन के लिए 1100 करोड़ रुपये की व्यस्था की गयी है।
-पर्यटन क्षेत्र में बढ़ेगी महिला भागीदारी, महिला गाइडों की लाइसेंस शुल्क को माफ करने की घोषणा
-पर्यटन नीति-2022 के प्रावधानों का वर्ष 2032 तक होगा विस्तार, 50 हजार नये होम स्टे कमरे बनाने का लक्ष्य
-मुख्यमंत्री पर्यटन स्थल विकास योजना के तहत 500 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान
लखनऊ, 11 फरवरी(हि.स.)। उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में आज वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में पर्यटन और संस्कृति को विशेष महत्व देते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। जिसमें सबसे उल्लेखनीय घोषणा महिला गाइडों से लिये जाने वाले लाइसेंस शुल्क को माफ करना और यूपी पर्यटन नीति-2022 के प्रवाधानों और लाभों का विस्तार 2032 तक करने की रही। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में पर्यटकों के लिए आवसीय सुविधा के विकास के लिए वर्ष 2026-27 में 50 हजार नये होमस्टे कमरों के विकास का लक्ष्य रखा है।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने अपने बजट भाषण में मुख्यमंत्री पर्यटन स्थलों के विकास कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि ये प्रदेश की आध्यात्मिक धरोहर और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ प्रदेश में पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में ठोस कदम है। साथ ही वित्त मंत्री ने पिछले नौ वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप पर्यटन क्षेत्र में हासिल हुई उपलब्धियों के लिए आभार भी व्यक्त किया।
वित्त मंत्री ने पर्यटन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने उद्देश्य से बजट भाषण में महिला गाइडों के लिए 10 हजार रुपये के गाइड लाइसेंस शुल्क को माफ करने की घोषणा की है। साथ ही वित्त मंत्री ने यूपी पर्यटन नीति 2022 के प्रावधानों और लाभों को वर्ष 2032 तक बढ़ाने की घोषणा की है। साथ ही पर्यटकों के लिए आवासीय सुविधा में वृद्धि के लिए 50 हजार नये होम स्टे कमरे बनाने का लक्ष्य रखा गया है। जिन्हें हैरीटेज, शहरी व ग्रामीण के साथ-साथ सुविधाओं के आधार पर सिल्वर तथा गोल्ड के दो स्तरों में वर्गीकरण किया जाएगा। वहीं ब्रान्डेड संचालकों को होम स्टे आवास पट्टे पर लेने की अनुमति भी प्रदान की गई है। इनके 100 प्रतिशत डिजिटल पंजीकरण, सिंगल विन्डों क्लीरियन्स सिस्टम की सुविधा दी भी जाएगी।
पर्यटन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की प्रगति को उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री ने बजट भाषण में बताया कि वर्ष 2025 के पहले छह महीनों में प्रदेश में सर्वाधिक में लगभग 122 करोड़ पर्यटक आए। प्रदेश में पर्यटकों के इस बढ़ते हुए प्रवाह को देखते हुए मुख्यमंत्री पर्यटन स्थल विकास योजना के तहत बजट में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं अयोध्याधाम में पर्यटन अवस्थापना के लिए श्री अयोध्या तीर्थ विकास परिषद को 150 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। वहीं नैमिषारण्य तीर्थक्षेत्र, विंध्यवासिनी धाम और वाराणसी में पर्यटक सुविधाओं के विस्तार के लिए 100-100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही धर्मार्थ कार्य विभाग की ओर से जनपद मिर्जापुर के त्रिकोणीय क्षेत्र, माँ विन्ध्यवासिनी मंदिर, माँ अष्टभुजा मंदिर, माँ काली खोह मंदिर के परिक्रमा पथ एवं जनसुविधा स्थलों को विकासित किये जाने के लिए 200 करोड़ रूपये की राशि प्रस्तावित की गई है। इसके अलावा, प्रदेश के संरक्षित मंदिरों के जीर्णोद्धार और पुनर्निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये का प्राविधान है, जो पवित्र स्थलों की गरिमा बढ़ाने के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा में भी बढ़ोत्तरी करेगा।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने पर्यटन, संस्कृति और धर्माथ कार्य विभाग की उपलब्धियां बताते हुए कहा अयोध्या में रामपथ का निर्माण कार्य अब पूर्ण होने की ओर अग्रसर है, जिससे लाखों श्रद्धालुओं को सुगम यात्रा का अनुभव मिलेगा। साथ ही काशी में वैदिक विज्ञान केन्द्र और प्रयागराज में निषादराज गुहा सांस्कृतिक केन्द्र की स्थापना भी की जा चुकी है। वहीं बलरामपुर में थारू जनजाति को समर्पित संस्कृति संग्रहालय, वाराणसी में स्व. लाल बहादुर शास्त्री और बटेश्वर में भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी के गांव में संग्रहालय और संकुल का निर्माण पूरा होकर लोकार्पित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि लखनऊ के ऐशबाग में भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केन्द्र का निर्माण कार्य जारी है। साथ ही अयोध्या, मथुरा-वृन्दावन, काशी-सारनाथ, प्रयागराज जैसे प्रदेश के प्रमुख तीर्थ स्थलों में अवसंरचना और पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।
