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सीएम ने सपत्नीक महाशिवरात्रि पर्व पर महाकाल का पूजन-अर्चन किया

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भोपाल, 15 फरवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार शाम को सपत्नीक महाशिवरात्रि पर्व के पावन अवसर पर श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर भगवान श्री महाकाल के दर्शन किए। उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर में दर्शन पूजन में सहभागिता की और श्री महाकाल बाबा का आशीर्वाद लिया। इस दौरान मंदिर समिति द्वारा उनका स्वागत किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाशिवरात्रि केवल पर्व नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और शिव तत्व से जुड़ने का अवसर है, जो समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। पूजन के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धालुओं से संवाद किया और मंदिर परिसर में की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली। साथ ही महाशिवरात्रि पर्व की शुभकामनाएं दी।

टी20 वर्ल्ड कप में भारत की पाकिस्तान पर रिकॉर्ड जीत

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61 रन से हराकर सुपर-8 में एंट्री

कोलंबो, 15 फरवरी (हि.स.)। भारतीय क्रिकेट टीम ने आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 में चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान क्रिकेट टीम को 61 रन से हराकर बड़ी जीत दर्ज की। रनों के अंतर से यह टी20 विश्व कप इतिहास में पाकिस्तान पर भारत की सबसे बड़ी रही। इस जीत के साथ भारत ने सुपर-8 दौर के लिए भी क्वालिफाई कर लिया और लगातार तीन जीत के साथ ग्रुप ए में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया।

आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 175 रन बनाए। टीम की ओर से ईशान किशन ने 40 गेंदों पर 77 रन की आक्रामक पारी खेली, जिसमें 10 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। सूर्यकुमार यादव ने भी 32 रन का योगदान दिया। पाकिस्तान की ओर से सईम अयूब ने 3 विकेट लिए।

176 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की शुरुआत खराब रही। पहले ही ओवर में हार्दिक पांड्या ने साहिबजादा फरहान को रिंकू सिंह के हाथों कैच कराया। इसके बाद जसप्रीत बुमराह ने शुरुआती झटके देते हुए सईम अयूब और सलमान अली आगा को आउट किया।

पाकिस्तान की पूरी टीम 18 ओवर में 114 रन पर सिमट गई। उस्मान खान ने सर्वाधिक 44 रन बनाए, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से पर्याप्त साथ नहीं मिला। भारत की ओर से बुमराह, हार्दिक, अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती ने दो-दो विकेट लिए, जबकि कुलदीप यादव और तिलक वर्मा को एक-एक सफलता मिली।

इस जीत से भारत ने न सिर्फ टूर्नामेंट में अपनी दावेदारी मजबूत की है, बल्कि नेट रन रेट में भी बड़ा फायदा हासिल किया है। टीम का आत्मविश्वास ऊंचा है और अब उसकी नजरें सुपर-8 चरण में मजबूत प्रदर्शन पर होंगी।

केदारनाथ धाम के 325वें रावल के नाम पर बनी सहमति

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बीकेटीसी जल्द करेगी घाेषणा

देहरादून, 15 फ़रवरी (हि.स.)। पंचकेदार में प्रमुख भगवान आशुतोष के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक केदारनाथ धाम के 325वें रावल पद के लिए नए नाम पर ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में आज हुई बैठक में सहमत बन गई है। नाम की विधिवत घोषणा अब श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति करेगी।

दरअसल, केदारधाम के वर्तमान रावल भीमाशंकर लिंग ने अपने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद के लिए 42 वर्षीय शिवाचार्य शांति लिंग (केदार लिंग) को अपना उत्तराधिकारी चुना है। महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित अपने मठ में केदारनाथ के वर्तमान रावल 70 वर्षीय भीमाशंकर लिंग ने कहा कि वे स्वास्थ्य कारणों से अब केदारनाथ के रावल का पद संभालने में असमर्थ हैं, इसलिए वे अपने शिष्य शिवाचार्य शांति लिंग (केदार लिंग) को अपना उत्तराधिकारी घोषित करते हैं।

