नई दिल्ली, 16 फरवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो-2026’ का उद्घाटन किया। इस...
मुरादाबाद, 16 फरवरी (हि.स.)। केंद्रीय बजट में उत्तर प्रदेश को 4.26 लाख करोड़ रुपए मिलेंगे। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, शहरी विकास और ग्रामीण योजनाओं को नई गति मिलेगी। विशेष रूप से एक्सप्रेस वे, मेट्रो परियोजनाएं, औद्योगिक कारीडोर और स्मार्ट सिटी के लिए यह फंड अहम साबित होगा। यह बातें भाजपा पश्चिम क्षेत्र के क्षेत्रीय महामंत्री हरिओम शर्मा ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी मुरादाबाद नगर विधानसभा की ओर से केंद्रीय बजट 2026-27 पर परिचर्चा में कही।
भाजपा महानगर अध्यक्ष गिरीश भंडूला ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार का यह बजट समावेशी विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है जिससे ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में विकास को गति मिलेगी। यह बजट विकास, आत्मनिर्भरता और आमजन के हितों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महानगर अध्यक्ष गिरीश भंडूला एवं संचालन महानगर उपाध्यक्ष राहुल शर्मा ने किया।
बजट चौपाल में पूर्व राज्यसभा सदस्य वीर सिंह, पूर्व महानगर अध्यक्ष धर्मेंद्र नाथ मिश्रा, प्रांतीय परिषद सदस्य निमित जयसवाल, महानगर मीडिया प्रभारी राजीव गुप्ता, दिनेश शीर्षवाल, नवदीप टंडन, विशाल त्यागी, राहुल शर्मा, चंद्र प्रजापति आदि उपस्थित रहे।
जोधपुर, 16 फरवरी (हि.स.)। जोधपुर कमिश्नरेट की पश्चिम जिला डीएसटी टीम और सरदारपुरा थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए हवाला के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। सोमवार दोपहर टीम ने सरदारपुरा सी रोड स्थित एक फ्लैट में छापा मारकर 77.80 लाख रुपए से ज्यादा की नकद राशि जब्त की और अहमदाबाद निवासी एक कारोबारी सहित तीन अन्य युवकों को डिटेन किया है। मामले की सूचना आयकर विभाग को भी दे दी गई है।
डीएसटी इंचार्ज महेंद्र ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि सरदारपुरा थाना क्षेत्र के सी रोड स्थित एक फ्लैट में हवाला के जरिए बड़ी रकम का लेनदेन किया जा रहा है। सूचना के आधार पर टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए फ्लैट पर दबिश दी। जांच में सामने आया कि यह फ्लैट पंचवटी रेजिडेंसी नरोडा पुलिस थाना कृष्णा नगर अहमदाबाद निवासी दिनेश जायसवाल ने किराए पर ले रखा था। पिछले करीब साढ़े तीन महीनों से वह यहां रहकर हवाला के जरिए पैसों का लेनदेन कर रहा था।
पुलिस टीम ने मौके से 77 लाख 80 हजार 100 रुपए नकद बरामद किए, जिन्हें जब्त कर लिया गया। दिनेश के साथ ही पुलिस ने सिंधीपुरा पीपाड़ शहर निवासी अब्दुल रहमान, मोगडा विवेक विहार दीपक और 3/एल16 कुड़ी भगतासनी निवासी शिवम को भी डिटेन किया है। पुलिस इस नेटवर्क की कडिय़ों को खंगाल रही है और यह भी जांच कर रही है कि यह रकम कहां से आई और कहां भेजी जानी थी। जप्त राशि की सूचना आयकर विभाग को भी दे दी गई है, ताकि आर्थिक अपराध के एंगल से भी जांच की जा सके। प्रथम दृष्टया रूपया हवाला कारोबार का बताया गया है।
विदिशा, 16 फ़रवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के विदिशा में विकास पचौरी फाउंडेशन द्वारा चलाए जा रहे मृत्यु उपरांत नेत्रदान देहदान अभियान के तहत सोमवार को दुर्गा नगर निवासी बागेश्वर मिश्रा के पार्थिव शरीर का दान अटल बिहारी मेडिकल कॉलेज में किया गया।
बागेश्वर मिश्रा प्रोविजन स्टोर पर कार्यरत थे। रविवार सोमवार की दरमियानी रात को भोपाल के हमीदिया अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया था। सोमवार को उनकी पार्थिव देह को अटल बिहारी मेडिकल कॉलेज लाया गया। बागेश्वर मिश्रा के पार्थिव शरीर को राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा समर्पित किया गया और पुलिस के जवानों द्वारा गार्डन आफ आनर दिया गया। इस मौके पर कॉलेज के डीन डॉ मनीष निगम, डॉ रश्मि देव पुजारी, डॉ नैना बकोड़े, डॉ मनीषा विजयवर्गीय, डॉक्टर सत्येंद्र रघुवंशी, डॉक्टर श्याम गामड़, डॉक्टर निशा यादव, डॉक्टर रुचिका पचौरी, डॉक्टर राकेश परिहार ने 2 मिनिट मौन रख कर श्रद्धांजलि दी।
