अजमेर, 10 फरवरी (हि.स.)। अजमेर के भगवंत यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले विदेशी छात्र की करंट लगने से मौत हो गई। शव को पुलिस ने जेएलएन अस्पताल की मॉर्चरी में रखवाया है। परिजनों के आने या परिजनों की ओर से एम्बेसी के जरिए सहमति पत्र भेजे जाने के बाद छात्र का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।
कृष्णगंज पुलिस थाना के एसएचओ अरविंद सिंह चारण ने बताया कि छात्र मोहम्मद ईलमुतसिर 22 कोस्टी, सूडान का रहने वाला था। वह यूनिवर्सिटी में बैचलर आफ फॉर्मेसी बी फार्मा के सेकंड इयर में पढ़ रहा था। वह अजमेर में जनाना अस्पताल रोड स्थित अरावली होम्स 2 फ्लैट नंबर 106 में रहता था। छात्र सोमवार रात 11 बजे बाथरूम में रॉड लगाकर बाल्टी में पानी गर्म कर रहा था। उससे छात्र को करंट लग गया। उसकी चीख सुनकर उसके अन्य साथी वहां पहुंचे। छात्र को अचेत हालात में वे जनाना अस्पताल ले गए। जहां स्टाफ ने महिला अस्पताल होने का हवाला देकर दूसरे हॉस्पिटल ले जाने को कहा। साथी छात्र युवक को एक अन्य निजी अस्पताल ले गए, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद छात्रों ने यूनिवर्सिटी के हॉस्टल वार्डन विनोद कंजानी को जानकारी दी। पुलिस मामले में आगे जांच कर रही है।
नई दिल्ली, 10 फ़रवरी (हि.स.)। घरेलू सर्राफा बाजार में आज सोने के भाव में गिरावट का रुख नजर आ रहा है। सोना आज 840 रुपये प्रति 10 ग्राम से लेकर 920 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो गया। दूसरी ओर, चांदी ने आज 16,200 रुपये प्रति किलोग्राम की छलांग लगाई है। कीमत में आई गिरावट के कारण देश के ज्यादातर सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट सोना आज 1,57,920 रुपये से लेकर 1,58,070 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह 22 कैरेट सोना आज 1,44,760 रुपये से लेकर 1,44,910 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बिक रहा है। जबकि चांदी की कीमत में उछाल आने के कारण ये चमकीली धातु दिल्ली सर्राफा बाजार में आज 3,01,100 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बिक रही है।
दिल्ली में आज 24 कैरेट सोना 1,58,070 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 1,44,910 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,57,920 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,44,760 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने की रिटेल कीमत 1,57,970 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत 1,44,810 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। चेन्नई में 24 कैरेट सोना आज 1,57,920 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर और 22 कैरेट सोना 1,44,760 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर बिक रहा है। कोलकाता में 24 कैरेट सोना 1,57,920 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,44,760 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। भोपाल में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,57,970 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,44,810 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।
लखनऊ के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना आज 1,58,070 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर और 22 कैरेट सोना 1,44,910 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। पटना में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,57,970 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,44,810 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। जयपुर में 24 कैरेट सोना 1,58,070 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,44,910 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।