महाशिवरात्रि के दिन ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में हुई बैठक में रावल भीमाशंकर के लिखित घोषणा पर चर्चा हुई और नए रावल के नाम पर सहमति बन गई है। इस बैठक के दाैरान डंगवाड़ी, भटवाड़ी, चुनी-मंगोली, किमाणा व पचौली डुंगर सेमला के हक-हकूकधारी और दस्तूरधारी ग्रामीण भी मौजूद रहे। इस संबंध में बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि जल्द नये रावल के नाम की घोषणा कर दी जाएगी।

यह है परंपरा

केदारनाथ के रावल अविवाहित होते हैं। कर्नाटक के वीर शैव संप्रदाय से संबंध रखते हैं और शिव उपासक होते हैं। रावल परंपरानुसार केदारनाथ की पूजा के मुख्य कर्ताधर्ता होते हैं। रावल केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने और कपाट बंद होने पर धाम में मौजूद रहते हैं।

पश्चिम बंगाल में कटवा स्टेशन पर खड़ी ट्रेन में लगी आग

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बाहर से साजिश की आशंका

पूर्व बर्दवान, 15 फ़रवरी (हि. स.)। पश्चिम बंगाल में पूर्व बर्दवान जिले के कटवा रेलवे स्टेशन पर रविवार तड़के खड़ी अजिमगंज पैसेंजर ट्रेन के एक कोच में लगी भीषण आग लग गई। घटना रविवार सुबह करीब 4:30 बजे की है। प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर खड़ी 53435 अप अजिमगंज पैसेंजर ट्रेन सुबह 6 बजे रवाना होने वाली थी। अचानक एक कोच से धुआं निकलता दिखा और देखते-ही-देखते आग की लपटें पूरे कोच को चपेट में ले लिया। कोच पूरी तरह जलकर राख हो गया। राहत की बात यह रही कि उस समय कोच में कोई यात्री मौजूद नहीं था।

रेलवे अधिकारियों की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ट्रेन पूरी तरह स्थिर थी और गतिहीन अवस्था में खड़ी थी। ऐसे में चलती ट्रेन में होने वाला शॉर्ट सर्किट यहां संभव नहीं लग रहा। जांच अधिकारियों को संकेत मिले हैं कि आग कोच के अंदर से नहीं, बल्कि बाहर से लगाई गई हो सकती है।

पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवराम माझी ने कहा कि ट्रेन प्लेटफॉर्म पर खड़ी थी। आग लगने का कारण जानना बहुत जरूरी है। प्रारंभिक जांच से लगता है कि आग बाहर से लगाई गई हो सकती है। हालांकि अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच के बाद ही आएगा।

सूत्रों के अनुसार, सोमवार काे फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंचकर जले हुए कोच, आग के फैलाव के पैटर्न और आसपास के सबूतों की वैज्ञानिक जांच करेगी। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह दुर्घटना थी या सुनियोजित साजिश।

वहीं, दूसरी ओर जांच में नया मोड़ सामने आ गया है। दमकल विभाग ने शुरुआत में शॉर्ट सर्किट को संभावित कारण बताया था, लेकिन रेलवे की प्रारंभिक जांच ने इस दावे को कमजोर कर दिया है और अब आग बाहर से लगाए जाने की आशंका जोर पकड़ रही है।

इस घटना ने कटवा स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि आग सचमुच बाहर से लगाई गई थी, तो इसे गंभीर सुरक्षा चूक माना जाएगा।

फिलहाल जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही हैं और अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है।

बलोचिस्तान लिबरेशन आर्मी की कैद में पाकिस्तान के सैनिकों की गुहार

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मांगें पूरी कर हमें छुड़वाओ

क्वेटा (बलोचिस्तान), 15 फरवरी (हि.स.)। पाकिस्तान के बलोचिस्तान प्रांत में पाकिस्तान के सुरक्षा बलों के कई जवान आजादी के लिए संघर्षरत बलोचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) की कैद से छूटने के लिए छटपटा रहे हैं। बीएलए ने अपने आधिकारिक मीडिया चैनल हुकल पर इन जवानों का वीडियो प्रसारित किया है। वीडियो में वर्दीधारी पाकिस्तानी सेना के जवानों को किसी अज्ञात स्थान पर बलोच लिबरेशन आर्मी के सशस्त्र सदस्यों के बीच दिखाया गया है।