जोधपुर, 16 फरवरी (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट में बहुचर्चित काला हिरण शिकार मामले में सोमवार को नया मोड़ आ गया। जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू ने इस मामले की सुनवाई करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने फाइल को किसी अन्य बेंच के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अब इस मामले की अगली सुनवाई दूसरी बेंच करेगी।
दरअसल साल 1998 के इस मामले में फिल्म अभिनेता सलमान खान की सजा के खिलाफ अपील और राज्य सरकार की ओर से सह आरोपियों को बरी करने के खिलाफ दायर लीव टू अपील पर संयुक्त सुनवाई होनी थी। तकनीकी प्रक्रियाओं और बेंच बदलने के कारण अब इस मामले की कानूनी प्रक्रिया में नया समय तय होगा। मामला सितंबर-अक्टूबर 1998 का है, जब फिल्म हम साथ साथ हैं की शूटिंग के दौरान कांकाणी गांव की सरहद पर दो काले हिरणों का शिकार किया गया था। निचली अदालत ने 5 अप्रैल 2018 को सलमान खान को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दोषी मानते हुए 5 साल के कारावास और 25 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया था। वहीं, सह-आरोपी सैफ अली खान, नीलम, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और दुष्यंत सिंह को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया था। राज्य सरकार ने इन कलाकारों को बरी किए जाने के आदेश को राजस्थान हाईकोर्ट में लीव टू अपील के माध्यम से चुनौती दी थी।
ट्रांसफर पिटीशन और कोर्ट की कार्यवाही
सलमान खान के वकीलों ने पूर्व में एक ट्रांसफर पिटीशन दायर की थी, ताकि उनकी सजा के खिलाफ लंबित अपील को राज्य सरकार की अपील के साथ जोडक़र (संलग्न कर) एक साथ सुना जा सके। पूर्व की सुनवाई में जस्टिस मनोज कुमार गर्ग ने निर्देश दिया था कि तकनीकी कारणों से रुकी इस प्रक्रिया को पूरा कर दोनों प्रकरणों को संयुक्त रूप से लिस्ट किया जाए।
एथेंस, 16 फरवरी (हि.स.)। चर्चित जासूसी थ्रिलर ‘तेहरान’ की सह-निर्माता डाना ईडन ग्रीस की राजधानी एथेंस के एक होटल कमरे में मृत पाई गईं।पुलिस के अनुसार, 52 वर्षीय इजराइली नागरिक का शव 15 फरवरी देर रात शहर के केंद्रीय इलाके Syntagma Square के पास स्थित होटल से बरामद हुआ।पुलिस प्रवक्ता ने सोमवार को बताया कि पोस्टमार्टम के आदेश दिए गए हैं और सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई है। शुरुआती संकेत आत्महत्या की ओर इशारा करते हैं, हालांकि अंतिम निष्कर्ष चिकित्सकीय रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।
ईडन 04 फरवरी को सीरीज के चौथे सीजन की शूटिंग के सिलसिले में एथेंस पहुंची थीं। यह सीरीज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर Apple TV+ पर प्रसारित होती है। पहले तीन सीजन की शूटिंग भी एथेंस में ही हुई थी।
उनकी प्रोडक्शन कंपनी ‘डोना एंड शुला प्रोडक्शन’ ने बयान जारी कर शोक व्यक्त किया और कहा कि उनकी मौत को किसी आपराधिक घटना या राष्ट्रीयता से जोड़ना “गलत और निराधार” है। कंपनी ने परिवार और सहयोगियों की निजता का सम्मान करने की अपील भी की।
सीरीज की कहानी इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद के एक अंडरकवर एजेंट पर केंद्रित है। चौथे सीजन की शूटिंग पहले 07 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा इजराइल पर हमलों और उसके बाद गाजा में हुए सैन्य अभियानों के कारण टाल दी गई थी। इजराइल के संस्कृति मंत्री मिकी जोहर ने सोशल मीडिया पर ईडन को इजराइली टेलीविजन जगत की “प्रभावशाली और प्रमुख निर्माता” बताया और उनके योगदान को याद किया।