देश के अन्य राज्यों की तरह कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के सर्राफा बाजार में भी आज सोने के भाव में कमजोरी दर्ज की गई है। इन तीनों राज्यों की राजधानियों बेंगलुरु, हैदराबाद और भुवनेश्वर में 24 कैरेट सोना 1,57,920 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह इन तीनों शहरों के सर्राफा बाजारों में 22 कैरेट सोना 1,44,760 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।
नई दिल्ली, 10 फ़रवरी (हि.स.)। साल 2025 के दौरान लगातार बिकवाल (सेलर) की भूमिका में बने रहे विदेशी निवेशकों की भारतीय शेयर बाजार में एक बार फिर दिलचस्पी बढ़ती हुई नजर आने लगी है। फरवरी के महीने में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने अभी तक दो अरब डॉलर से अधिक की खरीदारी की है। शेयर बाजार की चाल में आई तेजी की एक बड़ी वजह विदेशी निवेशकों की वापसी को भी माना जा रहा है।
1 फरवरी 2026 से लेकर आज तक के कुल आठ कारोबारी दिनों में सिर्फ दो दिन ऐसे रहे हैं, जब विदेशी संस्थागत निवेशकों ने घरेलू शेयर बाजार में बिकवाली की है। दूसरी ओर, शेष छह दिन विदेशी निवेशकों ने जम कर खरीदारी की। विदेशी निवेशकों की ये खरीदारी ऐसे समय पर हो रही है, जब भारतीय बाजार बिकवाली के भारी दबाव से गुजर चुके हैं। पिछले दिनों हुई जोरदार बिकवाली के कारण घरेलू शेयर बाजार का वैल्यूएशन दूसरे एशियाई बाजार की तुलना में अधिक आकर्षक हो गया है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि सेंसेक्स अपने एक साल फॉरवर्ड के प्राइस-टू-अर्निंग (पीई) मल्टीपल के 20.50 गुना के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह निफ्टी 20.10 गुना के स्तर पर बना हुआ है। ये स्तर सेंसेक्स और निफ्टी दोनों के 10 साल के औसत के बराबर है। वहीं ब्रॉडर मार्केट में बीएसई का मिडकैप इंडेक्स अपने एक साल के फॉरवर्ड प्राइस-टू-अर्निंग के करीब 28 गुना के स्तर पर है। हालांकि इसका लॉन्ग टर्म एवरेज 27.3 गुना के आसपास माना जाता है।
धामी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट प्रशांत धामी के अनुसार जापान को छोड़ कर एशिया के दूसरे बाजार की तुलना में भारत का फॉरवर्ड पीई प्रीमियम अपने लॉन्ग टर्म एवरेज पर लौट आया है। दरअसल, पिछले एक दशक के दौरान मार्केट में कोरियाई और चीनी के स्टॉक्स के कमजोर प्रदर्शन की वजह से भारत का प्रीमियम वैल्यूएशन लगातार बढ़ा था। हालांकि, 2025 के दौरान भारतीय बाजार में लगातार हुए उतार-चढ़ाव और एशिया के अन्य शेयर बाजार में आई मजबूती की वजह से भारत का प्रीमियम वैल्यूएशन घट कर 40.10 प्रतिशत रह गया है, जो इसके 15 साल के एवरेज वैल्यूएशन 39.20 प्रतिशत के काफी करीब है। प्रशांत धामी का कहना है कि प्राइस-टू-बुक वैल्यू (पी/बीवी) के आधार पर भी इसी तरह का रुझान दिखता है। फिलहाल भारतीय स्टॉक मार्केट का 12 महीने का फॉरवर्ड प्राइस-टू-बुक वैल्यू अपने ऐतिहासिक एवरेज से ऊपर जरूर बना हुआ है, लेकिन एशिया के दूसरे बाजार के मुकाबले इसके स्तर में अधिक अंतर नहीं है।
इसी तरह जेरोधा कैपिटल्स एंड इन्वेस्टमेंट्स के सीईओ विक्रम मूलचंदानी का कहना है कि अक्टूबर 2024 से लगातार बिकवाली का दबाव बनाने के बाद विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार को लेकर अपने कारोबारी रुख में बदलाव किया है। सिर्फ साल 2025 के दौरान ही विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में 18.88 अरब डॉलर की बिकवाली की थी। मूलचंदानी का कहना है कि विदेशी निवेशकों की घरेलू शेयर बाजार में फरवरी के महीने में हुई वापसी कितनी टिकाऊ होगी, इसको लेकर अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील के पूरी तरह से लागू हो जाने के बाद ही विदेशी निवेशकों की भविष्य की रणनीति का अनुमान लगाया जा सकेगा।