द बलोचिस्तान पोस्ट ने अपनी वेबसाइट पर रिपोर्ट में इस वीडियो से तैयार फोटो को भी अपलोड किया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस वीडियो में एक सैन्य अफसर कह रहा है, ”मेरा नाम शम्स तबरीज है। मैं मोहम्मद कुरैश का बेटा हूं, मैं स्वाबी (खैबर पख्तूनख्वा) का निवासी हूं। मैं अक्टूबर 2012 में पाकिस्तान की सेना में भर्ती हुआ था। मेरा रैंक नायक का है। मैं पाकिस्तान के सेना से बीएलए की मांगों को पूरा करने का अनुरोध करता हूं, ताकि हमें रिहा किया जा सके।”

इस वीडियो में सभी जवान वर्दी में हथियार और अन्य उपकरण के साथ नजर आ रहे हैं। बीएलए ने इनको 21 जनवरी को खुजदार के ओरनाच इलाके में लड़ाई के दौरान दबोचा था। इस लड़ाई में पाकिस्तान सेना के कैप्टन उमर शहीद की मौत हो गई थी और एक कर्नल घायल हो गया था। इनकी बुलेटप्रूफ गाड़ी को आईईडी हमले में निशाना बनाया गया था। उल्लेखनीय है कि बीएलए के प्रवक्ता जियांद बलोच ने एक बयान जारी कर कहा था कि ऑपरेशन हीरो-2 के लड़ाकों ने पाकिस्तान सेना के 10 वरिष्ठ अधिकारियों को हिरासत में लिया था।

जबरन गायब किए गए आठ लोगों के शव मिले

इस बीच बलोचिस्तान के पंजगुर जिले में पिछले एक सप्ताह में आठ लोगों के शव मिले हैं। अब तक जिन शवों की पहचान हुई है, वे सभी जबरन गुमशुदगी के शिकार हैं। ताजा घटनाक्रम में पंजगुर में आज दो और शव मिले हैं। इनमें से एक की पहचान जांगियान के रूप में हुई है। वह अब्दुल राशिद का पुत्र है। जांगियान का गर पंजगुर के प्रोम इलाके में है। दूसरे शव की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।

परिवार के अनुसार, जांग्यान को 26 मई, 2025 को पंजगुर के प्रोम इलाके से पाकिस्तान सेना ने चार अन्य रिश्तेदारों के साथ हिरासत में लिया था। कुछ दिन बाद अन्य लोगों को रिहा कर दिया गया। जांगियान के बड़े भाई मलिक मीरान ने सोशल मीडिया पर एक बयान में कहा कि उसके भाई को पाकिस्तानी सेना और समर्थक सशस्त्र समूह (डेथ स्क्वाड) ने गिरफ्तार किया था। भाई का शव आज मिला है। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में पंजगुर से आठ शव बरामद किए गए हैं। इनके गायब होने की शिकायतें दर्ज हैं।

सेना ने गरीबाबाद और सेंट्रल मार्केट को घेरा

इस बीच खबर है कि पाकिस्तान की सेना ने नुश्की के गरीबाबाद और सेंट्रल मार्केट इलाकों में दुकानों को घेरते हुए आवागमन प्रतिबंधित कर दिया है। इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया गया है। सरकारी अधिकारियों ने इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

गौरतलब है कि नुश्की के मेंगल और कादिरबाद गांवों में पिछले दिनों ऐसा ही अभियान चलाया गया था।