– इंडो पैसिफिक कमांड के कमांडर ने सीडीएस से मुलाकात में रक्षा साझेदारी बढ़ाने पर की चर्चा
नई दिल्ली, 16 फरवरी (हि.स.)। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर सोमवार को अचानक भारतीय सेना के वेस्टर्न कमांड पहुंचे। भारत दौरे पर आये इंडो पैसिफिक कमांड के कमांडर एडमिरल सैमुअल जॉन पापारो जूनियर आज ही सेना के इंटिग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (आईडीएस) हेडक्वार्टर गए और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान से मुलाकात की। अमेरिकी अधिकारियों के सैन्य प्रतिष्ठान जाने की खबर मिलने के बाद राजनीति तेज हो गई और इनके दौरे पर सवाल उठाये जाने लगे।
एडमिरल सैमुअल जॉन पापारो जूनियर 14-19 फरवरी तक भारत के आधिकारिक दौरे पर हैं। सीडीएस के साथ बातचीत में भारत-अमेरिका की मजबूत और बढ़ती रक्षा साझेदारी को फिर से पक्का किया गया, जो साझा सामरिक हितों और क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के लिए प्रतिबद्धता पर आधारित है। दोनों नेताओं ने आपसी सैन्य सहयोग, इंटरऑपरेबिलिटी और संयुक्त ऑपरेशनल क्षमताओं को बढ़ाने पर बातचीत की। अमेरिका के शीर्ष कमांडर ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ‘भारत के टैक्टिकल काम’ की तारीफ की और दो तरफा रिश्तों पर एडमिरल पापारो ने कहा कि भारत-अमेरिकी रिश्तों का रोकथाम पर बहुत ज्यादा असर पड़ता है, क्योंकि यह शांति बनाए रखने के लिए हमारे बीच एकता दिखाता है।
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर के साथ एडमिरल पापारो आज भारतीय सेना के वेस्टर्न कमांड पहुंचे। भारतीय सेना की इसी कमांड के जिम्मेदारी वाले एरिया में पाकिस्तान बॉर्डर आता है। सोमवार को सर्जियो गोर ने आज दोपहर को ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि ‘अभी-अभी चंडीगढ़ पहुंचा हूं। भारतीय सेना के वेस्टर्न कमांड का दौरा करने के लिए उत्साहित हूं।’ इसके तुरंत बाद उनके दौरे को लेकर चर्चा होने लगी। केरल कांग्रेस के ऑफिशियल ‘एक्स’ हैंडल से लिखा गया कि ‘इतनी घबराहट क्यों? हम पहले ही देख चुके हैं कि पाकिस्तान की इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस को पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन तक पहुंच मिल गई थी। शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने भी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि अब भारत के राष्ट्रीय रणनीतिक हित इस बात से जुड़े नजर आ रहे हैं कि यूएस भारत से क्या चाहता है, इसलिए यह दौरा उसी के अनुरूप लगता है।
अपने भारत दौरे के पहले दिन एडमिरल सैमुअल जे. पापारो जूनियर ने रविवार को कहा था कि नई दिल्ली और वाशिंगटन डीसी दोनों को चीनी हथियारों और टैक्टिक्स के इस्तेमाल के बारे में सबक सीखना है। उन्होंने कई मुद्दों पर बात करते हुए पहलगाम आतंकी हमले को भयानक बताते हुए कहा कि हम मिलकर काम करेंगे, ताकि पहलगाम जैसी घटना दोबारा न हो। मुझे लगता है कि जब हम इस तरह के ऑपरेशन देखते हैं, तो सभी शांति पसंद देश चिंतित हो जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर मुश्किल घड़ी फिर से आती है, तो ऐसी स्थिति से बचें।————–
नई दिल्ली, 16 फरवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो-2026’ का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने एक्सपो में लगी विभिन्न प्रदर्शनियों का अवलोकन किया। साथ ही प्रदर्शित एआई टूल के बारे में जाना।
इस दौरान जियो के चेयरमैन, आकाश अंबानी जियो एआई पवेलियन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हेल्थकेयर, एजुकेशन, कल्चर और स्मार्ट होम सॉल्यूशंस में कंपनी के एआई-लेड ट्रांसफॉर्मेशन को दिखाते हुए नजर आए। प्रधानमंत्री के साथ इलेक्ट्रोनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्वनी वैष्णव भी थे।