खासकर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मनमाने अंदाज में भारत पर टैरिफ लादे जाने की वजह से विदेशी निवेशकों की नजर में भारतीय बाजार की स्थिति लगातार गिरती चली गई थी। इसके साथ ही हाई वैल्यूएशन, वीक अर्निंग्स और डॉलर की मजबूती ने विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय बाजार में नकारात्मक माहौल बना दिया था। हालांकि भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील ने अमेरिका के साथ होने वाले परस्पर व्यापार की अनिश्चितता को कम करने का काम किया है। इसके साथ ही इस ट्रेड डील ने अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स को स्थिरता देने के साथ ही जोखिम लेने की क्षमता में भी सुधार करने का काम किया है।
सलमान खान की कल्ट क्लासिक फिल्म ‘तेरे नाम’ 27 फरवरी 2026 को एक बार फिर सिनेमाघरों में रिलीज़ होने जा रही है। इसी बीच अभिनेता का एक पुराना इंटरव्यू सोशल मीडिया पर दोबारा वायरल हो रहा है, जिसने फैंस के बीच नई चर्चा छेड़ दी है। यह वीडियो न केवल फिल्म की यादें ताज़ा कर रहा है, बल्कि सलमान खान के सादगी भरे व्यक्तित्व को भी सामने ला रहा है।
वायरल क्लिप में सलमान खान फिल्म की सफलता का श्रेय खुद लेने के बजाय निर्देशक, लेखकों और कहानी को देते नजर आते हैं। वह साफ तौर पर कहते हैं कि राधे मोहन जैसा यादगार किरदार उनके अभिनय की वजह से नहीं, बल्कि मजबूत पटकथा और निर्देशन की बदौलत अमर हुआ। इंटरव्यू में सलमान का कहना है, “मैंने फिल्म में कुछ भी नहीं किया है,” और वह इस बात पर जोर देते हैं कि किरदार की ताकत उसकी लिखावट और परिस्थितियों में छिपी होती है।
सलमान के मुताबिक, राधे मोहन का भावनात्मक सफर, उसकी खामोशियां और उसके फैसले पहले से ही कहानी का हिस्सा थे। उन्होंने माना कि किरदार की गहराई इस बात से आई कि उसे किन हालातों में रखा गया। यह बयान इसलिए भी खास है क्योंकि ‘तेरे नाम’ ने अपने समय में जबरदस्त सांस्कृतिक प्रभाव छोड़ा था। सलमान का हेयरस्टाइल युवाओं के बीच ट्रेंड बन गया था।
करीब दो दशक बाद फिल्म की री-रिलीज़ के साथ सलमान खान के ये शब्द इसकी विरासत को और मजबूत बनाते हैं। यह एक ऐसे स्टार की झलक पेश करते हैं जो स्टारडम से ज्यादा कहानी और टीमवर्क को महत्व देता है। ‘तेरे नाम’ की वापसी सिर्फ नॉस्टैल्जिया नहीं, बल्कि एक बार फिर उस भावनात्मक कहानी को बड़े पर्दे पर जीने का मौका है, जो आज भी दर्शकों के दिलों में जिंदा है।
चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण करने के बाद अभिनेता राजपाल यादव को अब बॉलीवुड से समर्थन मिलने लगा है। अभिनेता सोनू सूद खुलकर उनके पक्ष में सामने आए हैं। उन्होंने राजपाल को ‘बेहद प्रतिभाशाली और गिफ्टेड एक्टर’ बताते हुए न सिर्फ उनका हौसला बढ़ाया, बल्कि उन्हें अपनी आने वाली फिल्म में कास्ट करने का भी ऐलान किया है। सोनू ने यह भी कहा कि वह भविष्य के काम के बदले अभी उन्हें साइनिंग अमाउंट देंगे, ताकि इस कठिन समय में उन्हें सहारा मिल सके।आत्मसमर्पण से ठीक पहले राजपाल यादव की मानसिक स्थिति बेहद डगमगाई हुई थी। उन्होंने जेल अधिकारियों से कहा, “क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं। और कोई उपाय नहीं दिखता… सर, यहां हम सब अकेले हैं। कोई दोस्त नहीं है। मुझे इस संकट से खुद ही निपटना है।”
सोनू सूद का भावुक संदेश
सोनू सूद ने सोशल मीडिया पर लिखा, “राजपाल यादव एक टैलेंटेड एक्टर हैं, जिन्होंने सालों तक इंडस्ट्री को यादगार काम दिया है। कभी-कभी जिंदगी हमारे साथ अन्याय कर देती है। यह प्रतिभा की कमी नहीं, बल्कि वक्त की मार होती है। वह मेरी फिल्म का हिस्सा होंगे।” उन्होंने आगे इंडस्ट्री से अपील करते हुए कहा कि यह समय निर्माताओं, निर्देशकों और सहकर्मियों के एकजुट होकर साथ खड़े होने का है। सोनू ने साफ किया कि साइनिंग फीस किसी तरह की मदद नहीं, बल्कि राजपाल के सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने आगे लिखा, “जब अपना कोई मुश्किल दौर से गुजर रहा हो, तो उसे याद दिलाना जरूरी है कि वह अकेला नहीं है।”
क्या है पूरा मामला?