पटुयाखाली-3 से नुरुल हक की जीत के बाद अल्पसंख्यकों पर हमले ,तनाव

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कोलकाता, 15 फरवरी (हि.स.)। बांग्लादेश के पटुयाखाली-3 संसदीय क्षेत्र में नव-निर्वाचित सांसद नुरुल हक नूर के समर्थकों पर अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के साथ मारपीट और धमकी देने के आरोप लगे हैं। यह घटनाएं गालाचिपा और दशमिना उपजिलाओं में सामने आई हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में कई स्थानों पर सनातन धर्मावलंबी परिवारों को निशाना बनाया गया है।

नुरुल हक नूर, जो गणअधिकार परिषद के अध्यक्ष हैं, तेरहवें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव में बीएनपी गठबंधन के प्रत्याशी के रूप में पटुयाखाली-3 सीट से निर्वाचित हुए हैं।

पीड़ित परिवारों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शनिवार रात गालाचिपा उपजिला के चर काजल क्षेत्र में अल्पसंख्यक व्यवसायी नकुल मंडल पर कथित रूप से नूर के समर्थकों ने हमला किया। इसके कुछ समय बाद दशमिना उपजिला के डाकुआर सात नंबर वार्ड में श्यापाल बाला (35) पर भी हमला कर घायल कर दिया गया, जिन्हें बाद में अस्पताल में भर्ती कराया गया।

इसके अतिरिक्त, उलानिया बंदर क्षेत्र में वरिष्ठ पूर्व शिक्षक हीरन लाल शील को उनके घर में घेरकर रखने की भी शिकायत सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ लोग धारदार हथियार और लाठी-डंडे लेकर उनके घर के आसपास डटे हुए थे।

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि लगातार हमलों और धमकियों के कारण क्षेत्र के सनातन धर्मावलंबी परिवारों में भय का माहौल है। महिलाएं और बच्चे विशेष रूप से असुरक्षित महसूस कर रहे हैं तथा कई लोग घर से बाहर निकलने से भी बच रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, पटुयाखाली-4 क्षेत्र के चर विश्वास, चर अगुस्टी, होगलबुनिया, चिकनिकांदी और बकुलबाड़िया सहित कई इलाकों में भी अल्पसंख्यक परिवारों और बीएनपी कार्यकर्ताओं को धमकियां मिलने की बात सामने आई है। कुछ क्षेत्रों में दुकानें बंद हैं और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।

इस संबंध में नुरुल हक नूर का पक्ष जानने के लिए कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।

गालाचिपा उपजिला के कार्यकारी अधिकारी महमूद हसन ने बताया कि शिकायतों की जांच की जा रही है और स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए अतिरिक्त निगरानी बढ़ा दी गई है।

स्थानीय लोगों ने कानून-व्यवस्था बलों से त्वरित और प्रभावी हस्तक्षेप की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

उल्लेखनीय है कि 12 फरवरी को बांग्लादेश में हुए तेरहवें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव में नुरुल हक नूर पটুयाखाली-3 सीट से सांसद निर्वाचित हुए। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी बीएनपी के पूर्व केंद्रीय कार्यकारी समिति सदस्य हसन मामून थे।

भारत सद्भावना का केंद्र : सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत

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गोरखपुर, 15 फ़रवरी (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गोरक्ष प्रांत की ओर से संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त तारामंडल स्थित बाबा गम्भीरनाथ प्रेक्षागृह में सामाजिक सद्भाव बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में विभिन्न जाति, समाज और पंथ के प्रमुख व प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