भारत मंडपम में आज से इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट- 2026 का शुभारंभ हुआ है। यह पहली बार है जब एआई पर इस स्तर का वैश्विक सम्मेलन किसी विकासशील देश में आयोजित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 19 फरवरी को सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन करेंगे और भाषण देंगे।
सम्मेलन वैश्विक सहयोग और समावेशी एवं जिम्मेदार एआई के लिए भारत के दृष्टिकोण को दिशा देगा। 16 से 20 फरवरी तक चलने वाले पांच दिवसीय शिखर सम्मेलन में 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख तथा 60 मंत्री एवं उपमंत्रियों सहित 100 से अधिक सरकारी प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इसके अलावा, सीईओ, संस्थापक, शिक्षाविद, शोधकर्ता, सीटीओ और परोपकारी संगठनों सहित 500 से अधिक वैश्विक एआई अग्रणी भी इसमें शामिल होंगे।
शिखर सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण, तीन प्रमुख वैश्विक प्रभाव चुनौतियां – एआई फॉर ऑल, एआई बाय हर और युवाआई – फाइनलिस्टों की घोषणा और ग्रैंड फिनाले शोकेस के साथ समाप्त होंगी। समावेशी, जिम्मेदार और विकासोन्मुखी एआई को बढ़ावा देने के लिए डिजाइन की गई ये चुनौतियां राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और वैश्विक विकास उद्देश्यों के अनुरूप स्केलेबल, उच्च-प्रभाव वाले एआई समाधानों को गति देने के लिए शुरू की गई थीं। इन चुनौतियों के लिए मजबूत अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी को दर्शाते हुए 60 से अधिक देशों से 4,650 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए है। इससे जिम्मेदार और स्केलेबल एआई नवाचार के लिए एक विश्वसनीय वैश्विक केंद्र के रूप में भारत के उदय को मजबूत हुई है।
विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और उद्योग जगत के नेताओं द्वारा किए गए गहन बहुस्तरीय मूल्यांकन के बाद, तीनों श्रेणियों में शीर्ष 70 टीमों को फाइनलिस्ट के रूप में चुना गया है। ये 16 और 17 फरवरी को नई दिल्ली के भारत मंडपम और सुषमा स्वराज भवन में आयोजित भव्य समापन समारोह और पुरस्कार वितरण समारोह में अपने समाधान प्रस्तुत करेंगे। फाइनलिस्ट नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के नेताओं, निवेशकों और शिक्षाविदों के साथ जुड़ेंगे और राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर अपने नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए मान्यता और सहयोग प्राप्त करेंगे।
18 फरवरी को हैदराबाद स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के सहयोग से आयोजित एआई और इसके प्रभाव पर अनुसंधान संगोष्ठी, शिखर सम्मेलन का प्रमुख शैक्षणिक मंच है। इस संगोष्ठी में अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका से लगभग 250 शोध प्रस्तुतियां प्राप्त हुई हैं और इसमें एस्टोनिया गणराज्य के राष्ट्रपति श्री अलार कारिस, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद उपस्थित रहेंगे। यह संगोष्ठी विश्व स्तर पर ख्यातिप्राप्त एआई विशेषज्ञों और अग्रणी अनुसंधान संस्थानों को एआई-संचालित वैज्ञानिक खोज, सुरक्षा और शासन ढांचे, कंप्यूटिंग अवसंरचना तक समान पहुंच और वैश्विक दक्षिण में अनुसंधान सहयोग पर विचार-विमर्श करने के लिए एक साथ लाती है।
नई दिल्ली, 16 फरवरी (हि.स.)। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने जेईई मेन 2026 सत्र-1 (पेपर-1 बी.ई./बी.टेक.) का परिणाम सोमवार को घोषित कर दिया। इस वर्ष कुल 12 अभ्यर्थियों ने 100 परसेंटाइल (परफेक्ट एनटीए स्कोर) प्राप्त कर अखिल भारतीय स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल किया है।