यह मामला साल 2010 से जुड़ा है, जब राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म के फ्लॉप होने के बाद वह रकम नहीं चुका पाए और जारी किया गया चेक बाउंस हो गया। मामला अदालत में पहुंचा, जहां कई बार राहत मिलने के बावजूद बकाया न चुकाने पर अदालत ने उन्हें तिहाड़ जेल में सरेंडर करने का आदेश दिया। सरेंडर से पहले राजपाल भावुक हो गए थे और उन्होंने अपनी आर्थिक तंगी का जिक्र किया था। अब सोनू सूद के समर्थन के बाद इंडस्ट्री की नजरें इस पर टिकी हैं कि आगे और कौन उनके साथ खड़ा होता है।
राजपाल यादव का भावुक बयान आया सामने
प्रसिद्ध कॉमेडी अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों चेक बाउंस मामले को लेकर कानूनी संकट का सामना कर रहे हैं। 5 फरवरी को दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद अभिनेता ने खुद को तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण कर दिया था। अब सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने जेल जाने से पहले जो भावुक बयान दिया, वह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
जेल अधिकारियों के सामने फूट-फूटकर रोए राजपाल यादव
रिपोर्ट के मुताबिक, आत्मसमर्पण से ठीक पहले राजपाल यादव की मानसिक स्थिति बेहद डगमगाई हुई थी। उन्होंने जेल अधिकारियों से कहा, “क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं। और कोई उपाय नहीं दिखता… सर, यहां हम सब अकेले हैं। कोई दोस्त नहीं है। मुझे इस संकट से खुद ही निपटना है।” अभिनेता की आंखों में आँसू और हिचकियाँ स्पष्ट दिखीं, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह अपनी स्थिति से गहरे परेशान हैं। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोग बॉलीवुड सितारों को भी इस मुश्किल समय में मदद न करने पर निशाने पर ले रहे हैं।
चेक बाउंस मामला क्या है?
यह शेर 2010 के समय का है जब राजपाल यादव ने अपनी पहली निर्देशित फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही और आर्थिक तंगी ने अभिनेता को दबोच लिया। कर्ज न चुका पाने के कारण उन्होंने बकाया राशि के भुगतान के लिए चेक दिए थे, जो बाद में बाउंस हो गए।
2024 में अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी, जब अभिनेता ने पूरा बकाया चुकाने का आश्वासन दिया था। लेकिन वह आश्वासन पूरा नहीं कर सके और परिणामस्वरूप उन्हें आत्मसमर्पण करना पड़ा। अब राजपाल अपनी मुश्किल आर्थिक स्थितियों और कानूनी दांव-पेचों से जूझ रहे हैं, जिससे फिल्म उद्योग और आम दर्शक दोनों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
– यूएई में हिरासत में लिए गए सेलिना जेटली के भाई से जुड़े मामले में अगली सुनवाई 12 फरवरी को
नई दिल्ली, 10 फ़रवरी (हि.स.)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार से पूछा है कि क्या वो अभिनेत्री सेलिना जेटली को संयुक्त अरब अमीरात में कैद में रखे गए उनके भाई सेवानिवृत्त मेजर विक्रांत कुमार जेटली से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कोर्ट से बात करा सकती है। जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव की बेंच ने कहा कि कानूनी सहायता के लिए विक्रांत जेटली से बात करना जरुरी है। मामले की अगली सुनवाई 12 फरवरी को होगी।