सामाजिक सद्भाव बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत ने कहा कि आज सामाजिक नेतृत्व यहां उपस्थित है। समाज उसे कहते हैं, जिसका परस्पर जुड़ाव हो। अर्थ-स्वार्थ का अपनापन टिकता नहीं है। अन्य देशों में विचार है कि मनुष्य से मनुष्य का संबंध एक सौदा है, किन्तु अपने देश में मनुष्यों के संबंध का विचार ऐसा नहीं है। यहां संबंध अपनेपन का है। हमारे देश में अनेक विविधताएं और अनेक रीति-रिवाज हैं। यहां विविधता में एकता है क्योंकि यहां एक नाता है। भारत को हम माता मानते हैं। एक ही चैतन्य सबमें है। वह भगवान है। हमारी अलग-अलग विशिष्टताओं के बावजूद यही नाता हमें जोड़े रखता है। हमारी संस्कृति में हम महिला को वात्सल्य की दृष्टि से देखते हैं। सदियों के आचरण से हमारा यह स्वभाव बना है। हमारे यहां अलग रंग-रूप और वेशभूषा अलगाव का कारण नहीं बनते। उन्होंने कहा कि हमारे समाज का लक्ष्य जीवन के सत्य को जानना है। जीवन का सत्य भगवान है। यही हमारा समान लक्ष्य और समान संस्कृति है। समाज सद्भाव से चलता है। समाज में यदि सद्भावना नहीं है तो कानून और पुलिस के बावजूद समाज नहीं चलता।

सरसंघचालक ने कहा कि संघ के 100 वर्ष पूरे हुए हैं। यह कोई उत्सव की बात नहीं है। जिसे करने में 100 वर्ष लग गए, वह और पहले हो जाना चाहिए था। हमें करना यह है कि ब्लॉक स्तर पर वर्ष में 2-3 बार बैठें। हम अपनी जाति की चिंता कर रहे हैं, यह अच्छी बात है लेकिन ध्यान रखें कि हम एक बड़े समाज के लोग हैं। हिन्दू समाज में पूर्ण स्वतंत्रता है। हम हिन्दू समाज के अंग हैं। इस दृष्टि से क्या कर रहे हैं और क्या कर सकते हैं, इस पर विचार करें। साथ ही अपनी जाति-समाज की बैठक में भी विचार करें कि ब्लॉक स्तर पर हम हिन्दू समाज के लिए क्या कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत स्वार्थ नहीं देखता। दुनिया के अन्य देशों पर संकट आने पर भारत उनकी सहायता के लिए आगे आता है। भारत सद्भावना का केन्द्र है।

सरसंघचालक डाॅ भागवत के उद्बोधन के पश्चात विभिन्न जाति, पंथों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे। उनकी जिज्ञासाओं पर सरसंघचालक ने कहा कि आवश्यक है कि अपनी जाति-बिरादरी में चर्चा कर बड़े हिन्दू समाज के लिए कार्य करें। ब्लॉक स्तर पर बैठकों के बाद धीरे-धीरे बात आगे बढ़ेगी। समाज स्तर पर कार्य स्वयं करना होगा। संघ के भरोसे नहीं रहना चाहिए। समाज के हर अंग में शक्ति होनी चाहिए। समाज को चलाने के लिए खंड स्तर पर समाज के मुखिया लोगों को कार्य करना होगा। मिलकर विचार करेंगे, मिलकर दायित्व लेंगे और कुछ गड़बड़ होगा तो मिलकर सुधार करेंगे। देश ठीक रहेगा तो हम भी ठीक रहेंगे। यह समाज का काम है। समाज करेगा, संघ सहायता करेगा। सामाजिक सद्भाव बैठक में विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने अपने समाज में हो रहे सामाजिक कार्यों के प्रेरक उदाहरण साझा किए।

इस अवसर पर सरसंघचालक ने विविध जाति, पंथ और समाजों के प्रतिनिधियों के साथ पंगत में भोजन किया। मंच पर सरसंघचालक के साथ प्रांत संघचालक डॉ महेंद्र अग्रवाल उपस्थित रहे। बैठक की प्रस्तावना सह प्रान्त सद्भाव प्रमुख शिवाजी राय ने रखी तथा सामाजिक सद्भाव प्रमुख डॉ राकेश कुमार सिंह ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन भारत माता की आरती के साथ हुआ।

श्री काशी विश्वनाथ धाम में देश-विदेश के 63 मंदिरों से आया उपहार

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काशीं विश्वनाथ धामःपवित्र जल बाबा को समर्पित

—आया प्रसाद बाबा को चढ़ाने के बाद श्रद्धालुओं में वितरित,“वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना हुई साकार