बजट 2026-27 की ये सभी घोषणाएं उत्तर प्रदेश को पर्यटन और सांस्कृतिक के हब के रूप में स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगीं। साथ ही प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों के विकास से स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने, रोजगार सृजन एवं प्रदेश की समृद्ध विरासतों के संरक्षण, संवर्धन के साथ उन्हें पर्यटकों की फेवरेट डेस्टिनेशन बनाने में भी सहायक सिद्ध होंगी। यह बजट प्रदेश की आस्था, संस्कृति और विकास के अद्भुत समन्वय का उदाहरण है।
नई दिल्ली, 11 फ़रवरी (हि.स.)। कांग्रेस सांसदों ने मंगलवार को भी संसद भवन परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस महासचिव (संगठन प्रभारी) एवं सांसद केसी वेणुगोपाल के नेतृत्व में यह प्रदर्शन किया गया। सांसदों ने लोकसभा से निलंबित किए गए सदस्यों का निलंबन वापस लेने की मांग की।
इस दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी संसद भवन परिसर पहुंचे और प्रदर्शन में शामिल हुए। कांग्रेस सांसदों ने हाथों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पोस्टर भी पकड़ रखा था।
विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा, राहुल गांधी, कार्ति चिदंबरम समेत कई सांसद मौजूद रहे। इन सांसदों ने “तानाशाही नहीं चलेगी” जैसे नारे लगाए और सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का आरोप लगाया।
नई दिल्ली, 11 फरवरी (हि.स.)। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अमेरिकी अरबपति जेफ्री एपस्टीन से अपना नाम जोड़े जाने पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर पलटवार किया है। पुरी ने कहा कि एपस्टीन के अपराधों से उनका कोई लेना-देना नहीं है। राहुल गांधी के आरोप बेबुनियाद हैं।
केंद्रीय मंत्री पुरी ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय पर पत्रकार वार्ता में कहा कि राहुल गांधी को पता होना चाहिए कि एपस्टीन फाइल्स गलत कामों और आपराधिक मामलों से संबंधित है। एपस्टीन फाइल्स में आरोप हैं कि जेफ्री के पास एक द्वीप था जहां वे लोगों को उनकी यौन कल्पनाओं को पूरा करने के लिए ले जाते थे, उन पर बाल यौन शोषण के आरोप हैं। उन पीड़ितों ने अधिकारियों के खिलाफ मामले दर्ज कराए हैं जिनका उनकी मुलाकात से कोई संबंध नहीं है।
मुलाकात को लेकर पुरी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने एपस्टीन से मुलाकात की थी, लेकिन यह मुलाकात अंतरराष्ट्रीय पीस इंस्टिट्यूट के एक प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा रहते हुए हुई थी। पुरी ने कहा, ”साल 2009 में जब वे अमेरिका में राजदूत थे तब ये मुलाकात हुई। यह सारी जानकारी सार्वजनिक तौर पर मौजूद है। सार्वजनिक रूप से एपस्टीन फाइल के 30 लाख ई-मेल हैं।”
उन्होंने कहा कि मई 2009 से आठ वर्षों तक वे न्यूयॉर्क में रहे, जब वे संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत के रूप में रहे। वर्ष 2017 में मंत्री बनाए गए। इन आठ वर्षों के दौरान संभवतः तीन या चार बैठकों का उल्लेख है। उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत पद से सेवानिवृत्त होने के कुछ महीने बाद उन्हें इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट (आईपीआई) से जुड़ने का निमंत्रण मिला था। औपचारिक रूप से आईपीआई या आईसीएम का हिस्सा नहीं था। उन्होंने बताया कि आईपीआई के प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में कुछ अवसरों पर एपस्टीन से मिला। आईसीएम अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर काम कर रहा था और एपस्टीन उसका हिस्सा नहीं थे।
पुरी ने कहा कि राहुल गांधी को बेबुनियाद आरोप लगाने की आदत है। एपस्टीन के संपर्क के एक शख्स ने हमारी मुलाकात लिंक्डइन के संस्थापक रीड हॉफमैन से अमेरिका के वेस्ट कोस्ट में करवाई थी। किसी ने कहा कि वे भारत को देखना चाहते हैं। मैंने अपने ईमेल में कहा था कि आज भारत एक शानदार अवसर प्रस्तुत करता है और रीड हॉफमैन को भारत आकर आने वाले बदलावों को देखना चाहिए।
राहुल गांधी पर तंज कसते हुए पुरी ने कहा कि एक ओर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जिन्होंने देश की अर्थव्यवस्था को 10वे पायदान से चौथे पायदान पर लाया और एक दूसरे नेता हैं जो कभी कभार देश में आते हैं। संसद में अपनी बात करते हैं और भाग जाते हैं। ये वही नेता है जो मनमोहन सिंह की सरकार के समय अध्यादेश को फाड़ देते हैं। ये वही नेता हैं जो एकबार बता रहे थे कि एक ब्राजीलियन मॉडल ने 21 जगह वोट बना लिया। ये नेता कहते हैं कि हमारी इकॉनमी डेड इकॉनमी है।