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि जीवन और स्वतंत्रता सबसे ज्यादा जरुरी है। भारतीय नागरिक को दुबई में हर संभव सहायता दी जानी चाहिए। केंद्र सरकार हर संभव सहायता करे। कोर्ट ने पूछा कि क्या कोर्ट से विक्रांत कुमार जेटली की बात हो सकती है। कोर्ट ने इसके लिए केंद्र सरकार के वकील से निर्देश लेकर कोर्ट को सूचित करने को कहा। बतादें कि तीन फरवरी को उच्च न्यायालय ने केंद्र को निर्देश दिया था कि वो मेजर विक्रांत कुमार जेटली का प्रतिनिधित्व करने के लिए दुबई के लॉ फर्म को अधिकृत करे। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस बात पर गौर किया था कि दुबई के एक लॉ फर्म ने मेजर विक्रांत जेटली को मुफ्त में अपनी सेवाएं देने का ऑफर किया है। दुबई के इस लॉ फर्म के ऑफर का मेजर विक्रांत जेटली ने भी विरोध नहीं किया है।
दरअसल, सेलिना जेटली ने याचिका दायर कर कहा है कि उनके सेना से रिटायर्ड भाई मेजर विक्रांत कुमार जेटली का संयुक्त अरब अमीरात में अपहरण कर लिया गया और वो करीब एक साल से कैद में हैं। याचिका में मांग की गई है कि मेजर विक्रांत कुमार जेटली को विदेश मंत्रालय की ओर से कानूनी सहायता, चिकित्सा सुविधा और राजनयिक सहायता उपलब्ध करायी जाए।
याचिका में कहा गया है कि मेजर विक्रांत ने भारतीय सेना और लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन को अपनी सेवाएं दी हैं। वे संयुक्त अरब अमीरात में एक कंसल्टेंसी फर्म को अपनी सेवाएं दे रहे थे। वहां उनका एक मॉल से तब अपहरण कर लिया गया जब उनकी पत्नी उनके साथ थीं। उनके अपहरण की सूचना मिलने के बाद सेलिना जेटली ने केंद्र सरकार के मदद पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करायी। शिकायत दर्ज कराने के बावजूद उन्हें अपने भाई के बारे में कोई अपडेट नहीं मिली। सेलिना जेटली ने संयुक्त अरब अमीरात स्थित भारतीय दूतावास से भी संपर्क किया था, लेकिन कोई लाभ नहीं मिला। उसके बाद उन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।
बरेली, 10 फरवरी (हि.स.) । होली पर्व पर यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने लालकुआं-राजकोट के बीच साप्ताहिक होली विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है।
पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर मंडल के अनुसार 05045-05046 लालकुआं-राजकोट-लालकुआं साप्ताहिक होली स्पेशल का संचालन मार्च माह में पांच फेरों के लिए किया जाएगा।
05045 लालकुआं-राजकोट होली विशेष ट्रेन 1 मार्च से 29 मार्च 2026 तक प्रत्येक रविवार को लालकुआं से दोपहर 12:35 बजे प्रस्थान करेगी। ट्रेन किच्छा, बहेड़ी, भोजीपुरा, इज्जतनगर, बरेली सिटी और बरेली जंक्शन होते हुए बदायूं, कासगंज, हाथरस सिटी, मथुरा, भरतपुर, जयपुर, जोधपुर, मेहसाणा, सुरेन्द्रनगर व वांकानेर मार्ग से गुजरते हुए अगले दिन शाम 6:10 बजे राजकोट पहुंचेगी।
वापसी में 05046 राजकोट-लालकुआं होली विशेष 2 मार्च से 30 मार्च 2026 तक प्रत्येक सोमवार को राजकोट से रात 10:30 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन वांकानेर, सुरेन्द्रनगर, मेहसाणा, जोधपुर, जयपुर, भरतपुर, मथुरा, कासगंज, बदायूं, बरेली जंक्शन, इज्जतनगर, भोजीपुरा, बहेड़ी व किच्छा स्टेशनों पर ठहराव लेते हुए तीसरे दिन सुबह 5:15 बजे लालकुआं पहुंचेगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार होली के दौरान उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान और गुजरात के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को इस स्पेशल ट्रेन से बड़ी राहत मिलेगी। लंबी दूरी की ट्रेनों में बढ़ती वेटिंग को देखते हुए यह संचालन किया जा रहा है।
इस विशेष गाड़ी में कुल 20 कोच लगाए जाएंगे। इनमें एसएलआरडी के 2, शयनयान श्रेणी के 11, वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के 2, वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी का 1 तथा सामान्य द्वितीय श्रेणी के 4 कोच शामिल रहेंगे।