वाराणसी, 15 फरवरी (हि.स.)। महाशिवरात्रि पर्व पर रविवार को श्री काशी विश्वनाथ के विवाहोत्सव में देश—विदेश के मंदिरों, शक्तिपीठों से आए श्रद्धा उपहार और पवित्र जल को बाबा के भोग आरती में अर्पित कर दिया गया। इसके बाद आए प्रसाद को मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं के बीच वितरित कर दिया गया।

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने महाशिवरात्रि पर्व पर एक अद्वितीय एवं अभिनव आध्यात्मिक पहल का शुभारम्भ किया था। जिसके अंतर्गत भगवान श्री विश्वेश्वर महादेव के श्रीचरणों में देश-विदेश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों, सिद्धपीठों, शक्तिपीठों तथा प्राचीन तीर्थस्थलों से पावन प्रसाद, पूजित वस्त्र, रज, पवित्र जल एवं श्रद्धा-उपहार अर्पित किए जाने की परम्परा प्रारम्भ की गई।

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) डॉ विश्व भूषण मिश्रा ने बताया कि इस अभिनव पहल में अब तक श्री काशी विश्वनाथ धाम में भगवान श्री विश्वेश्वर के लिए देश-विदेश के कुल 63 मंदिरों से पावन भेंट एवं प्रसाद प्राप्त हो चुके हैं। इन प्राप्त प्रसादों में से विधि विधान पूर्वक अंश ग्रहण कर भगवान श्री विश्वेश्वर की मध्याह्न भोग आरती में अर्पित किया गया। तत्पश्चात धाम में आए श्रद्धालुओं के मध्य वितरित किया गया।

उन्होंने बताया कि इस आध्यात्मिक समन्वय का मूल उद्देश्य समस्त सनातन समाज को एक सूत्र में पिरोते हुए “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना को साकार करना तथा वैश्विक आध्यात्मिक एकात्मता को सुदृढ़ बनाना है। यह पहल केवल धार्मिक आदान-प्रदान तक सीमित न रहकर सनातन परम्परा की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं भावनात्मक एकता का सशक्त प्रतीक बनकर उभर रही है। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आरम्भ की गई यह परम्परा राष्ट्र एवं विश्व के विविध तीर्थस्थलों को एक आध्यात्मिक सूत्र में संगठित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी कदम सिद्ध होगी।

गंगेश्वर महादेव का पावन जलाभिषेक रामेश्वरम् तीर्थ के पवित्र जल से

महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर श्री काशी विश्वनाथ धाम स्थित श्री गंगेश्वर महादेव का पावन जलाभिषेक रामेश्वरम् तीर्थ के पवित्र जल से विधि-विधानपूर्वक सम्पन्न किया गया।

अगले सप्ताह होगी दो कंपनियों के आईपीओ की लॉन्चिंग

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तीन कंपनियोें के शेयर होंगे लिस्ट

नई दिल्ली, 15 फ़रवरी (हि.स.)। सोमवार यानी 16 फरवरी से शुरू होने वाले कारोबारी सप्ताह के दौरान प्राइमरी मार्केट की हलचल सामान्य रहने वाली है। इस सप्ताह दो कंपनियां अपने आईपीओ को सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर रही हैं। इनमें एक कंपनी मेनबोर्ड सेगमेंट की है, जबकि दूसरी कंपनी एसएमई सेगमेंट की हैं‌। इसके अलावा पिछले सप्ताह सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च हुए एसएमई सेगमेंट की मरुशिका टेक्नोलॉजी के आईपीओ में कल यानी 16 फरवरी तक बोली लगाने का मौका रहेगा। जहां तक इस सप्ताह शेयर बाजार में होने वाली लिस्टिंग की बात है, तो तीन कंपनियां लिस्टिंग के जरिए स्टॉक मार्केट में अपने कामकाज की शुरुआत करने जा रही हैं।

सप्ताह के पहले कारोबारी दिन 16 फरवरी को फ्रैक्टल इंडस्ट्रीज का 49 करोड़ रुपये का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। इस आईपीओ में 18 फरवरी तक बोली लगाई जा सकती है। आईपीओ में बोली लगाने के लिए 205 रुपये से लेकर 216 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 600 शेयर का है। कंपनी के शेयर 23 फरवरी को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं।