एनटीए द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार 100 परसेंटाइल प्राप्त करने वालों में श्रेयस मिश्रा (दिल्ली एनसीटी), नरेंद्रबाबू गारी माहिथ (आंध्र प्रदेश), शुभम कुमार (बिहार), कबीर छिल्लर (राजस्थान), चिरंजीब कर (राजस्थान), भावेश पात्रा (ओडिशा), अनय जैन (हरियाणा), अर्णव गौतम (राजस्थान), पासला मोहित (आंध्र प्रदेश), माधव विरादिया (महाराष्ट्र), पुरोहित निमय (गुजरात) और विवान शरद माहिश्वरी (तेलंगाना) शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि 100 परसेंटाइल लगभग शीर्ष अखिल भारतीय रैंक (एआईआर) की गारंटी माना जाता है और इससे अभ्यर्थियों के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) तथा सरकारी वित्तपोषित तकनीकी संस्थान (जीएफटीआई) जैसे प्रमुख तकनीकी संस्थानों में प्रवेश की संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं। इसके अलावा ये अभ्यर्थी जेईई एडवांस्ड के लिए पात्र हो गए हैं, जो भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) में प्रवेश का मार्ग है।
इस वर्ष राजस्थान से सर्वाधिक तीन अभ्यर्थी 100 परसेंटाइल स्कोरर रहे, जबकि आंध्र प्रदेश से दो अभ्यर्थी शीर्ष सूची में शामिल हुए। अन्य टॉपर दिल्ली (एनसीटी), बिहार, ओडिशा, हरियाणा, महाराष्ट्र, गुजरात और तेलंगाना से हैं।
एनटीए के अनुसार इस वर्ष पेपर-1 (बी.ई./बी.टेक.) के लिए कुल 13,55,293 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 13,04,653 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। इस प्रकार 96.26 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई। परीक्षा जनवरी में देश के 326 शहरों के 658 केंद्रों पर आयोजित की गई, जिनमें 15 अंतरराष्ट्रीय केंद्र भी शामिल थे।
कुल परीक्षार्थियों में 4,49,568 महिलाएं और 8,55,085 पुरुष शामिल थे, जो इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। परीक्षा में सामान्य, सामान्य-ईडब्ल्यूएस, ओबीसी-एनसीएल, एससी और एसटी सहित सभी वर्गों के अभ्यर्थी सम्मिलित हुए।
एनटीए ने बताया कि 68 अभ्यर्थियों का परिणाम अनुचित साधनों के प्रयोग अथवा पहचान सत्यापन में गड़बड़ी के कारण रोका गया है।
एनटीए ने अभ्यर्थियों को आधिकारिक वेबसाइट से अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड करने तथा आगामी सत्र और काउंसलिंग संबंधी सूचनाओं पर नियमित नजर रखने की सलाह दी है।
जेईई मेन देश की प्रमुख इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में से एक है, जिसके माध्यम से केंद्रीय तकनीकी संस्थानों में प्रवेश दिया जाता है तथा जेईई एडवांस्ड के लिए पात्रता निर्धारित की जाती है।
उत्तर प्रदेश में वाराणसी, लखनऊ आजमगढ़ समेत 18 जिलों के जिला न्यायालयाें को बम से उड़ाने की धमकी
अहमदाबाद, 16 फ़रवरी (हि.स.)। गुजरात के कुल 33 स्कूलों को 16 फरवरी सोमवार की सुबह बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिलने से हड़कंप मच गया है। यह धमकी भरा मेल वडोदरा के 18 और अहमदाबाद के 15 स्कूलों को भेजा गया है।उत्तर प्रदेश में वाराणसी, लखनऊ आजमगढ़ समेत 18 जिलों के जिला न्यायालयाें को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इसके बाद जिला और पुलिस प्रशासन ने डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ता ने पूरे परिसराें में सघन चेकिंग अभियान चलाया, लेकिन कोई भी आपत्तिजनक या विस्फाेटक सामग्री नहीं मिली है। न्यायालयाें परिसराें में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
इस ईमेल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को निशाना बनाते हुए आपत्तिजनक बातें लिखी गई हैं, जिसमें “गुजरात खालिस्तान बनेगा” और “हिंदुस्तान के टुकड़े होंगे” जैसी धमकी दी गई है। यह धमकी मिलने के बाद सभी स्कूलों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और अभिभावकों में भी चिंता फैल गई। इस पर तुरंत ही पुलिस, फायर ब्रिगेड, बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की टीमों को मौके पर भेजा गया। एहतियात के तौर पर स्कूलों को खाली कराकर छात्रों को सुरक्षित घर भेजने की व्यवस्था की गई। स्कूल परिसरों और वाहनों की गहन जांच की जा रही है। वडोदरा के उर्मि स्कूल की हॉस्टल को भी सुरक्षा कारणों से खाली कराया गया।