इज्जतनगर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक संजीव शर्मा ने बताया कि यात्रियों की सुविधा और त्योहार के दौरान सुगम यात्रा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए यह विशेष ट्रेन चलाई जा रही है। यात्रियों से अग्रिम आरक्षण कराने की अपील की गई है।
जयपुर, 10 फ़रवरी (हि.स.)। राज्य मानवाधिकार आयोग ने कहा है कि धार्मिक स्थलों पर लाखों की संख्या में आने वालों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इनकी अनदेखी से ही पूर्व में विभिन्न मंदिरों और दरगाहों में अव्यवस्थाओं के चलते, भगदड़ जैसी दुखद घटनाओं में दर्शनार्थियों ने अपनी जान खोयी है और कई घायल भी हुए हैं। ऐसे में देवस्थान विभाग और मुख्य धार्मिक स्थलों से संचालक मंडलों से आयोग अपेक्षा करता है कि वे धार्मिक स्थलों में उचित संसाधन सुनिश्चित करें। आयोग अध्यक्ष जस्टिस जीआर मूलचंदानी ने यह आदेश प्रकरण में स्वप्रेरित प्रसंज्ञान लेते हुए दिए। आयोग ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर पीने के पानी, छाया, बैठने के लिए स्थान, वृद्ध, बीमार और महिलाओं के लिए अलग पंक्ति के साथ ही सुलभ दर्शन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही आयोग ने देवस्थान आयुक्त को कहा है कि वे धार्मिक स्थलों में इन सुविधाओं को लेकर आयोग में रिपोर्ट पेश करें। आयोग ने मामले में प्रदेश में प्रमुख मंदिरों के प्रबंधकों के साथ ही सभी संभागीय आयुक्त, जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी किए हैं।
आयोग ने रामदेवरा, श्रीनाथजी, सांवरिया सेठ, खाटू श्याम जी, मेहंदीपुर बालाजी, गोविन्द देवजी, सालासर बालाजी, बेणेश्वर धाम, चौथ माता, मोती डूंगरी, एकेश्वर, गलता, गोवर्धन जी, जोधपुर का रामदेवरा, पाल के बालाजी, संतोषी माता, रातानाडा गणेश मंदिर और अजमेर दरगाह के साथ ही किलों में स्थित माताजी के मंदिर साल में कई बार मेले भरते हैं। जिसके लाखों की संख्या में भक्त आते हैं। असंख्य जनसमूह के एकत्र होने पर भगदड जैसी घटनाएं भी हुई हैं। ऐसे में जरूरी है कि इन धार्मिक स्थलों में जरूरी व्यवस्था करने की जिम्मेदारी वहां के संचालन मंडल की है। ऐसे में यहां पर्याप्त व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही आयोग ने मामले की सुनवाई 12 मार्च को तय की है।
जयपुर, 10 फ़रवरी (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट ने जूनियर इंजीनियर भर्ती-2020 से जुडे मामले में कहा है कि विश्वविद्यालय की ओर से परीक्षा परिणाम और अंक तालिका देरी से जारी करने के आधार पर पात्र अभ्यर्थी को चयन से वंचित नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही अदालत ने मामले में एकलपीठ के आदेश को सही मानते हुए कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से पेश अपील को खारिज कर दिया है। एक्टिंग सीजे संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संगीता शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश दिए। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनकर गत 2 फरवरी का अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अदालत ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में व्यावहारिक और न्यायसंगत दृष्टिकोण अपनाना जरूरी है, विशेषकर तब जबकि कोविड-2019 जैसे असाधारण हालात हों।