सप्ताह के आखिरी दिन 20 फरवरी को गौडियम आईवीएफ एंड वीमेन हेल्थ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। इस आईपीओ में 24 फरवरी तक बोली लगाई जा सकेगी। इस आईपीओ के लिए प्राइस बैंड और लॉट साइज की घोषणा नहीं की गई है। आईपीओ के तहत 2.09 करोड़ शेयर जारी किए जा रहे हैं, जिसमें 1.14 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि 95 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए बेचे जाएंगे। कंपनी के शेयर 27 फरवरी को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं।

जहां तक शेयर बाजार में लिस्टिंग की बात है, तो सप्ताह के पहले कारोबारी दिन 16 फरवरी को फ्रैक्टल एनालिटिक्स के शेयर बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होकर कारोबार की शुरुआत करेंगे। इसी दिन आए फाइनेंस के शेयर की लिस्टिंग बीएसई और एनएसई पर होगी। इसके अलावा 19 फरवरी को मरुशिका टेक्नोलॉजी के शेयर एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं।

नेपालःतय समय सीमा में घोषणा पत्र सार्वजनिक करने में प्रमुख दल असफल

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काठमांडू, 15 फरवरी (हि.स.)। निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर बड़े राजनीतिक दल भी अपना चुनावी घोषणापत्र जारी नहीं कर पाए हैं।05 मार्च को होने वाले प्रतिनिधि सभा चुनाव में अब केवल 18 दिन शेष हैं। तीन सप्ताह से भी कम समय बाकी रहने के बावजूद अधिकांश दलों ने अब तक घोषणापत्र सार्वजनिक नहीं किया है।

नेपाली कांग्रेस, नेकपा एमाले और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (रास्वपा) जैसे बड़े दलों ने भी रविवार तक अपना घोषणापत्र जारी नहीं किया था। इन दलों ने आने वाले कुछ दिनों में भी घोषणापत्र लाने की स्पष्ट संभावना नहीं दिखाई है। अब तक नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (नेकपा), राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (राप्रपा), जनता समाजवादी पार्टी (जसपा) और राष्ट्रीय जनमोर्चा सहित कुछ दल अपने घोषणापत्र जारी कर चुके हैं।

केवल प्रगतिशील लोकतान्त्रिक पार्टी (प्रलोपा), उज्यालो नेपाल पार्टी (उनेपा) और नेपाल मजदुर किसान पार्टी (नेमकिपा) ने रविवार को अपने घोषणापत्र सार्वजनिक किए।निर्वाचन आयोग नेपाल ने रविवार 15 मार्च तक घोषणापत्र सार्वजनिक कर आयोग में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। आयोग ने निर्वाचन आचार संहिता की धारा 37 के अनुसार चुनाव में भाग लेने वाले दलों को यह निर्देश जारी किया था।

हालांकि, प्रमुख दलों ने आयोग के इस निर्देश का उल्लंघन किया है। आयोग के सह-प्रवक्ता कुलबहादुर जिसी के अनुसार, दलों और उम्मीदवारों ने घोषणापत्र जमा करना शुरू कर दिया है।

अब तक घोषणापत्र जारी न करने वाले दलों में कांग्रेस ने 18 फरवरी को मधेश प्रदेश से घोषणापत्र सार्वजनिक करने की जानकारी दी है। इससे पहले कांग्रेस ने रविवार को काठमांडू में घोषणापत्र जारी करने की योजना बनाई थी, लेकिन तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए पूर्व-तैयारी स्थगित कर दी गई थी।

एमाले ने 19 फरवरी तक घोषणापत्र सार्वजनिक करने की तैयारी की है, यह जानकारी उसके चुनाव प्रचार संयोजक मीनबहादुर शाही ने दी। वहीं, रास्वपा कर्णाली प्रदेश से अपना घोषणापत्र सार्वजनिक करने की तैयारी कर रही है।