वडोदरा जिला शिक्षा अधिकारी महेश पांडे ने बताया कि शहर और जिले के करीब 18 स्कूलों को ईमेल के माध्यम से बम की धमकी मिलने की जानकारी मिली है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है और सभी बच्चों को सुरक्षित घर भेजा गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने अभिभावकों और स्कूल प्रशासन से अपील की कि वे घबराएं नहीं और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करें। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
वडोदरा पुलिस कमिश्नर नरसिम्हा कोमार ने बताया कि शिक्षकों और छात्रों को सुरक्षित घर भेज दिया गया है। अब तक 9 स्थानों पर जांच पूरी हो चुकी है, जबकि अन्य स्थानों पर जांच जारी है। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर ईमेल के स्रोत और भेजने वाले की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
वडोदरा के इन स्कूलों को धमकी मिली है,
उर्मि स्कूल, समासावली
आत्मीय विद्यालय, अवधूत फाटक, मांजलपुर
डी.आर. अमीन स्कूल, वासणा रोड
नालंदा इंटरनेशनल स्कूल, सेवासी
जेनिथ स्कूल, प्रतापनगर
ऑब्सेलियम स्कूल, मकरपुरा
डॉन बॉस्को स्कूल, मकरपुरा
बिल्ला बॉन्ग स्कूल, वडसर
जीवन साधना स्कूल
जीपीएस (गुजरात पब्लिक स्कूल), वाघोडिया
ब्राइट डे स्कूल
शानेन स्कूल, खोडियारनगर
नवयुग स्कूल
बरौडा हाई स्कूल
एडब्ल्यूएस (एवेलॉन वर्ल्ड स्कूल), डभोई
वाराणसी : बम से उड़ाने की धमकी पर कचहरी परिसर में चला सघन चेकिंग अभियान
वाराणसी, 16 फरवरी (हि.स.)। दो दिन पहले जिला जज के आधिकारिक ईमेल पर कचहरी परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सोमवार को कचहरी खुलते ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। दो दिन अवकाश के बाद आज कार्यदिवस पर पूरे न्यायालय परिसर में डाॅग स्क्वायड एवं बम डिस्पोजल दस्ते ने सघन छानबीन की।
धमकी के बाद कैंट क्षेत्र के एसीपी के नेतृत्व में थाना प्रभारी और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में डॉग स्क्वॉड तथा बम निरोधक दस्ता ने परिसर की गहन तलाशी ली। न्यायालय परिसर के प्रवेश द्वारों से लेकर विभिन्न भवनों और पार्किंग क्षेत्र तक सुरक्षा एजेंसियों ने बारीकी से जांच की। पुलिस अधिकारियों ने परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और आम नागरिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु या गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें। कैंट थाना प्रभारी ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पूर्वाह्न 10:30 बजे से एसीपी कैंट के नेतृत्व में सर्च अभियान चलाया गया। चेकिंग के दौरान बम डिस्पोजल टीम और डॉग स्क्वॉड की मौजूदगी रही।
दरअसल, गुरुवार देर रात लगभग 1:30 बजे जिला जज के आधिकारिक ईमेल पर कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी भरा संदेश मिला था। सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं और एहतियातन परिसर को खाली कराकर तलाशी अभियान चलाया गया था। इससे पहले एसटीएफ और एटीएस की टीमों ने भी न्यायालय परिसर में जांच-पड़ताल की थी। जिला जज संजीव शुक्ला ने सुरक्षा की दृष्टि से अधिवक्ताओं और अन्य संबंधित लोगों से परिसर खाली करने का अनुरोध किया था। फिलहाल पुलिस प्रशासन पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में जुटा है और न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है।
प्रदेश के कई जिलाें के न्यायालयाें काे बम से उड़ाने की धमकी के बाद चला चेकिंग अभियान
लखनऊ, 16 फरवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में वाराणसी, लखनऊ आजमगढ़ समेत 18 जिलों के जिला न्यायालयाें को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इसके बाद जिला और पुलिस प्रशासन ने डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ता ने पूरे परिसराें में सघन चेकिंग अभियान चलाया, लेकिन कोई भी आपत्तिजनक या विस्फाेटक सामग्री नहीं मिली है। न्यायालयाें परिसराें में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