मामले से जुडे अधिवक्ता एमएफ बेग ने बताया कि कर्मचारी चयन बोर्ड ने सार्वजनिक निर्माण विभाग में जूनियर सिविल इंजीनियर के 276 पदों पर साल 2020 में भर्ती निकाली थी। भर्ती विज्ञापन में शर्त थी कि अभ्यर्थी के पास संबंधित विषय में इंजीनियरिंग या समकक्ष योग्यता होनी चाहिए। वहीं संबंधित पाठ्यक्रम के अंतिम वर्ष में अध्ययनरत उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते परीक्षा से पहले वे योग्यता पूरी कर लें। एकलपीठ में याचिकाकर्ता रहे लोकेश कुमार ने भर्ती परीक्षा में शामिल होकर मेरिट में स्थान प्राप्त किया, लेकिन उसके यह कहते हुए नियुक्ति नहीं दी गई कि उसका परिणाम बाद में घोषित हुआ है। इसे चुनौती देते हुए एकलपीठ के समक्ष कहा गया कि उसने बीटेक का आठवां सेमेस्टर साल 2019 में ही पास कर लिया था, लेकिन प्रथम सेमेस्टर का एक बैक पेपर शेष था। वहीं कोविड के हालातों को देखते हुए आरटीयू ने अगस्त और सितंबर 2021 में निर्णय लिया कि जिनकी परीक्षाएं आयोजित नहीं हो सकीं हैं, उन्हें पास मानते हुए अगले सेमेस्टर में भेजा जाएगा। ऐसे में याचिकाकर्ता को भी बैक पेपर में पास मान लिया गया, लेकिन डिग्री का संपूर्ण परिणाम अक्टूबर, 2021 में आया और अंकतालिका दिसंबर, 2021 में जारी की गई। इसके आधार पर अपीलार्थी बोर्ड ने कट ऑफ तारीख 12 सितंबर, 2021 के लिए पात्र नहीं माना। एकलपीठ ने मामले में सुनवाई करते हुए उसे मेरिट के आधार पर नियुक्ति देने को कहा। इस आदेश के खिलाफ चयन बोर्ड में खंडपीठ में अपील की। जिसे अब अदालत ने खारिज कर दिया।
जयपुर, 10 फ़रवरी (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट ने मोटर दुर्घटना के मुआवजे से जुडे मामले में कहा कि दिहाड़ी मजदूर की महीने की आय 26 दिनों के बजाय 30 दिनों की मानी जानी चाहिए। इसके साथ ही अदालत ने अफसरों को 26 दिनों के बजाय 30 दिनों की मजदूरी की गणना करने का निर्देश दिया है, जिससे संबंधित पक्षकारों को सही मुआवजा मिल सके। वहीं अदालत ने आदेश की कॉपी केन्द्र सरकार के श्रम मंत्रालय सचिव, श्रम विभाग व राज्य सरकार को भी भेजने का निर्देश दिया है, ताकि वे दिहाड़ी मजदूरों को महीने में 26 दिन के बजाय 30 दिन की न्यूनतम मजदूरी देने के अपने नोटिफिकेशन को बदलने के लिए कदम उठाए। जस्टिस अनूप कुमार यह आदेश लक्ष्मण कुमावत की अपील को मंजूर करते हुए दिया। अदालत ने कहा कि प्रार्थी मुआवजे के तौर पर 33040 रुपए की अतिरिक्त राशि और प्राप्त करने का हकदार है। ऐसे में मामले से जुडे संबंधित पक्षकारों को निर्देश दिया जाता है कि वे मजदूरी की पुन: गणना कर बढ़ी हुई राशि दो महीने में प्रार्थी को याचिका दायर करने की तारीख से 6 प्रतिशत ब्याज सहित अदा करें।
अपील में अधिवक्ता राहुल सिंह ने कहा कि अपीलार्थी 27 अगस्त, 2020 को मोटरसाइकिल से जा रहा था। इतने में दूसरी तरफ से वाहन ने आकर उसे टक्कर मार दी। जिससे उसके गंभीर चोटें आई। इस पर अपीलार्थी की ओर से स्थानीय एमएसीटी कोर्ट में मुआवजे के लिए परिवाद पेश किया गया। जिस पर फैसला देते हुए अधिकरण ने मुआवजे की गणना के लिए न्यूनतम मजदूरी की गणना 26 दिनों से की। जबकि दैनिक मजदूर को माह में 30 दिन काम करने वाला माना जाता है। इसलिए मुआवजे की गणना तीस दिन मजदूरी के आधार पर किया जाए। जिसका विरोध करते हुए बीमा कंपनी की ओर से कहा गया कि श्रम मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार मजदूर माह में 26 दिन ही काम करते हैं। ऐसे में अधिकरण ने अपने आदेश में कोई गलती नहीं की है। इसलिए अपील को खारिज किया जाए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने मजदूरी की गणना तीस दिन के आधार पर करने को कहा है।