साेमवार काे धमकी का ईमेल मिलने के बाद लखनऊ की वजीरगंज थाना पुलिस ने बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड के साथ पूरे न्यायलय परिसर में चेकिंग अभियान चलाया। कचहरी के प्रत्येक रास्तों पर चेकिंग की गई, लेकिन कोई वस्तु नहीं मिली है। कचहरी परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गये हैं।
इसी तरह वाराणसी में दो दिन पहले जिला जज के आधिकारिक ईमेल पर कचहरी परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सोमवार को कचहरी खुलते ही पूरे न्यायालय परिसर में डाॅग स्क्वायड एवं बम डिस्पोजल दस्ते ने सघन छानबीन की। न्यायालय परिसर के प्रवेश द्वारों से लेकर विभिन्न भवनों और पार्किंग क्षेत्र तक सुरक्षा एजेंसियों ने बारीकी से जांच की। पुलिस अधिकारियों ने परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और आम नागरिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु या गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें। कैंट थाना प्रभारी ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पूर्वाह्न 10:30 बजे से एसीपी कैंट के नेतृत्व में सर्च अभियान चलाया गया।
आजमगढ़ जिले में भी दीवानी न्यायालय परिसर को बम से उड़ाने की धमकी के बाद पुलिस-प्रशासन ने कैंपस को खाली कराकर सघन तलाशी अभियान चलाया। जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि दीवानी न्यायालय कचहरी काे बम से उड़ाने की धमकी ईमेल पर दी गई। एहतियातन ताैर पर पूरे न्यायालय परिसर को तत्काल खाली कराया गया और मौजूद अधिवक्ताओं, कर्मचारियों व फरियादियों को सुरक्षित स्थान से बाहर निकाला गया। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की टीमाें ने हर जगह गहन जांच की, लेकिन काेई संदिग्ध वस्तु अभी मिली नहीं है।
इसके अलावा मेरठ, अलीगढ़ अमरोहा सहित अन्य कई जिलों में भी धमकी के बाद न्यायालय परिसराें में में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया है। धमकी वाले ईमेल की भी जांच के लिए सुरक्षा एजेंसियां और एटीएस, यूपी एसटीएफ सक्रिय है।
मुरादाबाद, 16 फरवरी (हि.स.)। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 17 फरवरी को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर विधानसभा घेराव के लिए लखनऊ जा रहे मुरादाबाद महानगर के कांग्रेस पदाधिकारियों को पुलिस ने रोक लिया। लखनऊ जाने से रोके जाने के विरोध में कांग्रेस पदाधिकारी ने सड़क पर बैठकर धरना देना शुरू कर दिया। पुलिस प्रशासन ने कांग्रेसियों को शांति व्यवस्था का हवाला देते हुए लखनऊ न जाने की हिदायत दी। इसके बाद कांग्रेसियों ने अपना ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा।
मुरादाबाद कांग्रेस महानगर अध्यक्ष जुनैद इकराम ने बताया कि हम सभी कांग्रेस पदाधिकारी आज भूडे का चौराहा स्थित कैंप कार्यालय से लखनऊ के लिए रवाना हो रहे थे। हम सभी को मंगलवार को लखनऊ में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर होने वाले विधानसभा घेराव कार्यक्रम में हिस्सा लेना था। लेकिन पुलिस प्रशासन ने सत्ता के इशारे पर हम लोगों को कैंम्प कार्यालय के बाहर ही गिरफ्तार कर लिया। लखनऊ नहीं जाने दिया। हमारी आवाज को दबाने की कोशिश की। जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार गंभीर नहीं है। इसलिए पार्टी को सड़क पर उतरना पड़ रहा है।
पुलिस अधीक्षक नगर कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि सुरक्षा व शांति की दृष्टि से कांग्रेस के लगभग 35 पदाधिकारियों को लखनऊ जाने से रोका गया है। साथ ही सभी को हिदायत दी गई है कि कोई भी पदाधिकारी लखनऊ जाने की कोशिश न करें।